Saturday, August 8th, 2026 | 10:45 PM

नोटिस तामील न कर पाने की चूक में टीआई को हाईकोर्ट ने सुनाई अनोखी सजा, टीआई बोले ये सजा अब सुकून में बदल गई

by Amjad Shaikh

प्रदेशवार्ता. टीआई नोटिस तामील कराने में लापरवाही कर गए. हाईकोर्ट इस बात पर नाराज हो गया. टीआई को सजा सुनाई लेकिन ये सजा टीआई के लिए बडा वरदान बन गई. जिंदगी का नजरिया बदल गया. प्राकृति से लगाव तथा उसके होने को करीब से महसूस किया. एक सजा ने टीआई का जीवन बदल दिया हैं.
जबलपुर हाईकोर्ट ने सतना के सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी को एक हजार पेड लगाने की सजा सुनाई. उन्हें हाईकोर्ट ने एक मामले में नोटिस तामील न करा पाने की चूक पर 62 दिनों में 1000 फलदार पौधे लगाने की आदेश दिए थे। लेकिन प्रकृति के प्रति उनका लगाव ऐसा जागा कि उन्होंने यह काम महज 32 दिनों में ही पूरा कर दिया है। अब सजा पूरी होने के बाद भी उनका यह मिशन रुका नहीं है। वे मंदाकिनी नदी के तट को हरा-भरा करने में जुटे हुए हैं। उनका कहना है कि ‘यह सजा कब सुकून में बदल गई पता ही नहीं चला’। टीआई द्विवेदी ने 7 जुलाई से इस काम की शुरुआत की थी। उन्होंने बताया कि यह काम इतना भी आसान नहीं था। पहले मंदाकिनी नदी के किनारे मोहकमगढ़ में स्थानों का चयन किया गया। फिर पौधे लगाने के लिए गड्ढे खोदे गए। मिट्टी को दीमक आदि से उपचारित किया गया और पौधों की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में तार की फेंसिंग कराई गई। हर पौधे को सीधा रखने के लिए डंडे का सहारा भी दिया गया। जून माह में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक मामले में समय पर नोटिस तामील न होने पर कोतवाली टीआई रावेंद्र द्विवेदी को फटकार लगाई थी। साथ ही एक अनोखी सजा सुनाई थी। उन्हें 1 जुलाई से 31 अगस्त के बीच चित्रकूट क्षेत्र में 1000 फलदार पौधे लगाने और उनकी जीपीएस लोकेशन के साथ तस्वीरें अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया था। टीआई इस सजा के बाद खुश हैं. पिछले जन्म का वरदान समझते हैं. बोले इस सजा ने जीवन बदल दिया हैं. हर पौधे की सुरक्षा अभिभावक की तरह कर रहे हैं.

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