प्रदेशवार्ता. देवास में कोतवाली पुलिस ने “ऑपरेशन सायबर” के तहत बड़ी सफलता हासिल की हैं. स्थानीय जनता को प्रलोभन देकर उनके खाते खरीदने के उपरांत उनका प्रयोग सायबर फ्रॉड की ठगी राशि के हस्तांतरण में मदद करने वाले संगठिक गिरोह को पुलिस ने पकडा हैं. मात्र 03 माह में 78 बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए की सायबर ठगी की गई जिसमें लभभग 7.5 करोड रुपए का लेन-देन सामने आया है. पुलिस ने 12 आरोपी पकडे हैं. पुलिस को NCRP पोर्टल पर की गई सतत मॉनिटरिंग से अहम सूचनाएं मिली. थाना कोतवाली में धारा 318(4),316(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया.
थाना कोतवाली देवास पर फरियादी रवि पिता अशोक चौहान उम्र 38 वर्ष निवासी 31/1 भवानी सागर देवास हाल मुकाम गोपाल नगर इटावा जिला देवास द्वारा थाना कोतवाली में आवेदन प्रस्तुत कर बताया गया कि उसके नाम से खुलवाए गए बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक एवं चैकबुक का धोखाधड़ी पूर्वक दुरुपयोग किया गया है।कोतवाली पुलिस ने उक्त सायबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उक्त सायबर ठग स्थानीय जनता से उनके बैंक खाते चंद रूपये देकर उन बैंक खातों का उपयोग देश के विभिन्न के क्षेत्रो के नागरिकों से हुए सायबर ठगी के पैसो के लेनदेन के लिए करते थे, इस संबंध में अभी तक की जांच में कुल 78 बैंक खातों की जानकारी संबंधित बैंक से प्राप्त करते उक्त खातों में सायबर ठगी का करोडो रुपए का लेन-देन हुआ है अन्य राज्यो के आवेदकों द्वारा भी उक्त बैंक खातों की शिकायत *NCRP पोर्टल पर की गई है जिनमें करोडो रुपए की सायबर ठगी होना एवं उक्त खातों में सायबर ठगी की राशि का आंशिक भाग प्राप्त हुआ है।
तरीका-ए-वारदात…. आरोपी इरशाद एवं आशीम द्वारा स्थानीय जनता को प्रलोभन देकर युको बैंक एवं बैंक ऑफ महाराष्ट्र में नए खाते खुलवाए जाते थे। खाता खुलवाने के उपरांत खाताधारकों से पासबुक, एटीएम कार्ड एवं सिम प्राप्त कर इन्हें आरोपी अकबर व हर्ष को बेचा जाता था। अकबर व हर्ष के द्वारा BINANCE एवं BYBIT एप्लिकेशन के माध्यम से डिजिटल करेंसी खरीदते थे। उसके उपरांत उक्त डिजिटल करेंसी को टेलीग्राम पर काफी महंगे दामों पर सायबर ठगों को बेचा जाता था और सायबर ठगों से प्राप्त बढी धनराशि के उपयोग देवास से खरीदे गया खातों में पैसा ट्रांसफर कराया जाता था। अकबर और हर्ष को भलीभाति यह ज्ञान था कि बाजार मुल्य से अत्याधिक राशि पर डिजिटल करेंसी खरीदने वाले सायबर ठगी का पैसे उसमें इस्तमाल करते हैं। इसी वजह से स्याले होल्ड होने से पहले यह गिरोठ राशि ट्रांसफर होते ही तत्काल कैश विथड्राल कर लेता था। गिरोह ने अधिकांश स्वाते बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं युको बैंक में भी इसी कारण खुलवाये थे क्योकि इन बैंको में प्रतिदिन की विड्रॉल लिमिट अन्य बैंको की अपेक्षा अधिक थी।
गिरफ्तार आरोपी..
ठगी करने वाले आरोपी के नामः-
- मो. इरशाद पिता असलम शेख उम्र 35 साल निवासी 68 GDC कालेज के सामने इटावा।
- आसिम पिता आमीन शेख उम्र 30 साल निवासी ।।4 पुष्पकुंज कालोनी इटावा।
- हर्ष पिता दिनेश प्रजापति उम्र 23 साल निवासी 88 पुष्पकुंज कालोनी इटावा देवास।
- अकबर पिता शमशुददीन खान उम्र 23 साल निवासी ग्राम जामगोद नई आबादी देवास।
- मोईन पिता अंसार खान उम्र 22 साल निवासी 2/8 नई आबादी देवास।
- साहिल अली पिता सराफत अली उम्र 22 साल निवासी 195 विनायक नगर इटावा देवास।
- मोईन उर्फ मोनु पिता रउफ खान उम्र 23 साल निवासी 198 विनायक नगर इटावा देवास
खाता बेचने वाले आरोपी के नामः- - आफरीन पिता जाकीर अब्बासी उम्र 28 साल निवासी कर्मचारी कालोनी देवास।
- रेहान शेख पिता ईरफान शेख उम्र 20 साल निवासी 21 कर्मचारी कालोनी देवास।
- रेहान पिता जाहीद नागौरी उम्र 18 साल निवासी पुष्पकुंज कालोनी देवास।
- इस्तियाक पिता इकबाल शेख उम्र 32 साल निवासी पुष्पकुंज कालोनी इटावा देवास।
- तालिब पिता जानिब शेख उम्र 28 साल निवासी पुष्पकुंज कालोनी इटावा जिला देवास।


