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आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता को बनाया था बीएलओ, मौत के बाद बेटी बोली किसी पर इतना काम न थोपा जाए कि उसकी जान पर बन आए

प्रदेशवार्ता. एसआईआर के काम में जुटी महिला बीएलओ की मौत हो गई. मौत के बाद परिजन और प्रशासन आमने.सामने हैं. परिजन का कहना है कि काम कै दबाव के चलते मौत हुई वहीं प्रशासन ने गंभीर बीमारी को लेकर लापरवाही बरतने की बात कही हैं.
मप्र के बालाघाट में एस आईआर का कार्य देख रही बीएलओ अनिता नागेश्वर उम्र 50 साल की मंगलवार को मौत हो गई. अनिता की मौत इलाज के दौरान हुई. अनिता की तबीयत 13 नवंबर को अचानक बिगड़ी गई थी. इसके बाद परिजन पहले उन्हें बालाघाट, फिर गोंदिया, और हालत गंभीर होने पर नागपुर ले गए, जहां मंगलवार को उनका निधन हो गया। देर शाम उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। अनिता बालाघाट विधानसभा क्षेत्र. 111 के मतदान केंद्र क्रमांक 10 बोट्टा में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के रूप में भी कार्यरत थी.
प्रशासन ने जनसंपर्क के माध्यम से अपना पक्ष रखा. कहा कि परिजन ने समय पर सही इलाज नहीं कराया। उनका लीवर डैमेज था, पीलिया और टाइफाइड व विषैला इंफेक्शन शरीर में फैल गया था। मामले में ग्राम पंचायत भी बीएलओ के पक्ष में खड़ी नजर आ रही है। अनिता की बेटी आरती ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीएलओ बनने के बाद उनकी मां पर काम का अत्यधिक दबाव था।“दबाव के कारण उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति खराब होती गई। इलाज करवाया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। हम मां की मौत का न्याय चाहते हैं।’ आरती ने प्रशासन से अपील की कि किसी कर्मचारी पर इतना काम न थोपा जाए कि उसकी जान पर बन आए।

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