नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम पहली बार आयोजित वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला न्यूजीलैंड के साथ साउथेम्प्टन में शुक्रवार से शुरू होने वाला है। फाइनल मुकाबले की तैयारी के लिए दोनों टीमों को भरपूर मौका मिला लेकिन दोनों ही टीमें खिताबी जीत का दावा कर रही हैं। इससे पहले की फाइनल मुकाबला शुरू हो हम आपको भारत और न्यूजीलैंड के मौजूदा टीम की स्थिति के बारे में कुछ अहम जानकारी दे देते हैं।

बीसीसीआई ने मंगलवार को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के 15 सदस्यीय खिलाड़ियों के नाम का ऐलान किया था। जिनमें विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे (उपकप्तान), हुनमा विहारी, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ऋद्धिमान साह (विकेटकीपर), आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, इंशात शर्मा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, मोहम्मद सिराज शामिल हैं।

पिछले कुछ टेस्ट क्रिकेट में भारतीय क्रिकेट टीम का सफर काफी शानदार रहा है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने से पहले भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को धूल चटाई थी और यह जीत इसलिए भी शानदार थी क्योंकि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की सरजमीं पर हराया था। चार मैचों की सीरीज में भारतीय टीम ने 2-1 से जीत दर्ज की थी, जिसमें गाबा टेस्ट भी शामिल है। इसके अतिरिक्त इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई और अहमदाबाद में खेले गए टेस्ट को भारतीय टीम ने 3-1 से जीता था।

रोहित और गिल के कंधों पर अहम जिम्मेदारी

भारतीय क्रिकेट टीम मैनेजमेंट ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत से पहले रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में ओपन करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। भले ही रोहित आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी साल 2013 से एकदिवसीय मुकाबलों में ओपन कर रहे थे लेकिन उन्हें टेस्ट में मिडिल ऑर्डर में आना पड़ता था लेकिन फिर टीम मैनेजमेंट ने रोहित से ओपन कराया और उन्होंने परिणाम भी दिए। रोहित ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के 11 मैचों में 4 शतक जड़े।

न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में रोहित के साथ शुभमन गिल ओपन करते हुए देखे जाएंगे। टीम मैनेजमेंट ने युवा चेहरे पर अपना भरोसा जताया था जिसने बल्ले से उसे बरकरार रखा। हालांकि गिल के नाम अभी कोई शतकीय पारी नहीं है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि साउथेम्प्टन में उनके बल्ले से शतकीय पारी देखने को मिल सकती है।

इन खिलाड़ियों के पास मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी

चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के पास मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी है। दो साल से कप्तान कोहली के बल्ले से शतक नहीं निकला है लेकिन उन्होंने 80 से 90 रन के बीच की कई पारियां खेली हैं। बाकी चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के बारे में भला क्या ही छिपा है। दोनों ही खिलाड़ी ने जरूरत के समय टीम की जीत के लिए दुरुप का एक्का साबित हुए हैं। विराट के ऑस्ट्रेलिया दौरे से वापस आने के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली थी और टीम ने इतिहास रच दिया था।

चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि अगर भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पहले खिताब को जीत जाता है, तो यह सबसे लंबे प्रारूप की लोकप्रियता के लिए उसी तरह का काम करेगा जैसा कि 2007 में टी20 विश्व कप में जीत ने सबसे छोटे प्रारूप की लोकप्रियता को बढ़ाया था। हाल ही में पुजारा ने कहा था कि अगर हम जीत जाते हैं तो भारत में और युवा खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहेंगे। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में भी, टेस्ट क्रिकेट को जीवित रहने की जरूरत है और ऐसा करने के लिए डब्ल्यूटीसी एक बहुत अच्छा तरीका है।

वहीं, सुनील गवास्कर का मानना है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में ऋषभ पंत भारत के लिए अहम खिलाड़ी साबित हो सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया में दो बेहतरीन पारी खेलकर पंत ने अपना दावा मजबूत किया है। इसके अलावा टीम के पास अश्विन और जडेजा जैसे दो वर्ल्ड क्लास स्पिनर्स मौजूद हैं। जबकि हर फॉर्मेट में खुद को भारतीय टीम के लिए नंबर वन साबित करने वाले जसप्रीत बुमराह पर सबकी निगाहें रहेंगी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया में मोहम्मद सिराज के प्रदर्शन के बाद उन्हें मौका दिया जा सकता है। ऐसे में इशांत या फिर शमी में से प्लेइंग इलेवन में किसे जगह मिलती है। यह देखना दिलचस्प होगा।

न्यूजीलैंड भी किसी से कम नहीं

हाल ही में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को उसी की जमीं पर 1-0 से मात दी। दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला टेस्ट तो ड्रा रहा लेकिन दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 8 विकेट से हराया था। इससे पहले साल 1999 में खेली गई चार टेस्ट मैचों की सीरीज में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया था। 22 साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ मिली जीत से न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास काफी ज्यादा बढ़ गया है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए न्यूजीलैंड के खिलाड़ी मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।

हालांकि, न्यूजीलैंड के सबसे अनुभवी बल्लेबाज रॉस टेलर का मानना है कि भारत ने क्रिकेट में उच्च स्तर स्थापित किया है और उनकी बेंच स्ट्रेंथ को देखते हुए 18 जून से शुरू होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में उनकी टीम को बेहद कठिन चुनौती का सामना करना होगा।

टीमें :
भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, रिषभ पंत, रविंद्र जडेजा, आर अश्विन, ईशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, उमेश यादव, हनुमा विहारी, रिद्धिमान साहा।

न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), टॉम ब्लंडेल, ट्रेंट बोल्ट, डेवोन कोंवे, कोलिन डी ग्रैंडहोम, मैट हेनरी, काइल जेमिसन, टॉम लैथम, हेनरी निकोल्स, ऐजाज पटेल, टिम साउदी, रोस टेलर, नील वेगनेर, बी जे वाटलिंग, विल यंग।

अंपायर : रिचर्ड एलिंगवर्थ, माइकल गॉ

मैच रैफरी : क्रिस ब्रॉड

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