Tuesday, 19 June 2018, 2:27 AM

ज्योतिष एवं वास्तु

ऐसे कंप्यूटर रखेंगे तो हो जाएंगे बर्बाद

Updated on 30 May, 2018, 6:40
कंप्यूटर स्मार्ट फ़ोन तो आजकल हर किसी के घर में देखने को मिलता है। शायद ही कोई एेसा घर होगा जहां कंप्यूटर या स्मार्ट फ़ोन न हो। कंप्यूटर हर काम में मनुष्य की मदद करता है। इतना ही नहीं बल्कि आधुनिक समय में तो यह तक माना जाने लगा है... आगे पढ़े

ऐसे होंठ वाले होतें हैं CHARACTERLESS

Updated on 30 May, 2018, 6:20
सामुद्रिक शास्‍त्र ज्योतिष शास्त्र की महत्वपूर्ण शाखा है। सामुद्रिक शास्‍त्र के आधार पर विभिन्‍न अंगों की सरंचना को देख आप किसी भी जातक के विषय में जान सकते हैं। खूबसूरत होंठ किसी भी अनाकर्षक चेहरे को आकर्षक बना देते हैं। जिससे चेहरे पर चार चांद लग जाते हैं। होंठों से... आगे पढ़े

चीन ने दी मानसरोवर में डुबकी लगाने की इजाजत, श्रद्धालुओं ने सुषमा को कहा शुक्रिया

Updated on 29 May, 2018, 18:16
नई दिल्ली चीनी अधिकारियों ने भारतीय श्रद्धालुओं को कैलाश मानसरोवर झील में डुबकी लगाने की इजाजत दे दी है. श्रद्धालुओं ने मंगलवार को मानसरोवर झील में डुबकी लगाई और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को शुक्रिया भी अदा किया. मानसरोवर झील में श्रद्धालुओं समेत डुबकी लगाने के बाद पुजारी संजीव कृष्ण ठाकुर... आगे पढ़े

इस जड़ी-बूटी ने भगवान राम और लक्ष्मण में भर दी थी ऊर्जा

Updated on 29 May, 2018, 7:00
‘खुदा का शुक्र है कि हमारे साथ सिर्फ जुल्म हो रहा है। ईश्वर ने हमारे हाथों को दूसरे के साथ जुल्म न होने देने के लिए बनाया है।’ यह यह एक साधारण परिवार की महिला के बोल हैं, जो उस समय की ब्रिटिश हुकुमत के जुल्म में भी मुस्कुरा रही... आगे पढ़े

पैरों में पहने जूते-चप्पल कर सकते हैं आपको बर्बाद

Updated on 29 May, 2018, 6:40
पैरों में पहने जूते-चप्पल जीवन में खास भूमिका अदा करते हैं। साफ-चमकते जूते जेंटलमैन व्यक्ति की निशानी माने जाते हैं। क्या आप जानते हैं फूटवियर का संबंध वास्तु और ज्योतिष से भी है। इनसे घर के वातावरण में सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। शास्त्रों में भी इस संदर्भ... आगे पढ़े

इन कार्यों में कभी ना करें अहंकार, वरना व्यर्थ है सब

Updated on 29 May, 2018, 6:40
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु।। गीता 9/9।। अर्थ: हे अर्जुन! कर्म मुझको नहीं बांधते हैं, क्योंकि मैं उन कर्मों में अनासक्त और उदासीन की भांति स्थित हूं। व्याख्या: हम जो भी कर्म शरीर या मन से करते हैं या तो उनका फल तुरंत भोग लेते हैं या उन... आगे पढ़े

इन कार्यों में कभी ना करें अहंकार, वरना व्यर्थ है सब

Updated on 28 May, 2018, 7:00
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु।। गीता 9/9।। अर्थ: हे अर्जुन! कर्म मुझको नहीं बांधते हैं, क्योंकि मैं उन कर्मों में अनासक्त और उदासीन की भांति स्थित हूं। व्याख्या: हम जो भी कर्म शरीर या मन से करते हैं या तो उनका फल तुरंत भोग लेते हैं या उन... आगे पढ़े

पूजा से संबंधित 30 नियमों का जरूर करें पालन

Updated on 28 May, 2018, 6:40
सुखी और समृद्ध जीवन के लिए देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस परंपरा को निभाते हैं। पूजन से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन भी किया जाना चाहिए।... आगे पढ़े

अगर आप भी बुलाना चाहते हैं परियों को अपने घर, ये करना न भूलें

Updated on 28 May, 2018, 6:20
परियों की कहानियां तो बचपन से आपने दादी-नानी से सुनी होंगी। कहीं न कहीं उनसे मिलने की मन में इच्छा भी होती होगी। ये भी कहा जाता है परियां देवलोक से आती हैं और अपने मनपसंद व्यक्ति को उसका मनचाहा उपहार देकर जाती हैं। क्या आप जानते हैं परियां सकारात्‍मक... आगे पढ़े

जानें, ऐसे आपके आसपास भटकती है मौत

Updated on 27 May, 2018, 9:00
उस दिन भरत महाराज अपने दरबार में बैठे थे। दरबार में प्रजा पर लगने वाले कर पर चर्चा हो रही थी। उसी वक्त एक व्यक्ति दरबार में आया और महाराज भरत से पूछने लगा, ‘‘महाराज, आप इतने बड़े साम्राज्य का संचालन करते हुए भी जीवन में निर्लिप्त भाव से कैसे... आगे पढ़े

रमजान में इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बड़ा पुण्य

Updated on 27 May, 2018, 7:00
अरबी भाषा में रोजे का शाब्दिक अर्थ रुक जाने को हैं। ‘सुरह बकरा’ में की आयत नंबर 183 में वर्णन है कि अल्लाह ने पिछली उम्मतों की तरह हजरत मोहम्मद साहब की उम्मत पर भी रोजा फर्ज किया है। मोहम्मद साहब ने बताया था कि इस्लाम की नींव पांच चीजों... आगे पढ़े

एक चुटकी नमक करेगा मालामाल

Updated on 27 May, 2018, 6:40
नमक का प्रयोग खाने में तो होता है, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि वास्तु के अनुसार नमक का प्रयोग घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए भी किया जाता है। इसके साथ ही नमक का इस्तेमाल ऩर दोष उतारने के लिए भी किया जाता है।... आगे पढ़े

मां पद्मिनी को करना है ख़ुश तो न करें इस चीज़ का सेवन

Updated on 27 May, 2018, 6:20
कमला एकादशी को सभी एकादशियों से ज्यादा महत्व होता है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। यह एकादशी हर साल नहीं आती बल्कि 3 साल में एक बार पड़ती है। इस बार की एकादशी का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि इस बार इस दिन... आगे पढ़े

मथुरा: द्वारकाधीश कृष्ण की 27 मई को होगी शादी

Updated on 26 May, 2018, 7:00
मथुरा: सत्ताइस मई को द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य देवता भगवान कृष्ण और देवी रुक्मिणी का शाही विवाह होगा तथा अन्य पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ बारात भी आएगी। आयोजन समिति के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने कहा, ‘‘न केवल द्वारकाधीश मंदिर के... आगे पढ़े

बुलबुले उड़ाएं मनचाहा Life partner पाएं

Updated on 26 May, 2018, 6:40
प्यार का मारा व्यक्ति अपने प्यार को पाने के लिए कुछ भी कर गुज़रने को तैयार रहता है क्योंकि जीवन की एक मूलभूत ज़रूरत है प्यार, इसके बिना जीवन नीरस, बेरंग ही लगता है। ज्योतिष शास्त्र में एेसे कई उपाय बताए हैं जिसे अपनाने से दाम्पत्य जीवन के संबंधों में... आगे पढ़े

कौन हैं भगवान विष्णु का असली Love mate

Updated on 25 May, 2018, 9:00
एक बार की बात है भगवान नारायण वैकुण्ठलोक में सोये हुए थे। उन्होंने स्वप्न में देखा कि करोड़ों चन्द्रमाओं की कांतिवाले, त्रिशूल-डमरू-धारी त्रिलोचन भगवान शिव प्रेम और आनंदित होकर उनके सामने नृत्य कर रहे हैं। उन्हें देखकर भगवान विष्णु हर्ष से गद्‍गद्‍ हो उठे और अचानक उठकर बैठ गए, और... आगे पढ़े

डिप्रेशन से परेशान हैं तो वास्‍तु के इन उपायों को आजमाकर देखें

Updated on 25 May, 2018, 6:40
आजकल भागदौड़ वाली जिंदगी और काम के प्रेशर के चलते लोग न चाहते हुए भी कई बार डिप्रेशन (अवसाद) के शिकार हो ही जाते हैं। डिप्रेशन का सबसे बेहतर उपचार होता है योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना। इसके साथ ही वास्‍तु के कुछ उपाय भी डिप्रेशन को दूर... आगे पढ़े

यमराज ने बताया, इस तरह जिंदगी भर रह सकते हैं खुश

Updated on 24 May, 2018, 7:00
श्री श्री आनन्दमूर्ति वास्तव में आध्यात्मिक साधकों के लिए यह प्रथम और अंतिम सूत्र है, बहुतों को एक के रूप में देखना। पदार्थ विज्ञान विश्लेषणात्मक है। इसलिए पदार्थ पर शोध और अनुसंधान बाहर से होता है। किंतु जो एक है, उस क्षेत्र में अनुसंधान करने के लिए और उसका आध्यात्मिक अर्थ... आगे पढ़े

अगर प्‍लान कर रहे हैं रेस्ट्रॉन्ट बिजनस तो वास्‍तु से जुड़ी ये बातें हैं काम की

Updated on 24 May, 2018, 6:40
रेस्ट्रॉन्ट का प्रवेश द्वार पश्चिम दिशा में होना चाहिए। प्रवेश द्वार साफ-सुथरा और आकर्षक रखें क्‍योंकि चाहे अतिथि हो या सफलता, समृद्धि, सकारात्‍मक ऊर्जा, सब कुछ प्रवेश द्वार के माध्‍यम से ही आता है। प्रवेश द्वार पर महकवाले फूलों के गुलदस्‍ते सकारात्‍मक ऊर्जा को आ‍कर्षित करते हैं। रिसेप्‍शन या कैश काउंटर... आगे पढ़े

सुकन्या ने ऐसे बनाया बूढ़े अंधे पति को जवान और रूपवान

Updated on 23 May, 2018, 7:00
यह कहानी बहुत ही अजब-गजब है। इस कहानी में एक ऐसे पुरुष की प्रेम कथा है जो बूढ़ा और शारीरिक रूप से कमजोर हो चुका है। इनके जीवन में एक दिन एक ऐसी घटना होती है कि अत्यंत रूपवती कन्या जिसका नाम सुकन्या है वह इनकी पत्नी बनकर आ जाती।... आगे पढ़े

वासुदेव ने बताई स्त्री की असल पहचान

Updated on 23 May, 2018, 6:40
एक बार सत्यभामा ने श्री कृष्ण से पूछा, ‘‘मैं आपको कैसी लगती हूं?’’  श्री कृष्ण बोले, ‘‘नमक जैसी लगती हो।’’  इस तुलना को सुनकर सत्यभामा क्रोधित हो गईं। तुलना की भी तो किससे? श्री कृष्ण ने किसी तरह सत्यभामा को मना लिया और उनका गुस्सा शांत किया। कुछ दिन पश्चात श्री कृष्ण... आगे पढ़े

आपकी खुशियों का क्या है चाइनीज कनेक्शन

Updated on 23 May, 2018, 6:20
फेंगशुई में विंड चाइम को खुशहाली लाने वाली ध्वनि तरंगों का साधन माना गया है। यह घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला खूबसूरत शोपीस है। इसकी ध्वनि से घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसलिए इसे लगाने से पहले इन बातों का ध्यान जरूर रखें- विंड चाइम हमेशा खोखली... आगे पढ़े

ज्येष्ठ के चैथे बड़े मंगल पर बजरंग बली के जयकारों से गूंजायमान हुआ जनपद जगह-जगह स्टाॅल लगाकर बांटा

Updated on 22 May, 2018, 21:00
बाराबंकी  ज्येष्ठ के चैथे बड़े मंगल पर पूरे जनपद में धूम रही। हनुमान मंदिरो पर लाखो की संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना करके प्रसाद चढ़ाया और भक्तों ने भण्डारा करके प्रसाद बांटा। शहर से लेकर ग्रामीण कस्बो में भी भक्तों ने जमकर बजरंग बली के जयकारे लगाये। जनपद की... आगे पढ़े

यहां अंजनी मां की गोद में विराजमान हैं हनुमान, नवाब ने भी झुकाया था सिर

Updated on 22 May, 2018, 16:00
वैसे तो देशभर में कई जगह हनुमान जी की प्रतिमाएं हैं। मगर, हनुमान के सबसे छोटे रूप के दर्शन करने हों, तो रामजी की नगरी अयोध्या में आना होगा। रामभक्त बजरंगबली के सबसे छोटे रूप के दर्शन करने के लिए सरयू नदी के तट पर हनुमान गढ़ी मंदिर आपको 76... आगे पढ़े

इसलिए बार-बार जन्म-मृत्यु के चक्कर काटने पड़ते हैं

Updated on 22 May, 2018, 9:00
श्री भक्ति विचार विष्णु महाराज मनुष्य मरणशील है, फिर क्यों वह सदा जीने, अधिक से अधिक ज्ञान अथवा हमेशा सुख पाने की इच्छा करता है? दूसरे शब्दों में कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता, मूर्ख नहीं कहलवाना चाहता और न ही किसी प्रकार का दुख चाहता है। ऐसा क्यों? आमतौर पर देखा जाता... आगे पढ़े

8 जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू, जानिए मानसरोवर की 7 रोचक बातें

Updated on 22 May, 2018, 7:00
दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा 8 जून से शुरू हो रही है। पुराणों के अनुसार, यहां शिवजी का स्थायी निवास होने के कारण इस स्थान को 12 ज्येतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हर साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने हज़ारों साधु-संत, श्रद्धालु, दार्शनिक यहां इकट्ठे... आगे पढ़े

घर में रखें नारायण से जुड़ी ये चीज़, Problems होंगी उड़न छू

Updated on 22 May, 2018, 6:40
पिछले कुछ वर्षों से देश-विदेश में चीनी वास्तुशास्त्र का प्रचलन बहुत बढ़ता जा रहा है। फेंगशुई शब्द दो चीनी शब्दों के जोड़ से बना है जिनका अर्थ है वायु व जल। अर्थात वायु तथा जल से संबंधित वस्तुएं से घर आदि में सुख-समृद्धि लायी जा सकती है। फेंगशुई के अनुसार... आगे पढ़े

पैसों से जुड़ी समस्याओं के समाधन के लिए करें कौड़ी के उपाय

Updated on 22 May, 2018, 6:20
ज्योतिष शास्त्र में अनेक चीजों का प्रयोग किया जाता है। ऐसी ही एक चीज है कौड़ी। यह समुद्र से निकलती हैं और सजावट के काम भी आती है। मगर, क्या आपको पता है कि धन प्राप्ति के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, लक्ष्मी समुद्र से... आगे पढ़े

समुद्र मंथन से निकली 5 कन्याएं, किसे कौन मिलीं

Updated on 21 May, 2018, 9:00
समुद्र मंथन पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है जिसमें देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र का मंथन किया था। इस मंथन के दौरान जहां एक तरह हलाहल विष निकला तो वहीं दूसरी तरफ अमृत भी निकला। इस मंथन में 5 कन्याओं समेत 14 रत्न भी निकले थे। आइए... आगे पढ़े

गीता में बताया गया है इस तरह इकट्ठा होता है हमारे कर्मों का लेखा-जोखा

Updated on 21 May, 2018, 8:20
सुरक्षित गोस्वामी प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य विसृजामि पुन: पुन:| भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात्|| गीता 9/8|| अर्थ: अपनी प्रकृति को वश में करके जो प्रकृति के वश में होने के कारण परतंत्र हैं, उन सब भूतसमुदाय को पुनः-पुनः उत्पन्न करता हूं। व्याख्या: जो भी कर्म हम करते हैं, उसका लेखा-जोखा हमारे चित्त में इकट्ठा हो जाता है, क्योंकि... आगे पढ़े