Thursday, 26 April 2018, 3:49 AM

लघु कथा

मुफ्त की कीमत ...

Updated on 22 April, 2018, 12:52
मां! बिग सेल लगी है… एक के साथ एक फ्री… चलो न! लेखा ने जिद की।’ ‘दुनिया में कोई भी चीज मुफ्त नहीं मिलती… और जो मुफ्त मिलती है, उसकी एक दिन बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है।’ मां ने उसे टाल दिया था। आज बरसों बाद अपने आप को इस मुकाम पर... आगे पढ़े

|पैसों की नहीं अपनों की कमी है

Updated on 18 April, 2018, 10:30
सो गयी क्या"?सरदारजी बोले|   "नहीं!!इस उम्र में नींद बैरन होगी|जल्द आती भी नहीं |"बीबी बोली|"आपको भी नींद नहीं आयी"     "कोशिश कर रहा हूँ|"     "आज ठंड लगता ज्यादा है|आपको भी लग रही"|   "नहीं तो!!!रोज जैसी है|कहो तो पंखा कम कर दूँ|"   आप लेटो|मैं कर देती हूँ कम|आपके भी तो घुटने चटकते हैं|"  ... आगे पढ़े

दो लघु कथाएं

Updated on 15 April, 2018, 14:10
 मां ‘मां, हम दोनों ने फैसला कर लिया है कि हमारा बच्चा किसी और की कोख से पैदा होगा ।’ ‘क्या कह रही हो, पागल तो नहीं हो गई? तुम्हारा बच्चा किसी और की कोख से ?’ ‘मां, हम किराये की कोख का इंतज़ाम कर रहे हैं।’ ‘…पर लोग क्या कहेंगे?’ ‘लोगों को कह दूंगी,... आगे पढ़े

बीमार बच्चा

Updated on 10 April, 2018, 0:08
/ बेला जैन                                    छः महीने से मेरा बच्चा बहुत बीमार था। मैं और मेरी पत्नी सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चे को लेकर इलाज के लिये घूम चुके थे। पर सभी सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों ने मुझे कहा कि आप अपने बच्चे को किसी अच्छे प्रायवेट अस्पताल में दिखाईयें जहां इलाज... आगे पढ़े

ऊँचाई

Updated on 9 April, 2018, 1:26
           ..रामेश्वर काम्बोज "हिमांशु" पिताजी के अचानक आ धमकने से पत्नी तमतमा उठी, "लगता है बूढ़े को पैसों की ज़रूरत आ पड़ी है, वर्ना यहाँ कौन आने वाला था। अपने पेट का गड्‌ढा भरता नहीं, घर वालों का कुआँ कहाँ से भरोगे?" मैं नज़रें बचाकर दूसरी ओर देखने लगा। पिताजी नल पर... आगे पढ़े