विचार प्रवाह साहित्य मंच की अभिनव पहल

संध्या रायचौधरी

इन्दौर। उम्मीदें, सकारात्मकता, अपनापन, कुछ नया करने का जोश, जज़्बा इन्हें समवेत रूप में परिभाषित करें तो उत्तर होगा ये परिभाषा इन्दौर की है। और इन्हीं भावनाओं का साकार और प्रत्यक्ष उदाहरण है हाल ही में विचार प्रवाह साहित्य मंच का अनूठा सृजन एक वीडियो  जागेगा इन्दौर, जिसके माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि कोरोना ने जिस हताशा और मजबूरी में इंदौर वासियों को बाँध दिया था, उसके बादल छंटने लगे हैं ।इंदौर शहर निराशा नहीं नवभोर, नई उम्मीदों , नई दिशाओं की ओर क़दम बढ़ा चुका है।

कवि व लेखक धीरेंद्र कुमार जोशी ने इस मधुर गीत को रचा है। विचार प्रवाह के महासचिव देवेन्द्र सिंह सिसोदिया की संकल्पना के वीडियो का ख़ूबसूरती से निर्देशन किया मंच की अध्यक्ष सुषमा दुबे ने।यह वीडियो अपने-आप में इसलिए विशिष्ट बन पड़ा क्योंकि इसमें कलाकारों के रूप में सहभागिता की संस्था के ही सदस्यों ने। शहर के ख़ास- खास स्थलों पर वीडियो को बड़ी ख़ूबसूरती से शूट किया गया है।

गीत में स्वर दिया है बनारस के उभरते शास्त्रीय गायक अनिकेत मिश्रा ने।संगीतकार हैं अंश शर्मा एवं संगीत निर्देशन है पंडित देवव्रत मिश्रा का। ध्वनि संयोजन किया है स्मृति रंजन वास ने।

कई वरिष्ठ साहित्यकारों जैसे डॉ. हरेराम वाजपेयी, संतोष मोहंती,प्रदीप नवीन, दीपक विभाकर नाइक आदि ने विशेष तौर पर वीडियो में शामिल होकर अपने शहर की आशाओं के प्रति प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। बाँसुरी वादक आलोक वाजपेयी का सुरीला बाँसुरी वादन निश्चित ही “जागेगा इंदौर ’’ को नई आभा प्रदान कर देने वाला है।

जोश एवं उल्लास से भरपूर इन कलाकारों की उपस्थिति काफी सशक्त है

दीपा व्यास,मनीष व्यास, अर्चना मंडलोई,रश्मि चौधरी,माधुरी व्यास, संध्या व्यास, प्रणोति दुबे, हिमानी भट्ट, मनोरमा जोशी,नियोति दुबे, ललित मंडलोई ,शोभना नाइक, रंजना शर्मा , ज्योति सिंह,राधेश्याम यादव, मनीषा शर्मा, मित्रा शर्मा , कुमुद मारू, सुभाष जैन सिंघई।मार्गदर्शक हैं माया मालवेन्द्र बदेका।

इनके अलावा मंच के सभी सदस्यों ने प्रत्यक्ष- अप्रत्यक्ष रूप से इस सृजन में अपना योगदान दिया है।

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