Thursday, 20 September 2018, 11:26 PM

धर्म कर्म

इन कार्यों में कभी ना करें अहंकार, वरना व्यर्थ है सब

Updated on 29 May, 2018, 6:40
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु।। गीता 9/9।। अर्थ: हे अर्जुन! कर्म मुझको नहीं बांधते हैं, क्योंकि मैं उन कर्मों में अनासक्त और उदासीन की भांति स्थित हूं। व्याख्या: हम जो भी कर्म शरीर या मन से करते हैं या तो उनका फल तुरंत भोग लेते हैं या उन... आगे पढ़े

इन कार्यों में कभी ना करें अहंकार, वरना व्यर्थ है सब

Updated on 28 May, 2018, 7:00
न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय। उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु।। गीता 9/9।। अर्थ: हे अर्जुन! कर्म मुझको नहीं बांधते हैं, क्योंकि मैं उन कर्मों में अनासक्त और उदासीन की भांति स्थित हूं। व्याख्या: हम जो भी कर्म शरीर या मन से करते हैं या तो उनका फल तुरंत भोग लेते हैं या उन... आगे पढ़े

पूजा से संबंधित 30 नियमों का जरूर करें पालन

Updated on 28 May, 2018, 6:40
सुखी और समृद्ध जीवन के लिए देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस परंपरा को निभाते हैं। पूजन से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन भी किया जाना चाहिए।... आगे पढ़े

जानें, ऐसे आपके आसपास भटकती है मौत

Updated on 27 May, 2018, 9:00
उस दिन भरत महाराज अपने दरबार में बैठे थे। दरबार में प्रजा पर लगने वाले कर पर चर्चा हो रही थी। उसी वक्त एक व्यक्ति दरबार में आया और महाराज भरत से पूछने लगा, ‘‘महाराज, आप इतने बड़े साम्राज्य का संचालन करते हुए भी जीवन में निर्लिप्त भाव से कैसे... आगे पढ़े

रमजान में इन बातों का रखें ध्यान, मिलेगा बड़ा पुण्य

Updated on 27 May, 2018, 7:00
अरबी भाषा में रोजे का शाब्दिक अर्थ रुक जाने को हैं। ‘सुरह बकरा’ में की आयत नंबर 183 में वर्णन है कि अल्लाह ने पिछली उम्मतों की तरह हजरत मोहम्मद साहब की उम्मत पर भी रोजा फर्ज किया है। मोहम्मद साहब ने बताया था कि इस्लाम की नींव पांच चीजों... आगे पढ़े

मां पद्मिनी को करना है ख़ुश तो न करें इस चीज़ का सेवन

Updated on 27 May, 2018, 6:20
कमला एकादशी को सभी एकादशियों से ज्यादा महत्व होता है। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। यह एकादशी हर साल नहीं आती बल्कि 3 साल में एक बार पड़ती है। इस बार की एकादशी का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि इस बार इस दिन... आगे पढ़े

मथुरा: द्वारकाधीश कृष्ण की 27 मई को होगी शादी

Updated on 26 May, 2018, 7:00
मथुरा: सत्ताइस मई को द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य देवता भगवान कृष्ण और देवी रुक्मिणी का शाही विवाह होगा तथा अन्य पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ बारात भी आएगी। आयोजन समिति के एक पदाधिकारी ने यह जानकारी दी। गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल ने कहा, ‘‘न केवल द्वारकाधीश मंदिर के... आगे पढ़े

कौन हैं भगवान विष्णु का असली Love mate

Updated on 25 May, 2018, 9:00
एक बार की बात है भगवान नारायण वैकुण्ठलोक में सोये हुए थे। उन्होंने स्वप्न में देखा कि करोड़ों चन्द्रमाओं की कांतिवाले, त्रिशूल-डमरू-धारी त्रिलोचन भगवान शिव प्रेम और आनंदित होकर उनके सामने नृत्य कर रहे हैं। उन्हें देखकर भगवान विष्णु हर्ष से गद्‍गद्‍ हो उठे और अचानक उठकर बैठ गए, और... आगे पढ़े

यमराज ने बताया, इस तरह जिंदगी भर रह सकते हैं खुश

Updated on 24 May, 2018, 7:00
श्री श्री आनन्दमूर्ति वास्तव में आध्यात्मिक साधकों के लिए यह प्रथम और अंतिम सूत्र है, बहुतों को एक के रूप में देखना। पदार्थ विज्ञान विश्लेषणात्मक है। इसलिए पदार्थ पर शोध और अनुसंधान बाहर से होता है। किंतु जो एक है, उस क्षेत्र में अनुसंधान करने के लिए और उसका आध्यात्मिक अर्थ... आगे पढ़े

सुकन्या ने ऐसे बनाया बूढ़े अंधे पति को जवान और रूपवान

Updated on 23 May, 2018, 7:00
यह कहानी बहुत ही अजब-गजब है। इस कहानी में एक ऐसे पुरुष की प्रेम कथा है जो बूढ़ा और शारीरिक रूप से कमजोर हो चुका है। इनके जीवन में एक दिन एक ऐसी घटना होती है कि अत्यंत रूपवती कन्या जिसका नाम सुकन्या है वह इनकी पत्नी बनकर आ जाती।... आगे पढ़े

वासुदेव ने बताई स्त्री की असल पहचान

Updated on 23 May, 2018, 6:40
एक बार सत्यभामा ने श्री कृष्ण से पूछा, ‘‘मैं आपको कैसी लगती हूं?’’  श्री कृष्ण बोले, ‘‘नमक जैसी लगती हो।’’  इस तुलना को सुनकर सत्यभामा क्रोधित हो गईं। तुलना की भी तो किससे? श्री कृष्ण ने किसी तरह सत्यभामा को मना लिया और उनका गुस्सा शांत किया। कुछ दिन पश्चात श्री कृष्ण... आगे पढ़े

ज्येष्ठ के चैथे बड़े मंगल पर बजरंग बली के जयकारों से गूंजायमान हुआ जनपद जगह-जगह स्टाॅल लगाकर बांटा

Updated on 22 May, 2018, 21:00
बाराबंकी  ज्येष्ठ के चैथे बड़े मंगल पर पूरे जनपद में धूम रही। हनुमान मंदिरो पर लाखो की संख्या में भक्तों ने पूजा अर्चना करके प्रसाद चढ़ाया और भक्तों ने भण्डारा करके प्रसाद बांटा। शहर से लेकर ग्रामीण कस्बो में भी भक्तों ने जमकर बजरंग बली के जयकारे लगाये। जनपद की... आगे पढ़े

यहां अंजनी मां की गोद में विराजमान हैं हनुमान, नवाब ने भी झुकाया था सिर

Updated on 22 May, 2018, 16:00
वैसे तो देशभर में कई जगह हनुमान जी की प्रतिमाएं हैं। मगर, हनुमान के सबसे छोटे रूप के दर्शन करने हों, तो रामजी की नगरी अयोध्या में आना होगा। रामभक्त बजरंगबली के सबसे छोटे रूप के दर्शन करने के लिए सरयू नदी के तट पर हनुमान गढ़ी मंदिर आपको 76... आगे पढ़े

इसलिए बार-बार जन्म-मृत्यु के चक्कर काटने पड़ते हैं

Updated on 22 May, 2018, 9:00
श्री भक्ति विचार विष्णु महाराज मनुष्य मरणशील है, फिर क्यों वह सदा जीने, अधिक से अधिक ज्ञान अथवा हमेशा सुख पाने की इच्छा करता है? दूसरे शब्दों में कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता, मूर्ख नहीं कहलवाना चाहता और न ही किसी प्रकार का दुख चाहता है। ऐसा क्यों? आमतौर पर देखा जाता... आगे पढ़े

8 जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू, जानिए मानसरोवर की 7 रोचक बातें

Updated on 22 May, 2018, 7:00
दुनिया का सबसे ऊंचा शिवधाम कैलाश मानसरोवर की यात्रा 8 जून से शुरू हो रही है। पुराणों के अनुसार, यहां शिवजी का स्थायी निवास होने के कारण इस स्थान को 12 ज्येतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। हर साल कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने हज़ारों साधु-संत, श्रद्धालु, दार्शनिक यहां इकट्ठे... आगे पढ़े

पैसों से जुड़ी समस्याओं के समाधन के लिए करें कौड़ी के उपाय

Updated on 22 May, 2018, 6:20
ज्योतिष शास्त्र में अनेक चीजों का प्रयोग किया जाता है। ऐसी ही एक चीज है कौड़ी। यह समुद्र से निकलती हैं और सजावट के काम भी आती है। मगर, क्या आपको पता है कि धन प्राप्ति के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, लक्ष्मी समुद्र से... आगे पढ़े

समुद्र मंथन से निकली 5 कन्याएं, किसे कौन मिलीं

Updated on 21 May, 2018, 9:00
समुद्र मंथन पुराणों में वर्णित एक प्रसिद्ध पौराणिक कथा है जिसमें देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र का मंथन किया था। इस मंथन के दौरान जहां एक तरह हलाहल विष निकला तो वहीं दूसरी तरफ अमृत भी निकला। इस मंथन में 5 कन्याओं समेत 14 रत्न भी निकले थे। आइए... आगे पढ़े

गीता में बताया गया है इस तरह इकट्ठा होता है हमारे कर्मों का लेखा-जोखा

Updated on 21 May, 2018, 8:20
सुरक्षित गोस्वामी प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य विसृजामि पुन: पुन:| भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात्|| गीता 9/8|| अर्थ: अपनी प्रकृति को वश में करके जो प्रकृति के वश में होने के कारण परतंत्र हैं, उन सब भूतसमुदाय को पुनः-पुनः उत्पन्न करता हूं। व्याख्या: जो भी कर्म हम करते हैं, उसका लेखा-जोखा हमारे चित्त में इकट्ठा हो जाता है, क्योंकि... आगे पढ़े

जानिए किस देवी-देवता को कौन सा दीपक दिखाने से मिलता है आर्थिक लाभ

Updated on 21 May, 2018, 7:00
देवी-देवताओं की पूजा में दीपक का बहुत बड़ा महत्व बताया गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, दीपक कैसा हो, उसमे कितनी बत्तियां हों, इसका भी एक विशेष महत्व है। उसमें जलने वाला तेल व घी किस-किस प्रकार का हो, इसका भी विशेष महत्व है। उस देवता की कृपा प्राप्त करने,... आगे पढ़े

बिछिया बस फैशनवल ही नहीं, इसके ये हैं एस्ट्रोलाजिकल फायदे...

Updated on 20 May, 2018, 11:31
भारतीय संस्कृति में सोलह श्रंगार करना महिलाओं के जीवन का मुख्य अंग रहा है। सोलह श्रंगारों में से बिछिया को 15वां स्थान दिया गया है। हिन्दू धर्म में नाभि से नीचे स्वर्ण धातु के गहने पहना वर्जित है। फिर भी आज फैशन की होड़ में ऐसी वर्जनाओं का पालन सभी... आगे पढ़े

मानो या न मानो: ऐसे पैदा हुई थी गांधारी की 101 संतानें

Updated on 20 May, 2018, 7:00
भगवान वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में सम्पूर्ण धर्म, दर्शन, समाज, संस्कृति, युद्ध और ज्ञान-विज्ञान की बातें शामिल हैं। ऐसा कुछ भी नहीं है, जो महाभारत में नहीं है। साजिशों से भरी इस दास्तां के गर्भ में बहुत सारे रहस्य समाए हुए हैं। जो सोचने पर मजबूर कर देते हैं की... आगे पढ़े

वैष्णो देवी मंदिर समेत ये हैं देश के कुछ और अमीर मंदिर, आता है करोड़ों का चढ़ावा

Updated on 19 May, 2018, 14:00
नई दिल्ली। आज भी भारत में ऐसे कई मंदिर मौजूद हैं जिनका वैभव विदेशी आक्रांताओं के सभी हमले झेलने के बावजूद भी बना हुआ है। कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जिन्होंने हाल के दिनों में आपार धन चढ़ावे में अर्जित किया है और उनके वैभव व चकाचौंध ने उन्हें देश... आगे पढ़े

शनि की दृष्टि क्रूर मानी जाती हैं, जानें क्यों हुआ ऐसा और गणेश कैसे बने गजानन

Updated on 19 May, 2018, 11:15
नवग्रहों में शनि को न्यायाधिपति माना गया है। ज्योतिष में शनि की स्थिति व दृष्टि बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान रखती है। शनि की तीन दृष्टियां होती हैं- तृतीय, सप्तम, दशम। शनि की दृष्टि अत्यन्त क्रूर मानी गई है। शनि की तीसरी दृष्टि विच्छेद करती है, सातवीं दृष्टि पीड़ित करती है और... आगे पढ़े

हनुमान जी का एक बाल है 1000 शिवलिंगों के बराबर

Updated on 19 May, 2018, 7:00
प्राचीन समय की बात है एक बार पांडवों के पास नारद मुनि आए और उन्होंने युधिष्ठर से कहा की स्वर्ग में आपके पिता पांडु अति दुखी हैं। जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो नारद ने बताया कि पांडु अपने जीते जी राजसूय यज्ञ करना चाहते थे, जो वो कर न... आगे पढ़े

ये रत्न पहनोगे तो फरिश्तों का होगा आप पर पहरा

Updated on 19 May, 2018, 6:40
नीलम एक ऐसा कीमती रत्न (पत्थर) है जो रंक को राजा और राजा को रंक बनाने की अद्भुत क्षमता से ओतप्रोत है। यह रत्न आपदाओं के लगातार प्रहार से तार-तार हुए लोगों की जिंदगी में नई रोशनी लाकर उनकी तमाम विपत्तियों व असफलताओं को सुख-समृद्धि एवं सफलता में बदल देता... आगे पढ़े

इस तरह भगवान को खोजना है अंधविश्वास

Updated on 18 May, 2018, 9:00
आर.डी. अग्रवाल एक असली चीज जो कि कल्पना से परे है, उसे कल्पना में मान लेना ही अंधविश्वास है। भगवान चूंकि मन, बुद्धि, कल्पना से परे है और हम उसे कल्पना से मानते हैं यही सबसे बड़ा धोखा है। कल्पना उस चीज की कर सकते हैं जो अस्तित्व में है ही... आगे पढ़े

आसान है वेद-पुराणों को समझना, यह है विभाजन का क्रम

Updated on 18 May, 2018, 7:00
धार्मिक पुस्तकों की मोटाई और इनकी संख्या देखकर हम अक्सर इन्हें पढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। फिर इनके बारे में सुनी-सुनाई बातों के अनुसार अपनी सोच बना लेते हैं। खैर, हम यहां आपको बता रहे हैं कि वेद और पुराणों को समझना बेहद आसान है, बस हमें सही क्रम... आगे पढ़े

गंगा दशहरा: जानें, कब गंगा ने धरती पर मचाया हाहाकार

Updated on 17 May, 2018, 8:20
गंगा दशहरा पर्व पर गंगा मंदिरों सहित अन्य मंदिरों पर भी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। श्री गंगा दश-अश्वमेघ घाट पर स्नान करने से जन्मों-जन्मों के पापों का नाश हो जाता है। दस दिन तक श्री गंगा सहस्त्रनामवली-श्री गंगा स्त्रोत-चालीसा आदि का पाठ करना चाहिए।  गंगा जी को स्वर्ग से पृथ्वी... आगे पढ़े

शुरू होने वाला है रमजान का महीना, जानिए इससे जुड़े महत्व

Updated on 17 May, 2018, 7:20
रमजान का पवित्र महीना मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस महीने को मुस्लिम समुदाय में त्योहार की तरह मनाया जाता है। इस्लाम धर्म में इस महीने का बहुत महत्व है क्योंकि यह मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा रोजे रखने का समय होता हैं। इन दौरान दिन में न... आगे पढ़े

यमराज पर भारी पड़ गई एक नारी, बनीं सौ पुत्रों की माता

Updated on 17 May, 2018, 7:00
वट सावित्री व्रत ज्‍येष्‍ठ मास के कृष्‍ण पक्ष की अमावस्‍या को मनाया जाता है। यह व्रत पति की दीर्घायु और संतान प्राप्ति की कामना के लिए महत्‍वपूर्ण है। व्रत से जुड़ी सावित्री की कथा में बताया गया है कि यदि एक स्‍त्री धैर्य और बुद्धिमानी के साथ कठिन परिस्थिति का... आगे पढ़े