प्रदेशवार्ता. देवास पुलिस को बडी सफलता मिली हैं. सायबर ठगों के लिए काम करने वाले 9 लोगों को पुलिस ने पकडा हैं. देवास की एक होटल पर पुलिस ने छापा मारा तो पूरा गिरोह हाथ लग गया. आपरेशन मैट्रिक्स” के तहत म्यूल बैंक खातों के संगठित गिरोह का राज खुला हैं. 9 आरोपियों से 2 लाख नकद बरामद हुआ, वहीं 13 लाख की राशि फ्रीज़ कराई गई. 19 मोबाइल फोन सहित दर्जनों चेकबुक-एटीएम कार्ड पुलिस ने बरामद किया हैं. ये शातिर बदमाश युवाओं को लालच देकर उनके बैंक खातों से करोड़ों की साइबर ठगी की राशि हस्तांतरित करने में इस्तेमाल करते थे.
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राज्य साइबर सेल मुख्यालय ए.सांई मनोहर के निर्देशन पर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए “आपरेशन मैट्रिक्स” की शुरुआत की गई है। इस विशेष अभियान का प्राथमिक लक्ष्य उन संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित कर एजेन्टों तथा किराये पर खाता देने वाले लोगों के विरुध्द वैधानिक कार्यवाही करना है, जिनका उपयोग साइबर फ्राड के जरिए लूटी गई रकम को ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा है। इस आपरेशन के केंद्र में वे कमीशन पर किराये से लगाये गये खाते हैं, जिन्हें साइबर अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए ढाल बनाते हैं।
इसी कड़ी मे “आपरेशन मैट्रिक्स” के तहत पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोद द्वारा जिले के समस्त थाना प्रभारियों तथा जिला साइबर सेल देवास को आदेश दिया गया है कि “ऑपरेशन मैट्रिक्स” की मंशा के अनुरूप देवास जिले को “म्यूल अकाउण्ट” मुक्त बनाया जाना है । जिस पर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) जयवीरसिंह भदौरिया के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक देवास सुमित अग्रवाल के निर्देशन मे पुलिस थाना औद्योगिक क्षेत्र देवास को “म्यूल अकाउण्ट” देवास से आपरेट होने की सूचना प्राप्त होने पर 8 जनवरी को पुलिस टीम द्वारा होटल “श्री जी” गंगानगर देवास मे तत्काल दबिश दी गई। होटल के एक कमरे में सायबर फ्राड से सम्बंधित पांच आरोपियों मुनेश्वर उर्फ मनीष सेन,पियुष बिल्लोरे,शुभम जोशी,आशीष जैन उर्फ गोलू व गौरव जैन को अभिरक्षा मे लेकर पूंछताछ की गई. आरोपीगण से प्राप्त जानकारी और मोबाइल फोन तथा बैंक स्टेटमेंट खंगाले गए तो पाया गया कि मुनेश्वर उर्फ मनीष सेन के दो करंट अकाउण्ट में करोड़ो का ट्रांजेक्शन हुआ हैं. करोड़ों रुपयों के इन ट्रांजेक्शन्स का कोई भी स्पष्टीकरण पांचो आरोपियों के पास नहीं था. आरोपियों ने पूछताछ पर बताया कि वह सभी पांचो लोग ऐसे साइबर ठगों के लिये काम करते हैं जो अपनी पहचान छुपाकर टेलीग्राम के जरिये देश के अलग अलग शहरों से संबंध रखने वाले भोले भाले लोगो को शेयर मार्केट मे निवेश के नाम पर लाभ दिलाने का लालच देकर खातो में करोड़ो रुपए का ट्रांजेक्शन करवाते हैं तथा रफु चक्कर होकर उनसे दूरी बना लेते हैं। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने आरोपियों पर धारा 318(4), 316(5) BNS वृद्धि धारा 6(1) म.प्र. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम का पंजीबध्द कर गिरफ्तार किया. आरोपियों से जब्त सामग्री, बैंक अकाउण्ट्स डिटेल्स आदी तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर डिजिटल ट्रेल का पीछा कर इन पांंच आरोपीयों के अलावा साइबर ठगों को म्यूल खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के चार सिनियर एजेन्ट्स मंजीत सिंह भाटी उर्फ राज सोनी,नितेश बिरला,जितेन्द्र राजपूत उर्फ जीतु व शुभम परमार को गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपीः–
- मुनेश्वर उर्फ मनीष पिता लक्ष्मणप्रसाद सेन उम्र 38 साल नि.धर्मपुरा,वार्ड क्र.39 पृथ्वीराज वार्ड,दमोह (म.प्र.)
- पीयुष पिता अनिल बिल्लोरे उम्र 24 साल निवासी म.नं. 183 विजयश्री नगर थाना एरोड्रम जिला इंदौर
- शुभम पिता प्रकाश जोशी उम्र 29 साल निवासी न्यू विज्ञान नगर डाइट रोड़ जिला टोंक (राजस्थान)
- आशीष उर्फ गोलू पिता अशोक कुमार जैन उम्र 42 साल निवासी असाटी वार्ड क्र.01 पुराना थाना दमोह (म.प्र.)
- गौरव पिता खुशालचंद्र जैन उम्र 42 साल निवासी जैन मंदिर के पास,वार्ड क्र. 01 मेन रोड़,धनोरा जिला सिवनी हाल मुकाम राममनोहर लोहिया वार्ड,अंधेरदेव जबलपुर (म.प्र.)
- मंजीत पिता राजू सिंह भाटी उम्र 31 साल निवासी म.नं. 110-ए,नगीन नगर,थाना एरोड्राम जिला इंदौर
- नितेश बिरला पिता भागीरथ बिरला उम्र 26 साल निवासी गोवर्धन पैलेस,शिरपुर धार रोड़,इन्दौर
- जितेन्द्र उर्फ जितू उर्फ लेफ्टी पिता सुरेश राजपूत उम्र 27 साल निवासी 13 न्यू गांधी पैलेस, इन्दौर हाल मुकाम फ्लेट नं. 201, सी ब्लाक, गायत्री कुंज कालोनी इन्दौर
- शुभम उर्फ शुब्बु पिता मदनलाल परमार उम्र 28 साल निवासी म.नं. 923/बी, राजनगर इन्दौर
हाल मुकाम फ्लेट नं. 201, सी ब्लाक, गायत्री कुंज कालोनी इन्दौर


