Tuesday, 19 June 2018, 2:34 AM

धर्म कर्म

नाथू ला से 500 यात्री जाएंगे कैलाश मानसरोवर

Updated on 8 May, 2018, 18:45
नई दिल्ली। इस बार कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर 1580 श्रद्धालु जाएंगे, जिनमें 500 यात्री नाथू ला के सड़क मार्ग से जाएंगे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने मंगलवार को यहां विदेश मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में कैलाश मानसरोवर यात्रियों का कम्प्यूटर से ड्रॉ निकाला।  उन्होंने बताया 1080 यात्री 60-60 के... आगे पढ़े

सिसकियां लेता स्वर्ग लोक, सुनिए पुकार

Updated on 8 May, 2018, 7:00
वनवास अवधि में राम, लक्ष्मण तथा सीता अनेक ऋषि-मुनियों से मिले। उस अवधि में राम तथा तपस्वियों के मध्य विभिन्न विषयों पर जो वार्तालाप हुआ वह जीवन-दर्शन का श्रेष्ठ पैमाना है। इसी क्रम में राम ऋषि शरभंग के आश्रम पहुंचे। शरभंग की मानव देह का अंत निश्चित था। उन्होंने अपनी... आगे पढ़े

ज्योतिष की चेतावनी: 8-13 मई तक बरतें सावधानी

Updated on 8 May, 2018, 6:20
ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र होते हैं। इन 27 नक्षत्रों में से अन्तिम 5 नक्षत्र  ‘धनिष्ठा’, ‘शतभिषा’, ‘पूर्वा भाद्रपद’, ‘उत्तरा भाद्रपद’ एवं ‘रेवती’ ये दूषित नक्षत्रों की श्रेणी में आते हैं। प्रत्येक नक्षत्र में 4 चरण होते हैं इसलिए धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण से लेकर रेवती नक्षत्र के चतुर्थ... आगे पढ़े

सबको समय से मिलता है कर्मों का फल

Updated on 7 May, 2018, 9:00
एक बार देवर्षि नारद बैकुंठ धाम गए। प्रणाम निवेदित करने के बाद नारद जी ने श्रीहरि से कहा, ‘‘प्रभु, पृथ्वी पर अब आपका प्रभाव कम होता जा रहा है। धर्म पर चलने वालों को कोई अच्छा फल नहीं मिल रहा, जो पाप कर रहे हैं उनका भला हो रहा है।’’ तब... आगे पढ़े

गार्गी : भारतीय परंपरा की स्त्री दार्शनिक

Updated on 7 May, 2018, 7:00
प्राचीन भारत में ईसापूर्व चौथी शताब्दी में जब हमारे यहां दार्शनिक विषयों का अध्ययन-मनन प्रमुखता से होने लगा था, तब कई स्त्रियों ने अपना जीवन अध्ययन और ज्ञानार्जन को समर्पित किया था। उस युग में स्त्रियां वैदिक और दर्शन आदि की शिक्षा के अतिरिक्त गणित, वैद्यक, संगीत, नृत्य और शिल्प आदि... आगे पढ़े

जानें, दुनियां का सबसे बड़ा दानवीर कौन

Updated on 6 May, 2018, 7:00
दान तन, मन, धन से होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि धन होने से दान हो। अगर आपके द्वारा दिल से किसी के प्रति सहानुभूति दी जाती है या शारीरिक मदद दी जाती है तो उसे भी दान माना जाता है। दान देने की प्रक्रिया उस मनुष्य में ज्यादा... आगे पढ़े

CCTV से भी तेज हैं ये देव

Updated on 6 May, 2018, 6:20
यस्तिष्ठति चरति यश्च वञ्जति यो निठ्ठायं चरित य: प्रतंकम्। द्वौ सन्निषद्य यंमंत्रयेते राजा तद् वेद वरुणस्तृतीय:।। पाप से वास्तव में डरने वाले मनुष्य संसार में विरले ही होते हैं। प्राय: लोग पाप करने से नहीं डरते, किन्तु पापी समझे जानें से डरते हैं। जहां कोई देखने वाला न हो वहां अपने... आगे पढ़े

कोई नहीं तोड़ पाएगा इस वशीकरण की काट

Updated on 5 May, 2018, 7:00
किसी विचारक ने कहा है कि किसी भी समस्या से संवाद का विकल्प हमेशा खुला रखें ताकि जब भी संभव हो समाधान का एक रास्ता खुला रहे। सवाद से बड़े से बड़ा हल निकाला जाता है। किसी गांव में एक भेडि़ए का बड़ा आतंक था। अक्सर भेडिय़ा लोगों को अपना... आगे पढ़े

तंत्र मंत्र की शक्ति भी होगी Fail

Updated on 5 May, 2018, 6:20
संसार में एकमात्र भक्ति है जो लोक-परलोक में साथ निभाती है। शास्त्रों में भक्तों और भगवान की बहुत सारी मधुर कथाएं हैं। जिनसे पता लगता है की भगवान भी अपने भक्तों के दास बनकर रहते हैं। भक्तों में हनुमान जी का नाम सबसे ऊपर है। वह चिरंजवी हैं, अष्ट सिद्धि... आगे पढ़े

संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर थे गुरु द्रोणाचार्य

Updated on 4 May, 2018, 9:00
संसार के श्रेष्ठ धनुर्धर द्रोणाचार्य भरद्वाज मुनि के पुत्र थे। महाराज द्रुपद इनके बचपन के मित्र थे। भरद्वाज मुनि के आश्रम में द्रुपद भी द्रोण के साथ ही विद्याध्ययन करते थे। भरद्वाज मुनि के शरीरान्त होने के बाद द्रोण वहीं रहकर तपस्या करने लगे। वेद-वेदांगों में पारंगत तथा तपस्या के... आगे पढ़े

सच हो रही हैं पुराणों में लिखी ये बातें, जानें क्या-क्या होनेवाला है

Updated on 4 May, 2018, 7:00
रामायण और पुराणों में कलियुग को लेकर जो भविष्यवाणियां की गई हैं, उनमें कुछ तो अब सच बनकर सामने आ रही हैं और कुछ के सच होने के संकेत मिलने लगे हैं। ये भविष्यवाणियां ऐसी हैं, जिन्हें जानकर यकीनन आप हैरान रह जाएंगे... कलयुग में कल-कारखानों अर्थात मशीनरी और उद्योगों का... आगे पढ़े

महाभारत का ये पात्र आज भी है जीवित

Updated on 3 May, 2018, 7:00
महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था। पांडव पक्ष के लोग विजय की खुशी में सुख की निद्रा में लीन थे। उनकी ऐसी धारणा थी कि कौरव पक्ष का एक भी व्यक्ति शेष न रहने के कारण युद्ध समाप्त हो चुका है किंतु यह उनकी भूल थी। कौरव पक्ष का... आगे पढ़े

श्री कृष्ण और सुदामा की दोस्ती का प्रतीक है ये मंदिर

Updated on 2 May, 2018, 9:00
भारत में बहुत से कृष्ण मंदिर स्थापित हैं, जिनकी विभिन्न मान्यताएं हैं। इन मंदिरों में उनके साथ उनकी प्राणप्रिया राधारानी या उनकी पत्नी देवी रूकमणी के दर्शन किए जा सकते हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन से कुछ दूरी पर नारायण धाम मंदिर स्थित है। वहां के स्थानीय लोगों का कहना... आगे पढ़े

छोटी सी इलायची के बड़े कमाल

Updated on 2 May, 2018, 7:00
छोटी सी इलायची भोजन में सुगन्ध और स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। क्या आप जानते हैं इलायची केवल जायका बढ़ाने में ही नहीं बल्कि व्यक्ति के बंद भाग्य के भी सभी रास्ते खोलने में मदद करती है। तो आईए आज हम आपको इलायची के कुछ... आगे पढ़े

नारद जयंती: हर युग में रहे देवों-दानवों के प्यारे

Updated on 2 May, 2018, 6:20
‘नार’ शब्द का अर्थ जल है। यह सबको जलदान, ज्ञानदान करने एवं तर्पण करने में निपुण होने की वजह से नारद कहलाए। सनकादिक ऋषियों के साथ भी नारद जी का उल्लेख आता है। भगवान सत्यनारायण की कथा में भी उनका उल्लेख है। नारद अनेक कलाओं में निपुण माने जाते हैं।... आगे पढ़े

केदारनाथ यात्रा यानी आस्‍था और प्रृकृति का अद्भुत दर्शन

Updated on 1 May, 2018, 7:00
केदारनाथ यात्रा आस्‍था और रोमांच का बेजोड़ संगम है। 29 अप्रैल, रविवार को केदारनाथ के कपाट खुल चुके हैं। अगर आप भी केदारनाथ की यात्रा पर जाने का मन बना रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी काम की बातें जो आपकी यात्रा को और भी बेहतर... आगे पढ़े

बुद्ध पूर्णिमा: जब राजकुमार सिद्धार्थ बन गए 'बुद्ध'

Updated on 30 April, 2018, 12:00
बुद्ध पूर्णिमा दिवस भगवान बुद्ध की बुद्धत्व की प्राप्ति हेतु मनाया जाता है. इस दिन को बौद्ध धर्म के लोग ही नहीं, बल्कि हिंदू धर्म के लोग भी धूमधाम से मनाते हैं. दरअसल, हिंदू धर्म के अनुसार बुद्ध भगवान, भगवान विष्णु के 9वें अवतार हैं, इसलिए यह पर्व हिन्दू धर्मावलंबियों... आगे पढ़े

केदारनाथ के बाद आज खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

Updated on 30 April, 2018, 9:00
चमौलीबद्रीनाथ उत्तराखंड में गढ़वाल के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित चारों धामों में सबसे प्रमुख बद्रीनाथ के कपाट आज सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. सुबह करीब साढ़े चार बजे पट खुलने के साथ ही भक्तों ने अपने भगवान के दर्शन का सिलसिला शुरू कर दिया. जयकारों के... आगे पढ़े

भगवान बुद्ध का अस्थि कलश पहुंचा श्रीलंका, श्रद्धालु तीन दिन करेंगे दर्शन

Updated on 30 April, 2018, 7:00
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के सारनाथ के महाबोधि मंदिर में रखा भगवान बुद्ध का अस्थि अवशेष कलश श्रीलंका भेजा गया है, जहां उनके अनुयायी एवं अन्य श्रद्धालु कल बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में उसका दर्शन करेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी डॉ नीरज सक्सेना ने आज यहां... आगे पढ़े

कूर्मा जयंती 2018: जानें क्यों समुद्र मंथन के लिए भगवान विष्णु को लेना पड़ा अवतार

Updated on 29 April, 2018, 12:30
कूर्मा जयंती प्रत्येक वर्ष वैशाख मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है, इस वर्ष 29 अप्रैल को है।मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने कूर्मा अवतार लिया था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कूर्मा अवतार को विष्णु का दूसरा अवतार माना जाता है। पद्मपुराण के ब्रह्मखंड में यह वर्णन मिलता है... आगे पढ़े

जानें, भगवान क्यों बने कछुआ

Updated on 29 April, 2018, 9:00
शास्त्रानुसार असुरों के राजा दैत्यराज बलि के काल में असुर, दैत्य और दानव बहुत शक्तिशाली हो गए थे क्योंकि उन्हें दैत्य गुरु शुक्राचार्य की भी महाशक्ति प्राप्त थी। देवता लोग दैत्यों की बढ़ रही शक्ति से बहुत परेशान थे। देवताओं के राजा देवराज इन्द्र भी दैत्यों का कुछ नहीं बिगाड़... आगे पढ़े

केदारनाथ के खुले कपाट, 20 क्विंटल फूलों से सजा धाम, हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

Updated on 29 April, 2018, 9:00
केदारनाथ उत्तराखंड स्थित केदारनाथ धाम के कपाट रविवार की सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. पुजारियों के मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं के जयकारे के बीच छह महीने बाद केदरानाथ के कपाट खोले गए. कपाट खुलने के बाद मंदिर में पूजा अर्चना की गई, उसके बाद भगवान शिव के दर्शन शुरू... आगे पढ़े

सुबह सवा 6 बजे खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, 5 हजार श्रद्धालु पहुंचे

Updated on 29 April, 2018, 1:00
रुद्रप्रयाग। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बीच उत्साह और उल्लास के बीच बाबा केदार के जयकारों के साथ उत्सव डोली केदारनाथ धाम पहुंची। सुबह छह बजकर 15 मिनट पर धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।... आगे पढ़े

बुराई का त्याग ही ईश्वर की प्राप्ति है

Updated on 28 April, 2018, 7:00
एक बार स्वामी रामकृष्ण से एक साधक ने पूछा, ‘‘मैं हमेशा भगवान का नाम लेता रहता हूं, भजन-कीर्तन करता हूं, ध्यान लगाता हूं, फिर भी मेरे मन में कुविचार क्यों उठते हैं?’’  यह सुनकर स्वामी जी मुस्कुराए। उन्होंने साधक को समझाने के लिए एक किस्सा सुनाया। एक आदमी ने एक कुत्ता... आगे पढ़े

क्या आप भी इंद्र बनना चाहते हैं

Updated on 27 April, 2018, 9:00
आत्रेय महर्षि अत्रि के पुत्र थे। महर्षि अत्रि महाराजा पृथु से धन प्राप्त कर उसे पुत्रों को देकर स्वयं वानप्रस्थ आश्रम में चले गए। उनके पुत्र आत्रेय तपोवन में आश्रम बनाकर अपनी पत्नी के साथ तपस्वी जैसा जीवन बिता रहे थे। एक बार वह कुछ ऋषियों के साथ देवलोक की राजधानी... आगे पढ़े

इस काम से लक्ष्मी कभी नहीं छोड़ेंगी आपका साथ

Updated on 27 April, 2018, 7:00
हर घर में भगवान के लिए छोटा सा स्थान रखा जाता है, जिसे मंदिर कहा जाता है। वहां अपने इष्ट को स्थापित कर सुबह-शाम उनका विधि-विधान से पूजन किया जाता है। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को खुश करने के लिए बहुत सारे कर्मकांडों का सहारा लिया जाता है जैसे हवन,... आगे पढ़े

प्रेम में धोखा मिलने पर संन्यासी बन गए थे ये शूरवीर राजा

Updated on 26 April, 2018, 7:00
उज्जैन शहर को प्राचीन काल में उज्जयिनी नाम से जाना जाता था। यह शहर सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी था। विक्रमादित्य भारतीय इतिहास के परम प्रतापी राजाओं में से एक हैं। लेकिन इनके हाथ में राज्य की बागडोर इनके बड़े भाई भर्तहरि के सन्यास लेने के बाद आई। इनके पिता महाराजा... आगे पढ़े

एक तस्वीर जो बदल देगी आपकी जिंदगी

Updated on 25 April, 2018, 9:00
वास्तु शास्त्रियों के अनुसार पक्षी शुभता के प्रतीक हैं। माना जाता है कि इनमें अनिष्ट करने वाले तत्वों को काबू करने की शक्तियां होती हैं, इसलिए इनकी दृष्टि को बहुत शुभ माना जाता है। घर व दुकान में पक्षियों के चित्र आदि लगाने से सफलता के मार्ग में आने वाली... आगे पढ़े

चावल के ये उपाय, दरिद्रता को कहेंगे बॉय-बाॅय

Updated on 25 April, 2018, 7:00
शास्त्रों के अनुसार जब भी कोई पूजन किया जाता है तो उसमें मुख्य रूप से गुलाल, मौली, सिंदूर, हल्दी, अबीर, अक्षत आदि प्रयोग में लाए जाते हैं। इस लेख में हम बात करेंगे अक्षत यानि चावलों की, आईए जानें पूजन सामग्री में उनका क्या महत्व है? अक्षत यानि चावल। अक्षत... आगे पढ़े

रत्नों से बनें लकी और धनी

Updated on 24 April, 2018, 7:00
कुंडली के अनुसार रत्न धारण करना सदा लाभप्रद होता है। रत्न धारण करते समय लग्न कुंडली, ग्रहदशा, अन्तर्दशा का भी ध्यान रखना चाहिए। साधारणत: लग्न कुंडली में शुभ भावों के ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही रत्न धारण करें। रत्नों के प्रभाव को लेकर प्राचीन समय से ही बहुत मान्यताएं... आगे पढ़े