क्राइम

देवास की होटल से पकडाए ठगी करने वाले, पुलिस ने खातें फ्रीज करवाए जिनमें जमा थे 13 लाख रुपए

प्रदेशवार्ता. मप्र के अलग. अलग शहरों के ठगों को औद्योगिक थाने की पुलिस ने एक होटल से पकड लिया. ये ठग लोगों को शेयर बाजार में लाभ दिलाने का लालच देकर राशि एठ लेते फिर फरार हो जाते. पुलिस ने पांच शातिरों को पकडा हैं. 8 जनवरी को औद्योगिक क्षेत्र पुलिस को मुखबिर से विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई कि होटल श्रीजी गंगानगर देवास में कुछ लोग रुके हुए हैं जो साइबर फ्रॉड से संबंधित हो सकते हैं। उक्त सूचना को औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने तत्काल संज्ञान में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद द्वारा उक्त साइबर फ्रॉड से संबंधित संदिग्धों को चेक करने के आदेश दिए गए. जिस पर से उक्त साइबर फ्रॉड संदिग्धों को चेक करने हेतु थाना प्रभारी थाना औद्योगिक क्षेत्र निरीक्षक शशिकांत चौरसिया को निर्देशित कर एक विशेष टीम का गठन किया गया.
पुलिस टीम द्वारा होटल श्री जी गंगानगर देवास में त्वरित दबिश दी जाकर साइबर फ्रॉड से संबंधित पांच शातिर संदिग्धों मुनेश्वर उर्फ मनीष सेन, पीयूष बिल्लोरे, शुभम जोशी, आशीष जैन उर्फ गोलू व गौरव जैन को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई तथा उनके बैंक स्टेटमेंट खंगाले गए तो उनमें करोड़ों का ट्रांजेक्शन प्राप्त हुआ। आरोपीगण ने पूछताछ पर बताया कि वे अपनी आइडेंटिटी छुपाकर टेलीग्राम के जरिए भोले-भाले लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लाभ दिलाने का लालच देकर खातों में करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन करवाते थे तथा रफूचक्कर हो जाते थे। आरोपीगण से पूछताछ में 02 अन्य आरोपी मंजीत भाटी उर्फ राज सोनी तथा हर्ष पुरोहित उर्फ छोटू का खुलासा हुआ है जिनके जरिये यह सभी साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहे थे।
औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने आरोपीगण के विरुद्ध धारा 318(4), 316(5) बी.एन.एस. का पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चेकबुक, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड व 6 अत्याधुनिक मोबाइल फोन कीमती करीबन 2 लाख रुपए तथा घटना में प्रयुक्त एक टाटा नेक्सन कार क्रमांक MP 22ZA1009 कीमती करीबन 10 लाख रुपए, कुल 12 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया तथा खातों में साइबर फ्रॉड से संबंधित 13 लाख रुपए की धनराशि फ्रीज करवाई गई। आरोपीगण को न्यायालय के समक्ष पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया जाकर पूछताछ जारी है। पुलिस टीम तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर डिजिटल ट्रेल का पीछा कर रही है।
ऐसे देते थे लोगों को धोका…..आरोपी अपनी आइडेंटिटी छुपाकर टेलीग्राम के जरिए भोले-भाले लोगों को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लाभ दिलाने का लालच देकर खातों में करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन करवाते थे तथा रफूचक्कर हो जाते थे। आरोपीगण अपनी पहचान व पते सभी फर्जी दिखाते थे।
गिरफ्तार किए गए शातिर अपराधियों का विवरण….

  • मुनेश्वर उर्फ मनीष पिता लक्ष्मणप्रसाद सेन, जाति नाई, उम्र 38 साल, निवासी धर्मपुरा, वार्ड क्र. 39 पृथ्वीराज वार्ड, दमोह (म.प्र.)
  • पीयूष पिता अनिल बिल्लोरे, जाति ब्राह्मण, उम्र 24 साल, निवासी म.नं. 183 विजयश्री नगर, थाना एरोड्रम, जिला इंदौर (म.प्र.)
  • शुभम पिता प्रकाश जोशी, जाति ब्राह्मण, उम्र 29 साल, निवासी न्यू विज्ञान नगर डाइट रोड, जिला टोंक (राजस्थान)
  • आशीष उर्फ गोलू पिता स्व. अशोक कुमार जैन, उम्र 42 साल, निवासी असाटी वार्ड क्र. 01 पुराना थाना, दमोह (म.प्र.)
  • गौरव पिता खुशालचंद्र जैन, उम्र 42 साल, निवासी जैन मंदिर के पास, वार्ड क्र. 01 मेन रोड, धनोरा जिला सिवनी, हाल मुकाम राममनोहर लोहिया वार्ड, अंधेरदेव जबलपुर (म.प्र.)
    ■ फरार अपराधियों का विवरण:-
  1. मंजीत भाटी उर्फ राज सोनी पिता राजू भाटी, निवासी नगीन नगर, इंदौर (म.प्र.)
  2. हर्ष पुरोहित उर्फ छोटू पिता योगेश पुरोहित, निवासी हाटकेश्वर, उज्जैन (म.प्र.)
    सफलता में मुख्य भूमिका:-
    इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में निरीक्षक शशिकांत चौरसिया (थाना प्रभारी, औद्योगिक क्षेत्र), उनि राकेश चौहान, उनि राधेश्याम वर्मा, उनि नरेन्द्र अम्करे, आर. अजय जाट, आर. लक्ष्मीकांत शर्मा, आर. नरेन्द्र सिरसाम तथा साइबर सेल से प्र.आर. सचिन चौहान, प्र.आर. शिव प्रताप की विशेष और सराहनीय भूमिका रही।

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