Tuesday, August 11th, 2026 | 1:59 PM

जमीन बेदखली के लिए नायब तहसीलदार मांग रहा था चार हजार रुपए, अपने सरकारी आवास पर पैसा लेते धराया

by Amjad Shaikh

प्रदेशवार्ता. जमीन पर जमा कब्जा हटाने के लिए नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक ने एक व्यक्ति से 15 हजार रुपए की मांग की. चार हजार नायब तहसीलदार को चाहिए थे, बाकि 8 हजार रुपए आरआई को मिलने थे. फरियादी नायब तहसीलदार को उनके हिस्से का पैसा देने गया तो अफसर रिश्वत लेते पकडा गया.
मप्र के सिंगरौली जिले में लोकायुक्त ने बडी कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार को रिश्वत लेते पकड लिया. नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोल शासकीय आवास में पैसा लेते पकडाए. लोकायुक्त रीवा की टीम ने ये कार्रवाई की. सीधी जिले के सिहावल के करौली निवासी प्रवीण चतुर्वेदी ने 2016 में 0.800 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी. खरीदी गई इस जमीन पर क्रेता के बेटों ने कब्जा कर लिया था. इस अवैध कब्जे की शिकायत लेकर प्रवीण ने नायब तहसीलदार न्यायलय में 2017 में बेदखली का आवेदन लगाया था. चार साल बाद 2021 में आदेश पारित हो गया लेकिन बावजूद इसके जमीन खाली नहीं हुई. जब फरियादी ने नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार कोर और आरआई हरी प्रसाद वैश्य के पास पहुंचा तो इन्होंने 15 हजार रुपए मांगे. परेशान प्रवीण चतुर्वेदी ने शिकायत लोकायुक्त से कर दी. लोकायुक्त ने जांच के बाद शिकायत सही पाई और नायब तहसीलदार के पास चार हजार रुपए देकर भेजा. अपने सरकारी आवास पर जैसे ही नायब तहसीलदार ने चार हजार रुपए लिए वे रंगेहाथ पकडा गए. इस मामले में राजस्व निरीक्षक पर भी कार्रवाई हुई.

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