प्रदेशवार्ता. विभागीय पोषण ट्रैकर एप्प पर की जाने वाली प्रविष्टियां, संपर्क एप्प तथा एमआईएस के सन्दर्भ में समीक्षा बैठक जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग देवास रेलम बघेल ने ली। बैठक में परियोजनावार विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। उन्होंने शासन की महत्वपूर्ण योजना एफआरएस (Facial Recognition System) के माध्यम से पोषण आहार वितरित करने की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि अभी तक जिले की परियोजनाओं में जीरो एफआरएस वाले केंद्र पाए गए.
बैठक में बताया गया कि परियोजना कन्नौद 97 केंद्र, बागली आदिवासी-77 केंद्र, खातेगांव 65 केंद्र, बागली घाट 57 केंद्र, सोनकच्छ-52 केंद्र, देवास ग्रामीण -24 केंद्र, टोंकखुर्द -15 केंद्र, देवास दक्षिण-3 केंद्र, देवास शहर-1 केंद्र है। इस स्थिति पर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त की एवं परियोजना अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन केन्द्रों पर जीरो एफआरएस (Facial Recognition System) आज तक दर्ज हुआ है, उन समस्त आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाए एवं उन केन्द्रों पर जो पर्यवेक्षक पदस्थ है, उनके द्वारा पर्यवेक्षण एवं निगरानी नहीं की जा रही है। उन पर्यवेक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव प्रेषित करें। साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पंजीकरण एवं जन्म से 6 वर्ष के बच्चों के पंजीकरण की संख्या कम पाई गयी है। इस विषयक सभी परियोजना अधिकारियों को आंगनवाडी केंद्रवार समीक्षा करने जहां पंजीकरण कम है, वहां सवेक्षण करने एवं अद्दतन जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गये। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में परियोजना अधिकारी स्तर लंबित अनुमोदन प्रकरणों को तत्काल अनुमोदित कराए जाने के निर्देश दिए।
