Sunday, 19 August 2018, 3:40 AM

मेरी कलम से

महिला स्वतंत्रता सेनानी के बलिदानों का आलोक

Updated on 14 August, 2018, 8:30
आजादी का बिगुल/ मंजु  गुप्ता  भारत के सन  १८५७ के राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में पूरे देश के हर इलाके , हर वर्ग , राज - रानी , रंक - अमीर , हर जाति  ,हर  धर्म के छोटी उम्र से लेकर बड़ी उम्र के व्यक्तियों ने योजनाबद्ध  हो कर  अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ी थी।... आगे पढ़े

कालिदास की शेषकथा के अमर गायक

Updated on 5 August, 2018, 22:59
 आज सुमनजी का जन्मदिन है   -जयराम शुक्ल आज राष्ट्रकवि डा.शिवमंगल सिंह सुमनजी की जयंती है। सुमनजी, दिनकरजी की तरह ऐसे यशस्वी कवि थे जिनकी हुंकार से राष्ट्रअभिमान की धारा फूटती थी। संसद में अटलजी ने स्वयं की कविता से ज्यादा सुमनजी की कविताएँ उद्धृत की। हाल यह की सुमनजी की... आगे पढ़े

वाकई बेचैन किस्म की रूह थे किशोर कुमार

Updated on 3 August, 2018, 22:33
जन्म जयंती पर किशोर दा से हुई वो मुलाकात आपकी खिदमत में  निशिकांत मंडलोई किशोर कुमार को महज एक मजाकिया, मसखरा अदाकार मानना नाइंसाफी होगी। बेशक उनका विनोद बोध बहुत तीव्रता लिए था और इसे वे फ़िल्म जीवन ओर गायन में अक्सर प्रकट भी किया करते थर। या यूं कहें कि वे... आगे पढ़े

अब किस दुनिया में जिएं प्रेमचंद के झूरी-काछी, हीरा-मोती

Updated on 31 July, 2018, 21:35
/ जयराम शुक्ल  आज प्रेमचंद जयंती है। आज के दिन प्रेमचंद बड़ी शिद्दत से याद किए जाते हैं। हमारे यहां एक रिवाज है जिसे न मानना हो उसको पूजना शुरु कर दो। नेताओं ने ऐसे ही गाँधी को पूजना शुरू कर दिया। फोटो को चौखटे में मढ दिया ताकि वहीं कैद रहें निकले... आगे पढ़े

शहंशाह ए तरन्नुम ,,, रफी साहब

Updated on 31 July, 2018, 8:32
/ पुण्य स्मरण निशिकांत मंडलोई महबूबा की हुस्न की तारीफ या फिर उसकी याद में तड़पन, संसार मे दुखों से निराश प्रभु की शरण की शरण मे जाने वाला भक्त, वतन पर मार मिटने वाले जाबांजो के जज्बात, नाइट क्लब में मस्ती, जोश और मादकता के ख्यालात, या फिर सड़क पर भीख... आगे पढ़े

बच्चों को विषम परिस्थिति में ‘मैनेज’ करना सिखाएँ

Updated on 31 July, 2018, 7:53
/महिमा वर्मा "चंदा है तू, मेरा सूरज है तू, ओ मेरी आंखों का तारा है तू" ये पंक्तियाँ लगभग हर माँ के दिल की कहानी बयां करती है। हमारे बच्चे जिंदगी की राह पर निरंतर आगे बढ़ें, नई ऊंचाइयों को छुए पर उस राह पर चलने में उनके पैरों में कोई काँटा... आगे पढ़े

स्त्री ही जीती स्त्री के अलग रूप में

Updated on 27 July, 2018, 9:39
रुपाली सेठी / मन में झांकें तो खुलते नए दरवाजे एक बार स्त्री से कहा गया कि वह अपने बारे में दिल खोलकर लिखे।  स्त्री बहुत उत्साहित थी। उसे पहली बार अपनी भावनाएँ व्यक्त करने का अवसर मिला था। वह लिखने बैठी तब उसे मातृत्व का अहसास हुआ।  माँ, वात्सल्य की मूर्ति,... आगे पढ़े

मोदी जैसा बन कर दिखाना होगा इमरान खान को

Updated on 26 July, 2018, 23:35
दरअसल/कीर्ति राणा/89897-89896 हो सकता है भविष्य में इमरान खान भी नवाज़ शरीफ के नक़्शे कदम पर चलने लगें लेकिन जिस तरह उनकी पार्टी को बढ़त मिली है उनका प्रधानमंत्री बनना तय है। मेरी दिली तमन्ना भी है कि क्रिकेट जगत का ये आलराउंडर अब पाक और भारत के बीच रिश्तों की... आगे पढ़े

भारत विरोधी ही होगी पाकिस्तानी सरकार

Updated on 26 July, 2018, 18:00
  डॉ. महेश परिमल पाकिस्तान में हिंसा के बीच वोटिंग होती रही। गुरुवार को परिणाम भी घाेषित हो जाएंगे। यह तो तय है कि वहां सरकार किसी की भी बने, पर वह भारत विरोधी ही होगी। इस बार चुनाव में बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल तो यह तक दावा कर चुके हैं... आगे पढ़े

उदयपुर मीटिंग में कल्पेशजी का फ़रमान और प्रफुल्ल पटेल के यहाँ शादी

Updated on 26 July, 2018, 17:50
                                            कीर्ति राणा इंदौर। इंदौर में प्रफुल्ल पटेल की बेटी के विवाह के समाचारों से उदयपुर का एक प्रसंग याद आ गया। बात तब की है जब मैं दैनिक भास्कर उदयपुर में संपादक था। वेडिंग डेस्टिनेशन-टूरिस्ट सिटी होने के कारण अकसर नामचीन परिवारों के विवाह समारोह में आने वाली सेलिब्रिटी के... आगे पढ़े

पांडुलिपियों की समीक्षा कर मुझे आशीर्वाद दिया था

Updated on 22 July, 2018, 11:42
यादों में नीरज / मंजु गुप्ता , नवी मुंबई विश्व साहित्याकाश के  दैदीप्यमान  नक्षत्र  में नीरज जी को  हमारी और देश और विश्व साहित्य जगत  की  ओर से हार्दिक विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ । मैं अपनी किताबों को प्रकाशित कराने के लिए मुम्बई से  अलीगढ़ गयी थी और नीरज जी... आगे पढ़े

‘नीरज’ जी जैसी हस्ती अमर है

Updated on 21 July, 2018, 8:54
नमन/ मीना गोदरे चिरस्मर्णीय नीरज जी-  जिनकी अंतस्चेतना का कमल जीवन के सरोबर में चहुंओर आकर्षण का केन्द्र रहा हो ,बचपन से उनके गीतों को सुना है गुनगुनाया है और हमेशा गुनगुनाते रहेंगे ,ये वो हस्ती हैं जो कभी मिटती नहीं अपने कृतित्व से अमर हो जाती हैं ,युगपुरुष नीरज जी... आगे पढ़े

महान कवि नीरज के साथ मंच पर थी मैं….

Updated on 20 July, 2018, 14:43
पुण्य स्मरण / डॉ चन्द्रा सायता   1964 में कॉलेज के प्रथम वर्ष में थी।उज्जैन के कार्तिक मेले में प्रति वर्षानुसार विशाल कवि सम्मेलन का महाआयोजन किया गया था। सौभाग्य से मुझे और मेरी सखि अरुणा लघाटे (खरगोन कर) को काव्यपाठ का अवसर उसी मंच पर मिला, जिस पर राष्ट्रीय स्तर... आगे पढ़े

...कारवां गुजर गया फरमाइश पर नीरज जब चिढ़ गए…

Updated on 20 July, 2018, 14:30
स्मरण/ कुसुम सोगानी टीवी पर जैसे ही सुना कि महान कवि और लाखों लोगों के चहेते श्री गोपालदास नीरज का निधन हो गया, मन एकदम खराब हो गया। उनके लिखे गीत जेहन में कौंधने लगे।अचानक ही उनसे जुड़ी एक घटना याद हो आई। कवि नीरज 1962 के भारत -चीन युद्ध... आगे पढ़े

प्रश्न पूछिए, प्रश्न.....

Updated on 13 July, 2018, 23:26
▪स्मृति शेष/कीर्ति राणा  पत्रकारिता को लेकर समर्पण, जुनून, जज़्बे आदि को एकसाथ परिभाषित किया जाना हो तो कल्पेशजी का नाम लेना ही पर्याप्त है। रिपोर्टर या न्यूज डेस्क की खबर जहाँ समाप्त होती थी, उस खबर पर तब उनका काम शुरू होता था। कई बार कॉपी में सुधार के बाद जब... आगे पढ़े

कल्पेशजी ने की भास्कर में शून्य से शिखर तक की यात्रा

Updated on 13 July, 2018, 10:43
/प्रशांत रायचौधरी इंदौर ने कुछ ही माह में दो महत्वपूर्ण हस्तियों को खो दिया। पहले भय्यू महाराज और अब कल्पेश याग्निक। दोनों ने ही शहर की सीमाओं को लांघ कर देश भर में ख्याति अर्जित की।  दैनिक भास्कर के ग्रुप एडीटर कल्पेश याग्निक दफ्तर में सीढिय़ों पर गिर पड़े। उन्हें पहला... आगे पढ़े

अब तो सिर्फ सजाए मौत…

Updated on 6 July, 2018, 11:09
                 डॉ. दविंदर कौर होरा निठारी कांड, दिल्ली का निर्भया कांड, इंदौर जैसे शांत और सौम्य शहर में तीन माह की मासूम बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या, जम्मू की आशिफा की गीली कब्र अभी सिसक ही रही थी कि अब मंदसौर में एक और मासूम के साथ दरिंदगी ।... आगे पढ़े

बेटी का पत्र

Updated on 6 July, 2018, 10:25
प्यारे मां- पापा  अच्छा हुआ जो मैं जिंदा नहीं रही अगर रह ही जाती तो मेरी आत्मा तो मर ही चुकी थी ।मैं केवल एक जिंदा लाश होती पर पापा मैं आपका सपना अधूरा छोड़ कर जा रही हूं ।मैं आईएएस अफसर ना बन सकी और बाबुल का आंगन सूना कर... आगे पढ़े

शर्म तो आती ही नहीं नेताओं को

Updated on 4 July, 2018, 0:27
आशा जाकड़ (साहित्यकार  )  मंदसौर में   मासूम  से दरिंदगी  की न्यूज   दूरदर्शन  पर देखते  लगा कि नेता किसी भी  संवेदनशील घटना पर तुरंत राजनीति करने लगते हैं। इस घटना में भी यही हुआ।  मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता के  साथ  इंदौर के विधायक  सुदर्शन  गुप्ता  एमवाय  अस्पताल  में पीड़ित बच्ची के... आगे पढ़े

फांसी नहीं अंग - भंग करना चाहिए

Updated on 3 July, 2018, 2:10
 /    मीनू मांणक   ‘औरत ने जन्म दिया मर्दों को मर्दों ने उन्हें बाजार दिया’ ।  लता जी का गाया यह मार्मिक गीत आज भी हमारी पलकें भिगो देता है, मगर यह दरिंदगी हमारी आत्मा को छलनी कर रही है ।हर साल रावण का पुतला जलाकर हम विजय पर्व मनाते हैं... आगे पढ़े

मानसिक स्वच्छता का अभियान भी जरूरी

Updated on 3 July, 2018, 1:32
/ स्मृति श्रीवास्तव कितना गर्वीला क्षण था वो जब हमारे इंदौर शहर को दूसरी बार स्वच्छता में पूरे देश में नंबर वन घोषित किया गया। चार हजार शहरों में पहले नंबर पर आना , ये किसी एक की मेहनत का फल नहीं है। पूरा शहर, हर इंदौरवासी, शासन प्रशासन तो लगा... आगे पढ़े

किसी के पास कोई समाधान है?

Updated on 1 July, 2018, 12:26
व्यथा / डॉ . सीमा रामपुरिया कभी कभी बहुत गर्व महसूस होता है कि हम जिस समाज का हिस्सा हैं वहां किसी भी घटना को लेकर काफी जागरुकता है।  यही कारण है कि करीब 12-13,साल पहले की एक घटना याद आ गई। पास के ही घर से जोर जोर से आवाजें... आगे पढ़े

बलात्कारियों के अंग- भंग कर देना चाहिए

Updated on 30 June, 2018, 9:05
आशा जाकड़ मन्दसौर में घटित होनेवाली घटना दिल को दहला देने वाली घटना है कि पढ़कर रूह कांप  जाए।उस मासूम बच्ची के शरीर पर जगह-जगह दरिन्दे के दांतों के निशान , फटा हुआ मलाशय , प्राइवेट पार्ट लहूलुहान उफ इन्सान इतना जानवर भी हो सकता है।नाक पर इतने जख्म कि ट्यूब... आगे पढ़े

और नसबन्दी ने पाँसा पलट दिया..

Updated on 26 June, 2018, 22:40
पंद्रह अगस्त, छब्बीस जनवरी यदि सरकारी आयोजन न होते तो पब्लिक इन्हें कब का भुला चुकी होती। लेकिन कुछ ऐसी तिथियां हैं जिन्हें राजनीति तब तक भूलने नहीं देगी जब तक कि इस देश का अस्तित्व है। इन तारीखों में सबसे ऊपर है 25 जून 1975। इस दिन देश में... आगे पढ़े

एक नई ‘ मैं ‘

Updated on 26 June, 2018, 0:42
अलग सोच / महिमा वर्मा आज मैंने उम्र की पचासवीं पायदान पर कदम रखा है, शायद आप भी रख चुकी होंगी या रखने वाली होंगी, यकीन मानिए अब आपका अपने आप से एक नया परिचय होने वाला है।जिंदगी का एक खूबसूरत नया मोड़। हंसते मुस्कराते हुए इस रास्ते पर निकल पड़िए।... आगे पढ़े

महाप्रभु, चेहरे के इस तनाव को उतार फेंकिए ना!

Updated on 25 June, 2018, 1:01
 🔳 दरअसल/कीर्ति राणा अभी विश्व योग दिवस पर मैंने भी #योग किया। मेरे लिए भी इन चार वर्षों में योग दिवस इसलिए गर्व दिवस हो गया है कि अपने पीएमजी की वजह से योग ‘इंटरनेशनल योगा डे’ हुआ है।दो दिन बाद तो पीएमजी को नज़दीक से देखने का मौक़ा भी... आगे पढ़े

काशीः कभी न भूलने वाली पावन नगरी

Updated on 23 June, 2018, 0:36
संस्मरण / मंजु गुप्ता बनारस जिसे काशी भी कहते हैं जो मुक्ति की नगरी भी है ।जहाँ पर पूर्वजों के पिंड दान जैसा महायज्ञ किया जाता है । गंगा तट पर स्थित बनारस उत्तर प्रदेश का हिन्दू धर्म , संस्कृति का विश्व प्रसिद्ध शहर है । बनारस हिंदू विश्व विद्यालय शिक्षा... आगे पढ़े

देश तो जानता था सरकार को 36 महीने बाद समझ आई !

Updated on 20 June, 2018, 12:04
दरअसल / कीर्ति राणा नाम मात्र की सीटों के आधार पर अपने दल की सरकार गिनाने वाले मोटा भाई के लिए जम्मू कश्मीर की सरकार हाथ से जाना झटका नहीं है। क्योंकि राजनीति के धुरंधरों की चमड़ी इतनी मोटी हो जाती है कि उन्हें बेशर्मी के पौधे में भी सकारात्मकता... आगे पढ़े

पिता की छाया में मिलता है सुकून

Updated on 18 June, 2018, 6:25
◆ रश्मि सक्सेना ◆ हिम्मत है चट्टान सी , ज़ज़्बों का तूफ़ान । पूरे करते हैं पिता , बच्चों के अरमान ।।   बचपन से लेकर जवान होने तक इस बारे में कभी हम सोचते ही नहीं है । हमें तो बस उस समय ये लगता है कि हम जो भी मांगें वो हमें... आगे पढ़े

शिखर का सूनापन और एक संत का जाना

Updated on 13 June, 2018, 7:04
 राजेश बादल  हृदयविदारक ख़बर । भय्यूजी ने आत्महत्या कर ली । यक़ीन नही होता । परेशान थे । यह तो पता था । लेकिन निजी जिंदगी की कलह इतना बड़ा क़दम उठाने पर मजबूर कर देगी - कल्पना से परे था । चन्द रोज़ पहले मुम्बई के होटल सहारा में रात... आगे पढ़े