Thursday, 21 November 2019, 7:16 PM

तपन की यादें

पर तपन जरा भी नहीं

Updated on 12 November, 2019, 12:29
तपन नाम जरूर था पर तपन जरा भी नहीं जो भी कहा,जो भी किया बेधड़क होकर किया हरदम हर समय मुस्कुराते रहे बच्चों को प्यार स्नेह से दुलारते रहे बाल आनंद महोत्सव के माध्यम से बच्चों की विभिन्न गतिविधियां करवाते रहे हर समय जीत कर ही दिखलाया अमराई की छंया में चिरैया को बिठाया रचना रुपी गागर से नहलाया रचनाकर्ताअों को... आगे पढ़े

विनम्र काव्यांजलि प्रियवर भट्टाचार्य तपन जी

Updated on 11 July, 2019, 9:47
प्रदेशवार्ता.कॉम के संस्थापक व हमारे प्रेरणास्त्रोत आदरणीय स्व. तपन भट्टाचार्य जी की जन्म-तिथि पर उन्हें समर्पित शब्द-सुमन आचार्य भागवत दुबे,जबलपुर (मप्र) किया चिरैया का सम्पादन तुमको भाता था बचपन जी तुम थे भोले-भाले सच्चे प्रियवर भट्टाचार्य तपन जी   हमसे दूर हो गए हो ऐसा कभी नहीं मानेगा मन जी बिना आपके कहां मिलेगा हमको निश्छल अपनापन जी   आप करो बच्चों... आगे पढ़े

आहत है मन

Updated on 8 May, 2019, 14:35
  आहत है मन सूनी हुई अमराई हर तरफ विषाद , धूप छाई मौन हुई कोपल वाणी मंडेर ढूढ रही गोरैया तपन की उड़ गई चिरैया   बदरंग हुए बाल रंग उत्सव हुआ अंग-भंग शिक्षा-संस्कृति, कला उदास कौन कहे तपन दा,कौन कहे भैया तपन की उड़ गई चिरैया   संवारते रहे देश के कर्णधार धर्मान्धता-जाति पर करते रहे प्रहार अन्याय के विरुद्ध गूंजती थी हुंकार बीच... आगे पढ़े

बचपन से ही मेधावी थे तपन

Updated on 4 March, 2019, 11:04
बलराम अवस्थी  तपन भट्टाचार्य हमारे बीच नहीं रहे यह मान ही नहीं पा रहा हूं। खैर,नियति के आगे सब बेबस हैं। पीछे मुड़कर देखता हूं तो 1969 की घटना याद आती है। तब मैं और तपन बारह साल के थे। 'पूत के पांव तभी पालने में नजर आने लगे थे। देश... आगे पढ़े

वे इन्दौर का बहुत परिचित चेहरा थे

Updated on 23 January, 2019, 15:17
तपन भट्टाचार्य के जाने की ख़बर मिली है. दो दिन पहले ही Sandhya Roychoudhary ने उनकी बेहद गम्भीर स्थिति की सूचना दी थी और तफ़सील जानने के लिए उन्हें तत्काल फ़ोन किया था. सार यही था जो घटित हुआ. तपन आर्ट्स एन्ड कॉमर्स कॉलेज में भी मेरे सीनियर थे और पत्रकारिता विभाग में... आगे पढ़े

*तपन भट्टाचार्य *बहुत सारे लोगों के अभिन्न मित्र

Updated on 15 January, 2019, 0:41
*तपन भट्टाचार्य * मेरे जैसे बहुत सारे लोगों के अभिन्न मित्र “ थे”। हमारे तो उनसे पारिवारिक संबंध भी थे । थे शब्द तपन जी के लिए कहना विचलित करता है।  28 दिसंबर 2018 की कंपकंपाती सर्द सुबह में वे इस दुनिया से कूच कर गए। आज और अभी तक यह... आगे पढ़े

डॉ तपन भट्टाचार्य के विचारों को आगे बढ़ाएंगे ः संजय सिंह

Updated on 11 January, 2019, 16:04
 इंदौर। सुप्रसिद्ध समाजसेवी व आम आदमी पार्टी इंदौर के लोकसभा प्रभारी डा.तपन भट्टाचार्य के आकस्मिक निधन पर  आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह सपत्नीक नईदिल्ली से इंदौर आकर श्रद्धांजलि दी। संजय सिंह ने स्थानीय आप नेता युवराज सिंह, पीयूष जोशी आदि के साथ  तपन के निवास स्थान... आगे पढ़े

प्रदेशवार्ता डॉटकॉम तपन का ड्रीम प्रोजेक्ट

Updated on 10 January, 2019, 13:33
प्रशांत रायचौधरी  इंदौर। प्रदेशवार्ता डॉटकॉम के प्रधान संपादक डॉ.तपन भट्टाचार्य अब हमारे बीच नहीं है। 62 साल के तपन इंदौर के चहेते सामाजिक कार्यकर्ता, कला, साहित्य व रंगमंच के चर्चित व्यक्तित्व थे। उन्होंने पीएचडी के साथ -साथ एलएलबी की भी पढ़ाई की थी। मध्यप्रदेश के हाल ही में केबिनेट मंत्री बने तुलसी... आगे पढ़े

मैदानी योद्धा थे ,' बहुव्यापी ' तपन भट्टाचार्य

Updated on 10 January, 2019, 13:29
क्रांति चतुर्वेदी  इंदौर की तेजस्वी छात्र राजनीति में अनिल माधव दवे , सज्जनसिंह वर्मा , तुलसीराम सिलावटआदि नेताओं के हमकदम सक्रियहुए सामाजिक कार्यकर्ता तपनभट्टाचार्य अब हमारे बीच नहीं रहे। तपन एक ऐसे ऐसे बहुआयामीक्षेत्र के मैदानी योद्धा थे जो चाहतेतो मुख्यधारा के राजनीतिक दलमें सक्रिय होकर ऊंचे राजनीतिकओहदे तक पहुंच सकते... आगे पढ़े

एक आग थी जो कभी ठंडी नहीं पड़ी

Updated on 10 January, 2019, 13:26
कीर्ति राणा  तपन भट्टाचार्य नहीं रहे, महीनेभर से लीवर की परेशानी के बादसे अस्पताल में उपचाररत थे।अभी दो दिन पहले ही अभ्यासमंडल वाले शिवाजी मोहिते नेव्हाट्सएप पर कई ग्रुपों में मैसेजसेंड किया, उनसे जानकारी ली तोबीमारी की गंभीरता के साथ यहभी  पता चला कि वे अंतिम सांसेगिन रहे हैं। करीब चार-पांच दशक  से तोपरिचय था ही। जब भी देखा कंधेपर झोला, वही दाढ़ी (बाद मेंबालों के साथ दाढ़ी भी सफेद हो गई) बातों में अपने आसपास की चिंता पर बैचेनी का भाव हमेशा रहता था।नाम तपन था तो हर वक्त एक आग की तपन उनकी बातचीत में भी महसूस होती थी फिर चाहे वो बेतरतीबहोते इंदौर की परेशानी बढ़ाने वाला बीआरटीएस हो, बिगड़ता पर्यावरण हो, झाबुआ के आदिवासियों की पानीसहित अन्य परेशानी हो, निजी उद्योगों से लेकर प्रभावी लोगों के प्रति सरकार का उदारमना भाव हो- हर वक्तन सिर्फ चिंता बल्कि यह सुझाव भी कि सरकार को करना यह चाहिए और कर यह रही है।झाबुआ में पानी कीसमस्या पर जब सरकार ने प्रभावी पहल नहीं की तो खुद ही वहां रम गए, तालाबों की खुदाई से लेकर आदिवासीसमाज को ही प्रेरित भी किया कि अपनी परेशानी के लिए हाथ फैलाने से बेहतर है अपने हाथों को ही काम परलगाया जाए। शिवराज सरकार के वक्त हर साल होने वाली इंवेस्टर्स समिट उन्हें कोरा नाटक और बड़े घरानों को लाभपहुँचाने की सरकारी आतुरता लगती थी।जब मप्र सरकार ने बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी को सस्ते मेंजमीन देने का निर्णय किया तो इस निर्णय को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट में चले गए, वरिष्ठ अधिवक्ताआनंद मोहन माथुर ने उनकी तरफ से कोर्ट में केस लड़ा।इसी दौरान जब एक दिन प्रेस क्लब में मुलाकात मेंपूछ लिया कि तपन भाई लड़ाई कहाँ तक पहुंची? जवाब था मुझे भी पता है कोर्ट हमारी बात को गंभीरता से नहींलेगा, निर्णय भी पता है लेकिन किसी को तो बोलना पड़ेगा, सरकार को पता चलना चाहिए कि आमजन भी सबसमझते हैं। एक अकेला आदमी भी बहुत कुछ कर सकता है इस बात का वो जीता जागता उदाहरण रहे,कॉलेज में पढ़ाया,एलएलबी कर ली, निर्धन महिलाओं  के केस निशुल्क लड़ने लगे महिला न्यायालय में, निराश्रित बच्चों के लिएवर्षों से स्नेहलतागंज में आश्रम संचालित कर रहे थे, सरकार से विज्ञापन नहीं मिलने का रोना रोते रहे लेकिनबच्चों की पत्रिका चिरैया का घोर आर्थिक संकट के बाद भी प्रकाशन जारी रखा।एनजीओ के माध्यम सेआदिवासी अंचलों में काम करते रहे।आर्ट एंड कामर्स कॉलेज से डिबेट कांपिटिशन ने तपन भाई को प्रखर वक्ताके रूप में पहचान दिलाई, बाद में वे समाजवादी नेता कल्याण जैन के साथ जुड़ गए। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखरके साथ लंबी पदयात्रा की, लोकसभा चुनाव भी लड़ा था बीते वर्षों में जब आप पार्टी दिल्ली में सत्ता में आई तोइंदौर में आप पार्टी से जुड़ गए।नर्मदा बाँध विरोधी आंदोलन में और किसानों को स्वामीनाथन आयोग कीसिफ़ारिशों का लाभ दिलाने के लिए मेधा पाटकर के आंदोलन में सहयोगी हो गए। हाल ही में एक न्यूज़ पोर्टलप्रदेश वार्ता भी शुरू किया था जिसमें उन्होंने प्रशांत राय चौधरी को संपादक बनाया था।तपन भाई के निधन कामतलब है इंदौर शहर से एक जागरुक और चिंतनशील व्यक्ति का कम हो जाना।  ... आगे पढ़े