Thursday, 26 April 2018, 3:46 AM

कहानी

रमादेवी ने अपनी जिद को दी तिलांजलि

Updated on 25 April, 2018, 15:30
नरेंद्र कौर रमादेवी ने बहू सुलभा को बेफिक्र हो कर नौकरी करने का आदेश दे तो दिया लेकिन कुछ समय बाद उन्हें ही क्यों लगने लगा कि अब उन्हें अपनी जिद को तिलांजलि देनी होगी?  पूरा घर ही रमादेवी को अस्तव्यस्त महसूस हो रहा है. सोफे के कुशन बिखरे हुए, दीवान की... आगे पढ़े

वादियों का प्यार

Updated on 20 April, 2018, 11:51
- शारदा छाबड़ा नैशनल कैडेट कोर यानी एनसीसी की लड़कियों के साथ जब मैं  कालका से शिमला जाने के लिए टौय ट्रेन में सवार हुई तो मेरे मन में सहसा पिछली यादों की घटनाएं उमड़ने लगीं. 3 वर्षों पहले ही तो मैं साकेत के साथ शिमला आई थी. तब इस गाड़ी में बैठ... आगे पढ़े

टूटे हुए पंखों की उड़ान : क्या अर्चना अपने सपने पूरे कर पाई

Updated on 15 April, 2018, 23:59
ममता रैना  गली में घुसते ही शोरगुल के बीच लड़ाईझगड़े और गालीगलौज की आवाजें अर्चना के कानों में पड़ीं. सड़ांध भरी नालियों के बीच एक संकरी गली से गुजर कर उस का घर आता था, जहां बरसात में मारे बदबू के चलना मुश्किल हो जाता था. दुपट्टे से नाक ढकते हुए अर्चना... आगे पढ़े

भिखारिन / रवीन्द्रनाथ टैगोर की कहानी

Updated on 11 April, 2018, 14:06
अन्धी प्रतिदिन मन्दिर के दरवाजे पर जाकर खड़ी होती, दर्शन करने वाले बाहर निकलते तो वह अपना हाथ फैला देती और नम्रता से कहती- "बाबूजी, अन्धी पर दया हो जाए।" वह जानती थी कि मन्दिर में आने वाले सहृदय और श्रद्धालु हुआ करते हैं। उसका यह अनुमान असत्य न था। आने-जाने... आगे पढ़े

सबसे सुन्दर लड़की / रचनाकार: विष्णु प्रभाकर

Updated on 7 April, 2018, 1:23
समुद्र के किनारे एक गाँव था । उसमें एक कलाकार रहता था । वह दिन भर समुद्र की लहरों से खेलता रहता, जाल डालता और सीपियाँ बटोरता ।  रंग-बिरंगी कौड़ियां, नाना रूप के सुन्दर-सुन्दर शंख चित्र-विचित्र पत्थर, न जाने क्या-क्या समुद्र जाल में भर देता ।  उनसे वह तरह-तरह के... आगे पढ़े

ठण्डी रोटी

Updated on 5 April, 2018, 23:53
एक लड़का था. उसकी माँ ने उसका विवाह कर दिया. लेकिन लड़का कुछ नहीं कमाता था. माँ जब भी उसको रोटी परोसती थी, तब वह कहती कि बेटा, ठंडी रोटी खा  लो. लड़के की समझ में यह नहीं आया कि माँ ऐसा क्यों कहती है. फिर भी वह चुप रहा.... आगे पढ़े