प्रदेशवार्ता. देवास जिले में डिजिटल अरेस्ट करने की बडी वारदात का खुलासा हुआ हैं. सीबीआई अफसर बनकर सतवास जिले के एक व्यक्ति से बीस लाख रुपए से अधिक की ठगी की गई थी. अपने आप को सीबीआई अफसर बताकर बदमाशों ने धमकाया, डराया और डिजिटल अरेस्ट कर अलग. अलग खातों में पैसा डला लिया. जो छह अपराधी पकडाए गए वे पहले भी ऐसी वारदातें करने में माहिर थे. 37 अलग. अलग जगहों पर इनके खिलाफ शिकायतें दर्ज हैं.
27 जून 2025 को आवेदक प्रमोद गौर निवासी सतवास ने सायबर फ्रॉड के जरिए 20,81,382/-रुपए ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी. जिला सायबर सेल देवास द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई.आरोपियों की धरपकड के लिए अनुविभागीय अधिकारी पुलिस कन्नौद आदित्य तिवारी के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने
सीबीआई पुलिस आफिसर बन कर डिजिटल अरेस्ट कर मनी लांड्रिग केस में सम्मिलित होने करना का डर दिखाकर विभिन्न बैंक खातों में राशि डलवाने वाले साइबर गिरोह के लोगो को दिल्ली एनसीआर, इंदौर एवं सांगली महाराष्ट्र राज्य से 06 आरोपियों को पकडा.
फरियादी एक सेवानिवृत्त व्यक्ति है। 24 जून 2025 के लगभग 3 बजे दोपहर में उनके पास एक कॉल आया जिसने बताया कि वह सीनियर पुलिस आफिसर कोलाबा पुलिस स्टेशन मुंबई से होना बताया और कहा की नरेश गोयल के साथ मनी लांड्री केस में आप सम्मिलित हैं एवं केनरा बैंक मुंबई में आपका खाता संचालित हैं जिसकी सीबीआई जांच आपके विरूद्ध चल रही हैं जिसके सुप्रीम कोर्ट के नोटिस आपको वाट्सएप पर भेजने का बताया गया। फिर फरियादी ने अपने वाट्सएप पर सभी दस्तावेजो को देखने के बाद, फरियादी को वाट्सएप पर विडियो कॉल किया और सीबीआई चीफ आकाश कुलहरि बनकर वीडियो काल पर बात की। जिसके बाद उन्होंने फरियादी को सीबीआई व पुलिस का डर दिखाकर डरा धमकाकर वाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये तक डिजीटल अरेस्ट कर कहा कि आपके खाते में जितनी भी राशी हैं वह सुप्रीम कोर्ट वेरिफिकेशन करना चाहती है का बोलकर फरियादी से विभिन्न अज्ञात बैंक खातो में आरटीजीएस के माध्यम से धोखाधड़ी कर बड़ी राशि डलवाई।
शिकायत की जांच करते पता लगा कि आपराधियों द्वारा टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर अच्छा कमीशन देने का लालच देकर बैंक खातों में फ्रॉड की गई राशि की लेन-देन करने हेतु लोगों के बैंक खातो को किराये पर लिया. तकनीकी साक्ष्य को सुक्ष्मता से अध्ययन करते हुए कई बैंक खाते खंगालने उपरांत आरोपियों का इन्दौर, दिल्ली व महाराष्ट्र का होना पाया गया। आरोपियों की धड़पकड़ हेतु गठित की गई विशेष टीमों ने सफलतापुर्वक अलग-अलग राज्यों से 2100 किलोमीटर दिल्ली, हरियाणा(पंचकुला), महाराष्ट्र (सांगली), इन्दौर (म.प्र.) से 06 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय कन्नौद जिला देवास में पेश किया गया। आरोपियों से पुछताछ में मालूम हुआ कि बैंक खातो का उपयोग करने हेतु एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए हवाई सफर का उपयोग करते थे। अभी तक की विवेचना में पाया गया की उक्त आरोपियों की देवास जिले के अन्य लगभग 37 जगह, विभिन्न राज्यो में शिकायत दर्ज है।
आरोपियों के नाम…
- सोमेश्वर उर्फ सोम उर्फ सेमीनाम उर्फ सैम पिता शेखर निनानिया उम्र 28 वर्ष निवासी जी/एफ पोल नंबर 232 गली नंबर 7 ग्राम दिनदारपुर नजफगढ, शिवमंदिर चौपाल के पास दक्षिण पश्चिम दिल्ली
- संजय उर्फ संजू उर्फ वैम्पायर पिता शेखर निनानिया उम्र 30 वर्ष निवासी म.नं.41 गली नंबर तीन हनुमानपुरी मोदी नगर जिला गाजियाबाद।
- गौरव उर्फ रितिक उर्फलाला उर्फगुप्ताजी पिता सत्यनायायण चौहान उम्र 24 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 15 भगत सिंह कालोनी जावद जिला नीमच.
- हर्ष उर्फ पीटर बॉस पिता नरेन्द्र प्रजापत उम्र 23 वर्ष निवासी म.नं. 05 कुम्हार मोहल्ला, अंतिम चौराहा थाना मल्हारगंज इंदौर।
- ऋषिकेश पिता संजय पंवार उम्र 23 साल निवासी रेवानगर, थाना विटा बिला सांगली महाराष्ट्र। 6. सुनील उर्फ सागर पिता हिम्मतसिंह जाधव उम्र 26 साल निवासी ग्राम तांदलगांव थाना विटा जिला सांगली महाराष्ट्र।




