प्रदेशवार्ता. सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए केंद्र सरकार 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन मुफ्त में लगवा रही हैं. पीएम नरेंद्र मोदी की पहल पर टीके लगाने का बडा अभियान हेल्थ डिपार्टमेंट चला रहा हैं. इसे लेकर देवास में भी विशेष अभियान शुरू किया गया है ताकि बालिकाओं को कैंसर से बचाया जा सके. 18 मार्च को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य विभाग द्रारा किया गया.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी वैक्सीनेशन एवं एनीमिया मुक्त भारत अभियान अंतर्गत मीडिया प्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं प्रबुद्धजनों की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में होटल रामाश्रय में किया गया.
कार्यशाल में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि अभियान के अंतर्गत लक्षित बालिकाओं को टीके लगाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाएं, जागरूकता गतिविधियां आयोजित करें. कार्यशाला में मौजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासकीय एवं अशासकीय स्कूलों के संचालनकर्ताओं की संयुक्त बैठक आयोजित कर 14 से 15 वर्ष की सभी बालिकाओं को टीके लागाए जाएं।
कार्यशाला में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.सुनील तिवारी ने भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में विस्तार से जानकारी दी एवं उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा कि 14 वर्ष से 15 वर्ष की समस्त किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण जिले में स्वास्थ्य संस्थाओं में किया जा रहा है। अभियान तीन माह तक चलाया जाएगा। एचपीवी संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने के लिए टीके की 1 खुराक पर्याप्त है। टीकाकरण पश्चात यूविन पोर्टल से प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
डाॅ तिवारी ने बताया कि एचपीवी एक महंगा टीका है फिलहाल बाजार में एक खुराक की कीमत लगभग 4 हजार रुपए है और निजी क्षेत्र में इसे लगाया भी जा रहा है। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा टीके का एक सिंगल डोज निःशुल्क लगाया जा रहा है। इस अभियान के बारे में जिले में अधिक से अधिक जानकारी पात्र बालिकाओं एवं उनके माता-पिता तक पहुंचाने में मीडिया जनप्रतिनिधियों, समाज सेवियों एवं प्रबुद्धजनों की अहम भूमिका रहेगी।
कार्यशाला में कपिल यती सम्भागीय समन्वयक उज्जैन ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की जानकारी देते हुए एनीमिया के संकेत, लक्षण, कारण एवं बचाव के बारे में बताया। एनीमिया का जीवन चक्र पर प्रभाव एवं एनीमिया की कमी की रोकने के लिए बच्चों, किशोरी बलिकाओं में तथा गर्भवती महिलाओं में आयरन फोलिक एसिड की गोली के सेवन की स्वस्थ आदतों के निर्माण पर जोर देने एवं समाजिक तथा पारिवारिक जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला.

