प्रदेशवार्ता. काम में लापरवाही करने वाले अफसर. कर्मचारी सावधान हो जाए. शुकवार को चलती बैठक के बीच सीएम डा. मोहन यादव ने अलग. अलग जिलों के चार अफसरों को निलंबित कर दिया. साथ ही बैठक में साफ कर दिया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वर्चुअल बैठक में अलग. अलग जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, कमिश्नर और अन्य अधिकारी शामिल थे. सीएम यादव शुक्रवार को मंत्रालय में समाधान आनलाइन की बैठक ले रहे थे. सीएम ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों की समस्याओं के निराकरण की समीक्षा की. योजनाओं का लाभ लोगों को समय पर नहीं मिल रहा, इस बात पर सीएम खासे नाराज थे. सीएम ने बैठक के दौरान ही लापरवाही करने वाले रीवा जिले के जवा के तहसीलदार राजेंद्र शुक्ला को निलंबित कर दिया. तहसीलदार ने एक रहवासी की भैंस मरने के बाद भी आरबीसी 6(4) के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता नहीं दी. इसी तरह नपं मऊगंज के प्रभारी सीएमओ महेश पटेल ने भी लापरवाही दिखाई और मऊगंज के वार्ड नंबर 1 की एक कालोनी में तीन महीने से पानी की सप्लाई के बाधित होने के बाद भी ध्यान नहीं दिया. वार्ड के लोगों ने शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की थी. सीएम ने हाथो हाथ निलंबित कर दिया. मऊगंज के उपयंत्री राजेशप्रताप सिंह ने भी पेयजल आपूर्ति में लापरवाही दिखाई. इन्हें भी निलंबित किया गया. छिंदवाडा जिले के पंचायत सचिव को कपिलधारा योजना में भुगतान नहीं करने पर निलंबित कर दिया. सीएम यादव सिवनी के टीआई और एसडीओपी पर भी खासे नाराज थे. बच्चे. बच्चियों और महिलाओं के गुम होने और अपहरण के मामलों पर इन्होंने प्रकरण दर्ज नहीं किया. इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
