भोपाल. इंडिया डेटलाइन.

भोपाल में 18 प्रतिशत लोगों के शरीर में एंटी बॉडी पाई गई हैं। इसका अर्थ है कि लगभग पांच लाख से ज्यादा लोगों के भीतर कोरोना वायरस प्रवेश कर उन्हें रोग प्रतिरोधी बना चुका है। जबकि  अस्पतालों में परीक्षण के आधार पर सोमवार तक केवल 17 हजार 181 व्यक्ति ही कोरोना संक्रमित पाए गए। 

किसी भी शरीर में एंटी बॉडीज बनने से यह तय हो जाता है कि वह कोरोना संक्रमित हो चुका है और वैज्ञानिक अनुसंधानों के अनुसार उसके अगले तीन महीने तक कम से कम दोबारा संक्रमित होने की आशंका नहीं है। वैज्ञानिक यह भी बताते हैं कि साठ से सत्तर प्रतिशत व्यक्तियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद सामुदायिक प्रतिरोधक क्षमता ‘हर्ड इम्युनिटी’ विकसित हो जाती है। भोपाल इससे काफी दूर है। हालाँकि जहांगीराबाद व मंगलवारा जैसे हॉट स्पॉट्स में कोरोना संक्रमण की गति में रुकावट आने का संकेत वहाँ के ज्यादातर लोगों में यही इम्युनिटी विकसित होना है। 

राजधानी में सरकारी रिकॉर्ड में अब तक कोरोना से 393 मौतें हो चुकी हैं। सोमवार को एक ही दिन में13 मौतें दर्ज हुईं। एक अखबार की रिपोर्ट के अनुसार 115 मरीजों की मृत्यु उनकी जाँच रिपोर्ट आने के एक से चार दिन के भीतर आई। मरने वालों में 50 से 69 साल के बीच की आयु के 201 मरीज थे। एक पाँच माह के दुधमुँहे बच्चे ने भी जान गँवाई। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव मोहम्मद सुलेमान के अनुसार सात से इक्कीस सितंबर के बीच शहर में सीरो जाँच की गई जिसमें 18 फीसद लोगों के शरीर में एंटी बॉडीज मिलीं। यदि शहर की आबादी को 28 लाख माना जाए तो यह संख्या पांच लाख से ऊपर जाती है। यह सर्वे शहर के 85 वार्डों में 7 हजार 976 लोगों में किया गया था। 

इंदौर के सीरो सर्वे में 7 प्रतिशत व उज्जैन के सर्वे में 11 प्रतिशत आबादी में एंटी बॉडी पाई गईं थी। राज्य में पिछले 24 घंटे में 35 मौतें दर्ज की गईं।

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