रविवार से मप्र के 10 जिलों में ‘प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना’ की शुरुआत, पहले चरण में 6 राज्यों के 763 गांवों में लागू

भोपाल. इंडिया डेटलाइन. अगर आप गाँव मे रहते हैं तो आपके घर की मिल्कियत के सरकारी काग़ज़ात तैयार किए जाएँगे। आगे चलकर आपको इसके लिए संपत्ति कर भी चुकाना पड़ सकता है। फिलहाल सरकार आपको इसके फ़ायदे गिना रही है। बड़ा लाभ यह कि अपने घर का रजिस्ट्रेशन कराने वाले ग्रामीणों को इस आवासीय संपत्ति पर बैंक क़र्ज़ लेने की सुविधा रहेगी। ‘स्वामित्व’ नाम की यह योजना पहले चरण में प्रदेश के दस जिलों में लागू की जा रही है। रविवार को इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना 2020 में चुने गए मध्यप्रदेश के 10 जिलों में मुरैना, श्योपुर, सागर, शहडोल, खरगोन, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा और डिंडोरी शामिल हैं।शेष जिलों का चयन आगामी वर्षों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र की आबादी का सर्वेक्षण करने के बाद स्वामित्व रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। ग्रामीण लोगों को जमीन के मालिक होने के प्रमाण के रूप में स्वामित्व रिकॉर्ड दिया जाएगा। 

जो लोग 25 सितंबर, 2018 को या उसके बाद आबादी वाली भूमि का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें वह भूमि आवंटित की जाएगी। 

योजना की घोषणा प्रधानमंत्री ने गत 24 अप्रैल को की थी। यह दिन पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है। कोरोना वायरस के संकट को देखते हुए मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा किसानों को संबोधित किया था। तब उन्होंने बताया था कि इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण किसानों की जमीनों की ऑनलाइन देखरेख मुहैया कराना, जमीनों की मैपिंग और उनके सही मालिकों को उनका हक दिलानाव व जमीनी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को इस योजना को ग्रामीण भारत के लिए ऐतिहासिक कदम करार दिया। पीएमओ ने कहा कि इस योजना के लॉन्च के दौरान एक लाख प्रॉपर्टी धारकों के मोबाइल पर लिंक भेजा जाएगा। इसकी मदद से वे अपना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद प्रदेश सरकारों की तरफ से प्रॉपर्टी कार्ड बांटे जाएंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा कि करीब 5 साल पहले देश की 100 ग्राम पंचायतें ब्रॉडबैंड से जोड़ी गई थी लेकिन आज के दौर में 125000 से भी अधिक ग्राम पंचायत इंटरनेट का लाभ उठा रही हैं। इस योजना की मदद से सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव तक आसानी से पहुँचती है और सहायता पहुंचने में तेजी आएगी। अब गांव के लोग भी शहर के लोगों के तरह अपने मकानों पर होम लोन और खेतों पर भी लोन ले सकते हैं। गांवों में जमीनों की मैपिंग ड्रोन के द्वारा की जा रही है। देश के लगभग 6 राज्यों में इसकी शुरुआत हो चुकी है और सन 2024 तक इसको देश के हर गांव तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। 

इस योजना के अंतर्गत पीएम मोदी ने एक नए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत की है। इस पोर्टल पर ग्राम समाज से जुड़ी सभी समस्याओं की जानकारी रहेगी और इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी भूमि की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। 

11अक्टूबर रविवार को सरकार द्वारा मालिकाना हक के कागजों के साथ साथ डिजिटल कार्ड भी गांव के निवासियों को प्रदान किए जाएंगे।

योजना के पहले चरण में हरियाणा के 221, उत्तर प्रदेश के 346, महाराष्ट्र के 100, मध्यप्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांवों के नागरिकों को आबादी की जमीन के मालिकाना हक के कागज सौंपेगे। 

ऐसे करना होगा आवेदन
१. इसके लिए आवेदक को सबसे पहले पीएम स्वामित्व योजना की ऑफिशल वेबसाइट पर क्लिक करना होगा।
२. इसके बाद फिर से इस वेबसाइट का होम पेज खुलकर आएगा जिसमें आपको न्यू रजिस्ट्रेशन के ऑप्शन पर क्लिक करना है।
३. न्यू रजिस्ट्रेशन के ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक फॉर्म खुलकर आएगा।
४. इसमें आपसे मुतालिक जो भी जानकारी मांगी गई है उसे ध्यानपूर्वक भरना होगा।
५. पूरा फॉर्म ध्यानपूर्वक भरने के बाद सबमिट का बटन दबाना होगा।
अब आपका फॉर्म सफलतापूर्वक भर गया है आपके रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई भी जानकारी आपके मोबाइल नंबर पर SMS द्वारा या ईमेल आईडी द्वारा मिल जाएगी।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here