प्रशासनिक

देवास कलेक्टर के निर्देश आंगनवाड़ी वार जानकारी निकाले कि किन–किन बच्चों को पोषण आहार मिला,

प्रदेशवार्ता. देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में समय-सीमा संबंधी लंबित पत्रों के निराकरण की प्रगति तथा अंतरविभागीय समन्वय से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में संपन्न हुई.
बैठक में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने अनमोल पोर्टल पर एएनसी रजिस्ट्रेशन की समीक्षा कर निर्देश दिए कि स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास संयुक्त रूप से कार्य कर डाटा तैयार करें। दोनों विभागों के डाटा में अंतर नहीं होना चाहिए। कलेक्टर श्री सिंह ने एनीमिक गर्भवती महिलाओं और सीवियर एनीमिक गर्भवती महिलाओं की समीक्षा कर संबंधित को आवश्यक दिशा–निर्देश दिये। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में माह में दो बार और विकासखंड स्तर पर माह में एक बार ब्लड डोनेशन कैंप लगाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने गर्भवती महिलाओं के एमरजेंसी रेफर केस की समीक्षा कर निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार उदासीनता बरती जा रही है। विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं का प्रॉपर फॉलोअप भी नहीं लिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बैठकों में दिए गए में निर्देशो का पालन भी नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा बरती जा रही उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था वाले मामलों में लापरवाही करने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री सिंह ने पोषण ट्रैकर ऐप की समीक्षा कर महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि सेम और मेम बच्चों का चिन्हांकन कर पोषण ट्रैकर ऐप में पंजीयन करें। कलेक्टर श्री सिंह ने बागली, टोंकखुर्द और कन्नौद में कम पंजीयन होने पर एक सप्ताह में शत-प्रतिशत पंजीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने ने संबंधितों जानकारी ली कि किस प्रकार से चिन्हांकन करते हो और चिन्हांकन के बाद किस प्रकार कार्य करते हो।
कलेक्टर श्री सिंह ने मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम की समीक्षा कर स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास विभाग को निर्देश दिए कि कार्यक्रम के तहत प्रॉपर प्लान बनाकर कार्य करें। बच्चों की डाइट से संबंधी वीडियो बनाए और होम विजिट कर बच्चों की मां को वीडियो शेयर करें। जिससे बच्चा स्वस्थ रहे और सेम–मेम की श्रेणी में नहीं आये। ब्रेस्ट फीडिंग के लिए अभियान चलाकर महिलाओं को जानकारी दें। जन्म से 6 माह तक सिर्फ मां का दूध पिलाने के लाभ महिलाओं को बताए। गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार की जानकारी देने के लिए एएनएम और आशा को प्रशिक्षण दें।
कलेक्टर श्री सिंह ने पोषण ट्रैकर ऐप में आधार सत्यापन हितग्राहियों के फेस कैप्चर की जानकारी ली। जिसमें बताया गया कि अभी तक 89 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने शतप्रतिशत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में टीएचआर वितरण की समीक्षा कर पंजीकृत शत प्रतिशत महिलाओं और बच्चों को टीएचआर वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसीईओ जिला पंचायत को निर्देश दिए कि अप्रैल से लेकर अब तक आंगनवाड़ी वार जानकारी निकाले कि किन–किन बच्चों को पोषण आहार मिला है। कलेक्टर श्री सिंह ने बागली क्षेत्र में सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का निराकरण नहीं करने पर प्रभारी सीडीपीओ बागली श्यामा भार्गव पर 02 हजार रुपए की पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूल में भोजन उपलब्ध कराने वाले एसएचजी की समीक्षा करें। एसएचजी में कितने सदस्य हैं, कितनी स्कूल एसएचजी से संलग्न है। इसकी जानकारी निकालें। एसएचजी के पास क्षमता से अधिक स्कूल नहीं होना चाहिए। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लें। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि अपने अपने क्षेत्र में रिक्त शासकीय भवनों का चिन्हांकन करें। कलेक्टर श्री सिंह ने उप संचालक सामाजिक न्याय विभाग को निर्देश दिए कि नि:शक्त विवाह सहायता योजना एवं मुख्यमंत्री कल्याणी विवाह सहायता योजना में प्रो एक्टिव होकर कार्य कर दिव्यांगजनों और कल्याणी को लाभ दिलाये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button