मुंबई। मनुष्य जिस तरह से अपने स्वार्थ के लिए पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहा है, उसका खामियाजा उसे और उसकी आनेवाली पीढ़ियों को ही भुगतना पड़ेगा। मुंबई निवासी एक १७ वर्षीय छात्रा केया संघवी ने दियासलाई का एक मॉडल तैयार किया है जो समाज को भविष्य के विनाश का संदेश दे रहा है। इस छात्रा ने अपनी कला के जरिए यही संदेश देने की कोशिश की है कि यदि अभी हम नहीं संभले तो हमारी आनेवाली पीढ़ियों को पर्यावरण में सुखद सांस लेना मुश्किल हो जाएगा।
केया संघवी ने दियासलाई बॉक्स के इस मॉडल द्वारा मानवजाति का टेक्नोलॉजी के साथ हो रहा संघर्ष और इंसान और इंसानियत के हो रहे विनाश को बखूबी दर्शाया है। इस मॉडल को बोरीवली पश्चिम स्थित सुरेश्वरि विला सोसाइटी में लगाया गया है जो कि स्काई रिसॉर्ट लिंक रोड के समीप ही मौजूद है।
५ फुट का यह दियासलाई बॉक्स उन्होंने पाइन वृक्ष की लकड़ी से बनाया है जो दिखा रहा है कि किस प्रकार अपने विकास के लिए इंसान कुदरत का विनाश कर रहा है,
जो पूरी मानवजाति और पृथ्वी के ईको सिस्टम के लिए घातक होने के साथ ही धीरे-धीरे पृथ्वी को विनाश की ओर ढकेल रहा है। वुड स्कूल मसूरी में १२वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही केया संघवी ने ‘दोपहर का सामना‘ को बताया कि दियासलाई बॉक्स के बगल की दीवार पर लगाए गए मोबाइल के माध्यम से धीरे-धीरे जलकर खाक हो रही मानवजाति को दिखाना मेरा मकसद है। उन्होंने बताया कि बॉक्स के नीचे बिछाई हरी जाजम हरे-भरे घास का प्रतीक है जो अंत में यह दर्शा रहा है कि कोई टेक्नोलॉजी, कोई कृत्रिम चीज कभी भी जीवित वस्तु का स्थान नहीं ले सकेगी। केया संघवी की इच्छा आगे फाईन आर्ट के विद्यार्थी के तौर पर अमेरिका और ब्रिटेन में एप्लाई करना है। इसी फाइन आर्ट की वजह से उन्होंने दियासलाई बॉक्स का यह मॉडल बनाया है।

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