कमलनाथ ने चिट्ठी लिखी, शिवराज सिंह ने दिया लंबा जवाब, राहुल ने कहा-कमलनाथ की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण, कमलनाथ ने कहा-यह राहुल की राय

भोपाल. इंडिया डेटलाइन. मध्यप्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बीच दिलचस्प चिट्ठीबाजी चली। शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के पत्र का विस्तार से जवाब देकर समझाइश दी कि उन्हें ग़रीब व अनुसूचित जाति की बेटी पर की गई टिप्पणी पर ईमानदारी से माफ़ी माँगनी चाहिए। सिंह ने लिखा-’अाप जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता का अपनी गलती से बचने उसकी सफाई में अनावश्यक तर्क देने का रवैया उचित नहीं है।’

ग्वालियर अंचल की डबरा सीट से चुनाव लड़ रही भाजपा प्रत्याशी इमरती देवी को कमलनाथ द्वारा एक सभा में ‘आइटम’ कहने पर भाजपा ने आपत्ति ली है। पार्टी ने सोमवार को प्रदेश भर में इसके विरोध में प्रदर्शन भी किए। इसके बाद कमलनाथ ने शिवराज सिंह को चिट्ठी लिखी। इसके जवाब में सिंह ने पत्र लिखकर कमलनाथ को लंबा सबक दिया है। 

शिवराज सिंह ने लिखा-आप लगातार इमरती देवी के संबंध में की गई टिप्पणी पर अलग-अलग सफाई दे रहे हैं। कभी आप कहते हैं कि आपकी टिप्पणी में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और आइटम शब्द का अर्थ प्रदेश की जनता को समझाने लगते हैं। कहीं आप अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त कर रहे हैं। 

कमलनाथ द्वारा अपनी सभाओं में शिवराज सिंह के नारियल फोड़ने की बात उठाए जाने पर अपने मुख्यमंत्री ने कहा-प्रदेश के विकास के लिए अपने ईमानदार प्रयासों के कारण मुझे लगातार बड़ी-बड़ी योजनाओं और परियोजनाओं को प्रारंभ करने का अवसर प्राप्त हुआ है। यही वजह है कि विकास कार्यों के शुभ अवसर पर पवित्र नारियल फोड़ने का मुझे बार-बार मौक़ा मिलता है। मुझे खेद है कि आप स्वयं प्रदेश के विकास बारे में सोच नहीं पाए।आपकी सरकार और आपके मंत्री पूरे समय तबादले और भ्रष्टाचार में लगे रहे। आपको और आपकी पार्टी के लोगों को अपनी सोच बदलना चाहिए।

कमलनाथ ने क्या लिखा

इसके पहले कमलनाथ ने लिखा-डबरा की सभा में मैंने कोई असम्मानजनक टिप्पणी नहीं की, फिर भी आपने झूठ परोस दिया। जिस शब्द की ओर आप इंगित कर रहे है, उस शब्द के कई मायने हैं। कई तरह की व्याख्याएँ हैं। लेकिन सोच में खोट होने के कारण आप और आपकी पार्टी मनमर्ज़ी की व्याख्या कर झूठ परोसने लगे और जनता को गुमराह कर रहे हैं। 

कमलनाथ आगे सफाई देते हैं-भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा सर्वोपरि है। चाहे वह किसी धर्म या जाति की हो। मैंने चालीस वर्ष अपने सार्वजनिक जीवन में सदैव महिलाओं का सम्मान किया है। परंतु आपकी तरह कुत्सित राजनीति नहीं करूँगा।

राहुल गांधी ने कहा-दुर्भाग्यपूर्ण

राहुल गांधी ने कहा है कि वे कमलनाथ द्वारा बोली गई भाषा से बिल्कुल सहमत नहीं हैं। वायनाड में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसकी सराहना नहीं करता, चाहे वह कोई भी हो। कमलनाथ ने इसे एक तरह से खारिज कर दिया। कहा कि-वह राहुल की राय है। 

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