Wednesday, 13 November 2019, 6:03 PM

ज्योतिष एवं वास्तु

श्राद्ध और गया का महत्व 

Updated on 21 September, 2019, 6:15
पूर्व काल में गया नामक परम वीर्यवान एक असुर हुआ। उसने सभी प्राणियों को संतप्त कर रखा था। देवगण उसके वध की इच्छा से भगवान श्रीहरि विष्णु की शरण में गए। श्रीहरि ने उनसे कहा-आप लोगों का कल्याण होगा, इसका महादेह गिराया जाएगा। देवताओं ने बहुत अच्छा इस प्रकार कहा।... आगे पढ़े

श्रद्धा भाव से किया जाना ही श्राद्ध है 

Updated on 20 September, 2019, 6:30
श्रद्धया इदं श्राद्धम, अर्थात जो श्रद्धा से किया जाये वही श्राद्ध है। श्राद्ध प्रथा वैदिक काल के बाद शुरू हुई और इसके मूल में इसी श्लोक की भावना है। उचित समय पर शास्त्र सम्मत विधि द्वारा पितरों के लिए श्रद्धा भाव से मन्त्रों के साथ जो दान-दक्षिणा आदि दिया जाय... आगे पढ़े

काला कौआ श्राद्ध पक्ष का चहेता 

Updated on 20 September, 2019, 6:15
सूरज निकलते ही घर की मुंडेर पर बैठे कौवों की ‘काँव-काँव’ शुरू हो जाती हैं, जो सूरज ढलने तक जारी रहती हैं। शाम को कौए अपने बसेरे की तरफ उड़ जाते हैं। विष्णु पुराण में श्राद्धपक्ष में भक्ति और विनम्रता से यथाशक्ति भोजन कराने की बात कही गई है। कौए... आगे पढ़े

अपने पास न रखें ये वस्तुएं  

Updated on 19 September, 2019, 7:00
हम अपने पास जेब में कई चीजें रखते हैं जो वास्तु शास्त्र के हिसाब से नुकसानदेह होती हैं। हमारी आर्थिक स्थिति पर इसका विपरीत प्रभाव पडता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसी कई वस्तुएं हैं जिन्हें हमें अपने पास नहीं रखना चाहिये। वास्तु शास्त्र सकारात्मक एवं नकारात्मक ऊर्जा के बारे में... आगे पढ़े

शिवजी को ब्रह्माकपाल में मिली थी, पाप से मुक्ति  

Updated on 19 September, 2019, 6:45
पिंडदान के लिए एक तीर्थ ऐसा भी है जहाँ पर किया पिंडदान गया से भी आठ गुणा फलदायी है, यही नहीं इसी तीर्थ स्थल पर भगवा‌न शिव को भी ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिली थी।चारों धामों में प्रमुख बदरीनाथ के पास स्थित ब्रह्माकपाल के बारे में मान्यता है कि... आगे पढ़े

शयनकक्ष में न रखें डरावनी तस्वीरें व वस्तुएं  

Updated on 19 September, 2019, 6:30
शयनकक्ष आपके घर की वो जगह होती है जहां आप दिन भर की थकान भुलाकर तरोताजा होते हैं। पर कई वस्तुएं रात के समय सिर के पास नहीं होनी चाहिये। वरना नींद में खलल के साथ आपकी रातें भी डरावनी हो जाएंगी।  पर्स या पैसे अक्‍सर देखने को मिलता है कि लोग... आगे पढ़े

पितृपक्ष में पशु-पक्षियों को दें भोजन  

Updated on 19 September, 2019, 6:15
हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पितृपक्ष के 16 दिनों तक हमारे पूर्वज धरती पर आकर हमें आशीर्वाद देते हैं। ये पितृ पशु पक्षियों के माध्यम से हमें देखने आते हैं। जिन जीवों तथा पशु पक्षियों के माध्यम से पितृ आहार ग्रहण करते हैं वो हैं - गाय, कुत्ता, कौवा... आगे पढ़े

पिंडदान क्यों है जरूरी 

Updated on 19 September, 2019, 6:00
सनातन धर्म में 16 दिन पूर्वजों के लिए माने जाते हैं। मान्यता है कि अगर पितरों की आत्मा को मोक्ष नहीं मिला है, तो उनकी आत्मा भटकती रहती है। इससे उनकी संतानों के जीवन में भी कई बाधाएं आती हैं, इसलिए पितरों का पिंडदान जरूरी माना गया है। हिंदू धर्म में... आगे पढ़े

इंद्र की सबसे सुंदर अप्सरा का ऐसे हुआ जन्म, किया यह कारनामा

Updated on 18 September, 2019, 6:30
इंद्र की अनेक अप्सराओं में एक अप्सरा का नाम तिलोत्तमा है। इनका नाम इनके अद्भुत सौंदर्य की वजह से है। इस अद्भुत सौंदर्य वाली अप्सरा के जन्म के पीछे बड़ी ही रोचक कथा है। पुराणों में मौजूद कथाओं में दो घटनाओं में जिक्र मिलता है कि क्यों तिलोत्तमा का जन्म... आगे पढ़े

वस्तु या व्यक्ति की उपयोगिता ही उसे महत्वपूर्ण बनाती है

Updated on 18 September, 2019, 6:15
कविवर रहीम का एक दोहा है- ‘धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पियत अघाय, उदधि बड़ाई कौन है, जगत पियासो जाय।’ रहीम कहते हैं कि कीचड़ के ऊपर ठहरा या तैरता हुआ पानी धन्य है जिसे पीकर छोटे-छोटे जीव अर्थात कीड़े-मकोड़े तृप्त होकर प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन समुद्र... आगे पढ़े

श्राद्धपक्ष : पित्रों के तर्पण का दिवस

Updated on 17 September, 2019, 6:30
पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार श्राद्ध पर्व सितम्बर महीने में अश्विन मास (क्वॉर) के कृष्ण पक्ष से प्रारंभ होते है, हिन्दु मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध पर्व में पितरों का तर्पण किया जाता है, श्राद्ध पक्ष में पुरखों को बैठाया जाता है, तथा पन्द्रह दिन तक उनका शोडषपचार पूजन व उनका भोग... आगे पढ़े

वास्तु शास्त्र के जनक हैं विश्वकर्मा -17 सितम्बर विश्वकर्मा जयंती पर विशेष

Updated on 17 September, 2019, 6:15
विश्व के प्राचीनतम तकनीकी ग्रंथों का रचयिता भी विश्वकर्मा को ही माना गया है। इन ग्रंथों में न केवल भवन वास्तु विद्या, रथादि वाहनों के निर्माण, बल्कि विभिन्न रत्नों के प्रभाव व उपयोग आदि का भी विवरण है। देव शिल्पी के विश्वकर्मा प्रकाश को वास्तु तंत्र का अपूर्व ग्रंथ माना... आगे पढ़े

इन तस्वीरों को लगाकर बेडरूम में बढ़ा सकते हैं प्यार का अहसास

Updated on 16 September, 2019, 6:15
ज्यादातर घर में तस्वीरें और मूर्तियों को सजाकर रखा जाता है, इससे घर आर्कषक लगने लगता है। इसका मतलब होता है कि कोई आपके घर को देखे और तारीफ करे। तस्वीरें घर में लगाने से न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ती है बल्कि वास्तु के अनुसार, कुछ तस्वीरों को सुबह... आगे पढ़े

श्राद्ध-श्रद्धापूर्ण स्मरण : पितरों की पूजा को समर्पित

Updated on 15 September, 2019, 6:15
हिन्दी पंचांग के आश्विन माह के कृष्णपक्ष में श्राद्ध के सोलह दिन भारतीय समाज में पितरों की पूजा के लिए समर्पित हैं। अनन्त चतुर्दशी के दूसरे दिन प्रात:काल स्नान के पश्चात पितरों की पीठ की स्थापना की जाती है। यह पीठ परिवार का कोई भी पुरुष स्थापित कर सकता है।... आगे पढ़े

पितृ पक्ष 2019 : पितृ दोष दूर करने का सबसे सही समय, 4 सरल उपाय करें इन 16 दिनों में

Updated on 14 September, 2019, 6:45
 अस दौरन पितरों के निमित्त श्राद्ध किया जाता है। मान्यता है कि हमारो पूर्वज सूक्ष्म रूप में हम तक पहुंचते हैं। अगर किसी की कुंडली में पितृदोष हो तो यह सबसे उत्तम समय है उससे मुक्ति का। अनिष्टकारी प्रभावों से बचने के लिए श्राद्ध के 16 दिनों में 4 सरल... आगे पढ़े

कालसर्प दोष क्या है? इसके भयानक लक्षण और बचाव, जानिए लाल किताब के उपाय

Updated on 14 September, 2019, 6:30
कुछ विद्वान मानते हैं कि काल सर्प दोष नहीं होता और कुछ इसे मानते हैं। दरअसल राहु और केतु के कारण ही काल सर्प दोष होता है। इसलिए लाल किताब में राहु और केतु के अचूक उपाय बताए गए हैं। आओ जानते हैं काल सर्प दोष के बारे में संक्षिप्त... आगे पढ़े

पार्वण श्राद्ध 

Updated on 13 September, 2019, 6:15
श्राद्ध क्यों : सनातन हिन्दू धर्मावलम्बियों ने पूर्व पुरूषों के प्रति आभार, आदर और श्रद्धा व्यक्त करने के लिए अपने धर्म शास्त्रों के निर्देशानुसार जिस विधि को अपनाया है। उसका नाम है श्राद्ध। श्राद्ध शब्द की उत्पत्ति श्रद्धा से हुई है। पुलस्त्य स्मृति वायु पुराण श्राद्ध तत्व आदि ग्रंथों में... आगे पढ़े

जानिए क्यों गया को कहते हैं 'मोक्ष की धरती', राम-सीता ने भी किया था राजा दशरथ का पिंडदान

Updated on 12 September, 2019, 22:45
गया: बिहार (Bihar) के गया को 'मोक्ष की धरती' भी कहते हैं. मान्यता है कि यहां खासकर पितृ पक्ष में पुरखों के पिंडदान और तर्पण से उन्हें मोक्ष मिलता है. हिंदू धर्म में गया के फल्गु तट पर पिंडदान का खास महत्व बताया गया है. गरुड़ पुराण में भी गया... आगे पढ़े

जल्द पूरा होगा मां वैष्णो देवी के भक्तों का सपना, मंदिर के लिए तैयार हो रहा सोने का द्वार

Updated on 12 September, 2019, 19:49
जम्मू: विश्व भर से सालाना लाखों की संख्या में मां वैष्णो देवी (Vaishno Devi) के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. जल्द ही श्रद्धालुओं (Devotees) को विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल वैष्णो देवी भवन पर मां वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा (cave) के प्रवेश द्वार के स्वर्णिम दर्शन... आगे पढ़े

उंगलियों की दूरी भी बताती है कैसा रहेगा जीवन  

Updated on 12 September, 2019, 10:00
हाथ की रेखाओं के साथ आप उंगलियों से भी आप वर्तमान और भविष्य के बारे में जान सकते हैं। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार,हस्तरेखा में उंगलियों की लंबाई के साथ उनकी बनावट और उनके बीच की दूरी भी इंसान के बारे में बता सकती है। अंगुलियों के बीच का अंतर भविष्य... आगे पढ़े

वास्‍तु से दूर होगी पैसों की तंगी  

Updated on 12 September, 2019, 9:00
घर में आर्थक परेशानी है और मेहनत के बाद भी अगर आपको सफलता नहीं मिल पा रही है तो कहीं न कहीं आपके घर का वास्‍तु भी इसके लिए जिम्‍मेदार हो सकता है। घर के वास्‍तु में बदलाव करने के लिए आपको कोई विशेष बदलाव की जरुरत नहीं है। सामान्य... आगे पढ़े

मनी प्लांट लगाते समय दिशा का ध्यान रखें  

Updated on 12 September, 2019, 8:00
यूं तो हर कोई मनी प्‍लांट अपने घर में लगाता है ताकि घर में आर्थिक रूप से संपन्‍नता हो लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि गलत दिशा में रखा गया मनी प्‍लांट आपको तबा‍ह कर सकता है। आर्थिक रूप से कंगाल बना सकता है। तो अगर आप भी ये पौधा... आगे पढ़े

यहां  ब्रह्मकमल से होता है अभिषेक 

Updated on 12 September, 2019, 7:00
सनातन धर्म में भगवान गणेशजी के जन्म के बारे में अनेक कथाएं प्रचलित हैं। भगवान शिव ने क्रोधवश गणेशजी का सिर धड़ से अलग कर दिया था, बाद में माता पार्वतीजी के कहने पर उन्होंने हाथी का मस्तक लगाया, लेकिन गणेशजी का जो मस्तक कटा था, उसे शिवजी ने एक... आगे पढ़े

 अनंत चतुर्दशी मनाएंगे 12 और 13 सितंबर को 

Updated on 12 September, 2019, 6:15
तिथि में वृद्धि होने से अनंत चतुर्दशी का पर्व 12 और 13 सितंबर को दोनों ही दिन मनाया जाएगा। इतना ही नहीं,  दोनों ही दिन गणेश जी की प्रतिमाएं विसर्जित कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार तीज तिथि उदया में नहीं मनने से यह स्थिति पैदा हुई है।... आगे पढ़े

जहां विराजते हैं जुड़वां भगवान गणेश, गीदम के जंगलों के बीच बना है एक अनोखा मंदिर

Updated on 11 September, 2019, 10:05
नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है. ऐसे में देश के कई राज्यों में मौजूद मशहूर गणेश मंदिरों में भी भक्तों का तांता लगता है. इतना ही नहीं दन प्राची मंदिरों का इतिहास भी कम रोचक नहीं है. ऐसी महिमा है... आगे पढ़े

सिध्दिदायक गजवदन 

Updated on 11 September, 2019, 6:15
जय गणेश गणाधिपति प्रभु , सिध्दिदायक , गजवदन विघ्ननाशक कष्टहारी हे परम आनन्दधन ।। दुखो से संतप्त अतिशय त्रस्त यह संसार है धरा पर नित बढ़ रहा दुखदायियो का भार है । हर हृदय में वेदना , आतंक का अंधियार है उठ गया दुनिया से जैसे मन का ममता प्यार है ।। दीजिये सदबुद्धि का वरदान... आगे पढ़े

तिरुपति बालाजी: दर्शन के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़, एक दिन में आया 2 करोड़ से ज्यादा का चढ़ावा

Updated on 10 September, 2019, 9:55
नई दिल्ली/तिरुमाला: आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के चित्‍तूर (Chittoor) जिले में स्थित भगवान वेंकटेश्‍वर (Lord Venkateswara) के तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) में भक्‍तों का तांता लगा हुआ है. हजारों मील दूर से बालाजी के भक्त प्रभू की एक झलक पाने के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं. ये... आगे पढ़े

फेंगशुई के अनुसार अक्वेरियम में इसलिए रखनी चाहिए 8 मछलियां

Updated on 10 September, 2019, 6:45
घरों में अक्वेरियम रखना तो शुभ माना ही जाता है लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि अक्वेरियम में कितनी म‍छलियों को रखना शुभ होता है? फेंगशुई के अनुसार अक्वेरियम में 8 मछलियों को रखा जाना शुभ होता है। क्‍योंकि नंबर 8 को अनंत नंबर माना जाता है। इसका आशय यह... आगे पढ़े

इस तरह धनवान लोगों के होश ठिकाने लगाए संत कबीर ने

Updated on 10 September, 2019, 6:15
तब संत कबीर दास की ख्याति चारों तरफ फैलती जा रही थी। वह बड़ी सादगी से अपना जीवन जीते थे। एक बार उनके पास कुछ बड़े सेठ आए। उन सेठों ने उनसे कहा, ‘अब आप साधारण व्यक्ति नहीं हैं, हमारे आध्यात्मिक गुरु भी हैं। आपको इस तरह से साधारण वस्त्र... आगे पढ़े

सृष्टि के परम स्वामी कृष्ण

Updated on 10 September, 2019, 6:00
मनुष्य को जानना चाहिए कि भगवान कृष्ण ब्रह्मांड के सभी लोकों के परम स्वामी हैं। वे सृष्टि के पूर्व थे और अपनी सृष्टि से भिन्न हैं। सारे देवता इसी भौतिक जगत में उत्पन्न हुए, किंतु कृष्ण अजन्मा हैं, फलत: वे ब्रह्मा और शिव जैसे देवताओं से भी भिन्न हैं। और... आगे पढ़े