नई दिल्ली. इंडिया डेटलाइन. देश के कथित रूप से बड़े घोटालेबाज़ अरबपतियों पर बुधवार को रिलीज हो रही ‘बेड ब्वाय बिलिओनेअर्स’ क़ानून के हाथों में पड़ गई। इनमें से कुछ अरबपतियों ने नेटफ्लिक्स की इस खोजी सीरीज को प्रसारित होने से रुकवाने के लिए देश की अदालतों के दरवाज़े खटखटाए थे। जिस पर इन अदालतों ने रोक लगा दी। 

 इस डाक्युसीरीज में सत्यम कंप्यूटर्स के बी रामलिंगम राजू, सहारा के सुब्रतो रॉय, शराब सम्राट विजय माल्या और नीरव मोदी के कारनामों को दिखाया गया है। इनमें से राजू, रॉय और मोदी न्यायालय की शरण ले चुके हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने पंजाब नेशनल बैंक के 12700 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी की इस धारावाहिक को प्रसारण पूर्व उन्हें दिखाने की दरख्वास्त रद्द कर दी थी।लेकिन राजू हैदराबाद के एक न्यायालय से रुकवाने का आदेश ले आए तो सुब्रत राय को बिहार की अदालत ने राहत दे दी। नेटफ्लिक्स इसके खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय से राहत नहीं पा सकी। 

नेटफ्लिक्स की चार भागों की इस खोजी वृत्त श्रंखला के बारे कहा गया था कि यह भारत की कुख्यात हस्तियों के  लालच, धोखा और भ्रष्टाचार की कहानी है। सत्यम कंप्यूटर्स के संस्थापक रामलिंगम राजू को 7000 करोड़ रुपए के घोटाले में वर्ष 2015 में सात साल की सजा सुनाई गई है। रामलिंगम का कहना था कि यदि यह धारावाहिक प्रसारित हुआ तो उनके उचित न्याय मांगने का अधिकार और निजता दोनों ही प्रभावित होंगे। साथ ही, उनकी प्रतिष्ठा की हानि होगी और मीडिया ट्रायल शुरू हो जाएगा। सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत रॉय दो साल जेल में बिताकर लौटे हैं। नीरव मोदी पर सरकार से दो बिलियन की धोखाधड़ी का आरोप है। 

नेटफ्लिक्स को अपने एक तुर्की नाटक का प्रसारण भी रोकना पड़ा है। इस तरह, भारत में पैर जमाने की कोशिश कर रहे इस अमेरिकी ऑनलाइन मनोरंजन प्लेटफ़ॉर्म को बड़े झड़के झेलने पड़ रहे हैं। नेटफ्लिक्स ने हाल में ‘गुंजन सक्सेना: दी कारगिल गर्ल’ को प्रसारित करने के अधिकार लिए थे। 

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