डॉ. नवीन जोशी

भोपाल।शिवराज सरकार प्रदेश के नगरीय निकायों एवं पंचायतीराज संस्थाओं को 1744 करोड़ 40 लाख रुपये की वित्तीय मदद देने जा रही है। इसके लिये वित्त विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस धनराशि से ये निकाय कोविड-19 मामलों से निपट सकेंगे।

दरअसल उक्त धनराशि का प्रावधान इस साल के आम बजट में रखा गया है। इस बजट को त्रैमासिक आधार पर व्यय करने का प्रावधान है लेकिन अब वित्त विभाग ने इन्हें त्रैमासिक बंधन से मुक्त कर दिया है तथा यह राशि एक साथ निकाली जा सकेगी।
नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार उस लाख या अधिक जनसंख्या वाले नगरीय निकायों को अनुदान के लिये बजट में 452 करोड़ रुपये एवं 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार स्थनीय नगरीय निकायों को अनुदान हेतु 998 करोड़ रुपयों का बजट प्रावधान है। इसी प्रकार पंचायत विभाग में 15 वें वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार स्थानीय पंचायत निकायों को अनुदान के लिये 1744 करोड़ 40 लाख रुपयों का बजट प्रावधान है। अब दोनों विभाग एक बार में ही यह पूरी राशि कोषालय से निकाल कर स्थानीय नगरीय एवं पंचायत संस्थाओं को वितरित कर सकेंगे।

भगवंत सागर परियोजना के बांध के सुदृढ़ीकरण का टेण्डर निरस्त

राज्य सरकार ने खण्डवा जिले की सुक्ता भगवंत सागर परियोजना के बांध का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन कार्य का टेण्डर निरस्त कर दिया है। यह टेण्डर गये साल 22 जुलाई 2020 को जारी किया गया था। यह कार्यवाही यूनाफाईड रेट्स आफ शेड्यूल में बदलाव के कारण की गई है।
उल्लेखनीय है कि डेम रिहेबिलिटेशन एण्ड इम्प्रूवमेंट प्राजेक्ट यानि ड्रिप-2 के अंतर्गत भगवंत सागर बांध के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन के लिये केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली को राज्य के जल संसाधन विभाग ने प्रस्ताव भेजा था जिसकी राशि 17 करोड़ 43 लाख रुपये थी। यह राशि विश्व बैंक से मिली थी। इसी के आधार पर टेण्डर जारी किये गये थे।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि यूएसआर में बदलाव के कारण भगवंत सागर बांध का टेण्डर निरस्त किया गया है। अब नये रेट्स के अनुसार पुन: टेण्डर जारी किये जायेंगे।

प्रदेश में अध्यापकों की कोरोना से मृत्यु उपरांत स्वत्वों का तत्काल भुगतान करने के निर्देश जारी

राज्य की लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने निर्देश जारी कर कहा है कि वर्तमान में कोरोना होने से संक्रमण का दौर चल रहा है, जिसमें अधिकतर अध्यापकों की कोरोना संबंधी महामारी के कारण मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हो रही है। इसलिये निर्देशित किया जाता है कि जिलों के अंतर्गत ऐसे कितने अध्यापक हैं जिनकी कोरोना महामारी एवं अन्य कारणों से मृत्यु हो गई है, इनके नामिनी से समस्त दस्तावेजों को प्राप्त करते हुए अध्यापकों के प्रान खाते में जमा राशि के अंतिम भुगतान तथा नामिनी से एन्युटी परचेज की जानकारी प्राप्त कर तत्काल नियमानुसार कार्यवाही करें ताकि इन्हें शीघ्र पेंशन प्राप्त हो सके।

निर्देश में यह भी कहा गया है कि ऐसे अध्यापक जिनका नवीन शैक्षणिक संवर्ग में उच्चतर माध्यमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षक एवं प्राथमिक शिक्षक पर नियुक्ति हो चुकी है तथा उन्हें एम्प्लाई आईडी आवंटित की जा चुकी है तथा उनके वेतन का भुगतान आईएफएमआईएस प्रणाली के अतर्गत किया जा रहा है, उनका कोषालय के माध्यम से अंतिम भुगतान की कार्यवाही सुनिश्चित करें। साथ ही ऐसे नवीन शैक्षणिक संवर्ग के अध्यापक जिनकी नियुक्ति की जा चुकी है किन्तु उन्हें एम्प्लाई कोड आवंटित नहीं हुआ है ऐसे अध्यापकों के अंतिम भुगतान की कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करें तथा की गई कार्यवाही से संचालनालय को अवगत करायें।
आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उपरोक्त निर्देशों का कढ़ाई से पालन करना सुनिश्चित करें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जावें। इसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबधित जिला शिक्षा अधिकारी का होगा।

अब नेशनल लोक अदालत 10 जुलाई को होगी

भोपाल।राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव गिरिबाला सिंह ने सभी जिला न्यायाधीशों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को सूचना जारी कर कहा है कि मई माह में होने वाली नेशनल लोक अदालत अब 10 जुलाई 2021 को आयोजित की जायेगी।

 

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