भोपाल । मध्यप्रदेश का ग्वालियर-चंबल अंचल ऐसा इलाका है, जहां पर चुनाव में जातिगत समीकरण हार जीत में अत्यधिक प्रभावी भूमिका निभाते हैं। उपचुनाव में भी यह अंचल बहुत मायने रखता है, इसकी वजह है इसी अंचल में सर्वाधिक सीटों पर चुनाव का होना। यही नहीं इस उपचुनाव की वजह भी इसी इलाके से आने वाले कद्दावर नेता श्रीमंत बने हैं। उनकी वजह से ही कांग्रेस को अपने अल्पकाल में ही सत्ता से बेदखल होना पड़ा है। यही वजह है कांग्रेस व भाजपा दोनों ही दल इस अंचल की सभी सीटों पर पूरी ताकत लगा रहे हैं।

कांग्रेस यहां जीत हासिल कर श्रीमंत से सरकार जाने का बदला लेना चाहती है तो वहीं भाजपा जीत पाकर सरकार को मजबूत करना चाहती है। तमाम प्रचार, जनसंपर्क और मुद्दों के बाद अब इस अंचल में इन दोनों ही दलों ने जातिगत समीकरणों को साधने के लिए अपने-अपने नेताओं को मैदान में उतार दिया है। इसके लिए जहां कांग्रेस ने अन्य प्रातों के नेताओं को बुलाया है, वहीं भाजपा ने अपने प्रभावशाली नेताओं को जातिगत समीकरणों के हिसाब से विधानसभा क्षेत्रों में भेजे हैं। यह सभी नेता चुनाव प्रचार समाप्त होने तक इन इलाकों में अपनी जाति के मतदाताओं को लामबंद करने के प्रयास में लगे रहेंगे। यही नहीं हर विधानसभा क्षेत्र में भी स्टार प्रचारक भी इसी गणित को ध्यान में रखकर बुलाए जा रहे हैं। इसके चलते ही गुर्जर बाहुल्य सुमावली, मेहगांव, गोहद, मुरैना में पार्टी के पक्ष में मतदान कराने के लिए कांग्रेस ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को तो भाजपा ने लोधी मतदाताओं को लुभाने के लिए पूर्व सीएम उमा भारती के दौरे तय किए हैं। यही नहीं अन्य नेताओं के दौरे भी इसी हिसाब से तय हो रहे हैं। कुछ नेताओं को बाकायदा समाज की बैठकें करने गांव -गांव भेजा जा रहा है। इसी के तहत डबरा सीट पर कांग्रेस ने हिना कांवरे को भेजा है। वे लंबे समय से इस इलाके में कुशवाह समाज की बैठकें कर रही हैं , इसी तरह से आदिवासी मतदाताओं के लिए छग के मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया और ब्राह्मणों के लिए बालेंदु शुक्ला को भेजा गया है। इसी तरह से भाजपा ने कुशवाह तथा बघेल समाज के लिए पूर्व विधायक राधेलाल बघेल और भारत सिंह कुशवाहा को भेजा है। उधर जौरा विधानसभा में भाजपा ने ब्राह्मण समाज के लिए मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी और क्षत्रिय समाज के लिए सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह को तैनात किया है, जबकि कांग्रेस ने यहां पर चित्रकूट विधायक नीलांशु चतुर्वेदी को जिम्मा दिया है। इसी तरह से भांडेर इलाके में कांग्रेस ने सबलगढ़ विधायक बैजनाथ कुशवाहा और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को भी पटेल समाज को साधने में लगाया है। इसी तरह से भाजपा ने इस क्षेत्र में यादव समाज को साधने के लिए मंत्री मोहन यादव और रामखिलावन पटेल को भेजा है। इधर सुमावली विस क्षेत्र में कांग्रेस ने ठाकुर समाज के लिए पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर को और ब्राह्मणों के लिए छत्तीसगढ़ के संंसदीय सचिव विकास उपाध्याय को भेजा है। भाजपा ने भी कुशवाहा वोटों के लिए मंत्री भारत सिंह कुशवाह को तैनात किया हुआ है। इस अंचल की दिमनी सीट पर ठाकुर और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या को देखते हुए भाजपा ने पूर्व मंत्री संजय पाठक को और कोरी समाज के लिए उप्र के मंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी को तैनात किया है।
पाठक यहां पर लगातार ब्राह्मण समाज की बैठकें ले रहे हैं। इसी तरह से कांग्रेस ने ब्राह्मण वोटों के लिए चित्रकूट विधायक निलांशु चतुर्वेदी का डेरा डलवाया है। अंचल की करैरा सीट पर कांग्रेस के पूर्व सांसद रामसेवक गुर्जर कमान संभाल रहे हैं उनके साथ ही रावत सामज के लिए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत और क्षत्रिय वोटों के लिए पूर्व मंत्री केपी सिंह को तैनात किया गया है। उनकी काट के लिए भाजपा ने पूर्व विधायक रणवीर सिंह रावत, सीताराम आदिवासी, मंंंंत्री भारत सिंह कुशवाह को लगाया है।
अशोकनगर में यादव-जैन वोटरों को देखते हुए कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक निशंक जैन डेरा जमाए हुए हैं तो वहीं पार्टी ने बरगी के पूर्व विधायक संजय यादव को भी उतार रखा है। इधर, भाजपा ने भी अशोकनगर में जैन समाज को साधने के लिए सागर से विधायक शैलेंद्र जैन को जिम्मेदारी सौंप रखी है। इसी तरह से मांधाता सीट पर गुर्जर और आदिवासियों को साधने पर जोर दिया जा रहा है। इस सीट पर राजपूत, गुर्जर, आदिवासी दरबार, भिलाला, हरिजन समाज की बहुलता को देखते हुए भाजपा ने मंत्री विजय शाह के भाई संजय शाह और बैतूल सांसद दुर्गा दास उइके को भेजा है तो वहीं कांग्रेस ने गुर्जर वोटरों के लिए बड़वाह विधायक सचिन बिरला, राजपूतों के लिए इंदौर के नेता रघु परमार को तैनात किया है।

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