आज के वक्त में व्यक्ति का बीमा होना जरूरी है. लेकिन ज्यादा प्रीमियम के चलते यह गरीब के बजट में नहीं आ पाता है. आए दिन दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ने सस्ते प्रीमियम वाली स्कीम चलाई है. जिसे आप सिर्फ 1 रुपये महीना और 12 रुपये सालाना प्रीमियम देकर ले सकते हैं. ये स्कीम हैं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY). यह एक दुर्घटना बीमा योजना है. PMSBY स्कीम का प्रीमियम सालाना आधार पर मई में कटता है. ये स्कीम 1 जून से 31 मई आधार पर चलती है. तो चल‍िए जानते हैं योजना के बारे में सबकुछ…

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना- PMSBY
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत आप केवल 12 रुपये खर्च कर एक्सीडेंटल और डिसएबिलिटी कवर ले सकते हैं।

इस योजना के तहत बीमा धारक की मृत्यु होने पर या पूरा विकलांग होने पर 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। वहीं, आंशिक तौर पर विकलांग होने की स्थिति में उसे 1 लाख रुपये का कवर मिलता है। इस योजना के तहत 18 से 70 साल तक की उम्र का कोई भी व्यक्ति कवर ले सकता है.

बैंक अकाउंट होना जरुरी
इसका लाभ लेने के लिए बैंक अकाउंट होना जरूरी है. बैंक अकाउंट बंद हो जाने या प्रीमियम कटने के टाइम पर खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने से बीमा रद्द हो सकता है. अगर ज्वॉइंट बैंक अकाउंट होल्डर्स स्कीम का फायदा लेना चाहते हैं तो अकाउंट के सभी होल्डर्स को अलग-अलग सालाना प्रीमियम का भुगतान करना होगा.

जानिए इससे जुड़ी सभी जरुरी बातें
PMSBY की पेशकश सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों या अन्य साधारण बीमा कंपनियों द्वारा की जाती है. बीमित व्यक्ति के 70 साल का होने पर यह बीमा खत्म हो जाएगा. स्कीम को बीच में छोड़ने वाले व्यक्ति सालाना प्रीमियम का भुगतान कर इससे फिर से जुड़ सकते हैं लेकिन कुछ शर्तें लागू होंगी. क्लेम की राशि का भुगतान घायल या डिसेबल होने की स्थिति में बीमित व्यक्ति के खाते में होगा. दुर्घटना में मृत्यु होने पर नॉमिनी के खाते में भुगतान किया जाएगा. सड़क, रेल या ऐसे ही किसी अन्य एक्सीडेंट, पानी मे डूबने, अपराध में शामिल होने से मौत के मामले में पुलिस रिपोर्ट करना जरूरी होगा. सांप के काटने, पेड़े से गिरने जैसे हादसों में क्लेम हॉस्पिटल के रिकॉर्ड के आधार पर मिल जाएगा.

कैसे करा सकते हैं रजिस्‍ट्रेशन
PMSBY में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कि‍सी भी नजदीकी बैंक में जाकर आवेदन किया जा सकता है. चाहें तो बैंक मि‍त्र या बीमा एजेंट की भी मदद ले सकते हैं. सरकारी बीमा कंपनियां और कई प्राइवेट बीमा कंपनियां बैंकों के साथ मिलकर इन स्‍कीम्‍स की पेशकश कर रही हैं.

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