पटना। बिहार में नतीजों की तस्वीर साफ हो गई। NDA 125 सीटों के साथ सत्ता बचाने में कामयाब रहा।, राजनीतिक अनुभव आरजेडी के तेजस्वी यादव ने जमकर मुकाबला किया 110 सीटे जीतने में सफल रहे। उनका दल 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही।

ज्यादा नुकसान उठाने वाली पार्टी नीतीश कुमार की जदयू ही रही। पिछली बार के मुकाबले जदयू की 28 सीटें घट गईं और वह 43 सीटों पर आ गई। वहीं, भाजपा 21 सीटों के फायदे के साथ 74 सीटों पर पहुंच गई।

इससे पहले, रुझानों में NDA ने सुबह साढ़े दस बजे ही बहुमत का आंकड़ा छू लिया था, लेकिन करीब आठ घंटे बाद यानी शाम साढ़े छह बजे के करीब तस्वीर बदल गई। NDA 134 से घटकर 120 पर आ गया। हालांकि, दो घंटे बाद ही उसने फिर 123 सीटों पर बढ़त के साथ रुझानों में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। 23 सीटों पर वोटों का मार्जिन दो हजार से कम था, इसलिए NDA की सीटें बहुमत से कम-ज्यादा होती रहीं।

सबसे बड़ा फायदा भाजपा को, सबसे ज्यादा नुकसान जदयू को

पार्टीसीटें (फायदा/नुकसान)
भाजपा74 (+21)
जदयू43 (-28)
हम4 (+3)
VIP4 (+4)
कुल NDA125
राजद75 (-5)
कांग्रेस19 (-8)
भाकपा (माले)12 (+9)
भाकपा2 (+2)
माकपा2 (+2)
कुल महागठबंधन110
अन्य8

चुनाव की 10 खास बातें

1- शाह ने नीतीश से फोन पर बात की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से फोन पर बात की। दोनों के बीच बिहार चुनाव परिणामों और रुझानों के बारे में बात हुई। जदयू अध्यक्ष के नजदीकी सूत्रों ने पीटीआई को यह जानकारी दी। सूत्रों ने शाह और कुमार की फोन पर हुई बातचीत के बारे में और अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने हालांकि कहा कि उनके बीच चुनाव परिणामों और रुझानों को लेकर बात हुई। मतगणना के बारे में चुनाव आयोग की ओर से दी गई अद्यतन जानकारी के मुताबिक राजग प्रतिद्वंद्वी महागठबंधन से मामूली अंतर से आगे चल रहा है।

2- एलजेपी ने जेडीयू को पहुंचाया नुकसान

बिहार में विधानसभा चुनाव के अब तक आए परिणाम और रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि सत्तारूढ़ जनता दल (युनाइटेड) को खासा नुकसान हो रहा है और इसका कारण बन रही है चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) जो इस बार अकेले दम चुनाव मैदान में थी। हालांकि इसके लिए लोजपा को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक एलजेपी का खाता खुलता नहीं दिख रहा है और उसे अब तक 5.6 फीसदी वोट मिले हैं। आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि लोजपा ने कम से कम 30 सीटों पर जेडीयू को नुकसान पहुंचाया है और उसके हार का कारण बन रही है।

3- लालू के विश्वासपात्र भोला यादव पराजित

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के कद्दावर नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी और पार्टी प्रमुख लालू प्रसाद के विश्वासपात्र भोला यादव मंगलवार को दरभंगा जिले के केवटी और हायाघाट सीटों पर अपने निकटतम भाजपा प्रतिद्वंद्वियों से हार गए। सिद्दीकी केवटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के मुरारी मोहन झा से 5,267 वोटों के अंतर से हारे। वहीं भोला यादव को हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा के राम चंद्र प्रसाद ने 10,252 वोटों के अंतर से हराया।

4- EC ने कहा- ईवीएम से कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती 

ईवीएम की विश्वसनीयता के संबंध में कुछ नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया कि यह मशीन पूरी तरह मजबूत है और इससे कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती। बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में महागठबंधन के पिछड़ने के बाद कांग्रेस नेता उदित राज ने मंगलवार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब उपग्रह को धरती से नियंत्रित किया जा सकता है तो फिर ईवीएम हैक क्यों नहीं की जा सकती? दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने उदित राज का नाम लिए बगैर कहा कि ईवीएम पर सवाल खड़े करने का सिलसिला बंद होना चाहिए क्योंकि इसके साथ छेड़छाड़ का दावा अब तक वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं हो सका है।

5- पिछड़ रही आरजेडी का दावा बिहार में महागठबंधन की बनेगी सरकार

रुझानों में पिछड़ रही आरजेडी ने दावा किया कि पूरे बिहार से उसके उम्मीदवारों एवं कार्यकर्ताओं से मिली रिपोर्ट से साफ है कि इस चुनाव में महागठबंधन जीत हासिल कर रही है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रुझानों के अनुसार, राजग बहुमत की ओर बढ़ रही है, जबकि राजद की अगुवाई वाला महागठबंधन पीछे चल रहा है। आरजेडी ने ट्वीट किया, ”हम सभी क्षेत्रों के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से संपर्क में है और सभी जिलों से प्राप्त सूचना हमारे पक्ष में है। देर रात तक गणना होगी। महागठबंधन की सरकार सुनिश्चित है। बिहार ने बदलाव कर दिया है। सभी प्रत्याशी और काउंटिंग एजेंट मतगणना पूरी होने तक काउंटिंग हॉल में बने रहें।”

6- NDA के नेता को लेकर कोई विवाद नहीं: संजय जायसवाल

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि यदि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य की सत्ता में वापसी करता है तो नेतृत्व को लेकर गठबंधन में कोई विवाद नहीं है। बिहार में सरकार बनाने के लिए किसी दल या गठबंधन को 122 सीटों की आवश्यकता होती है। यह पूछे जाने पर कि यदि राजग को बहुमत मिलता है तो क्या गठबंधन का नेतृत्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे, इसके जवाब में जायसवाल ने कहा, इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने चुनाव से बहुत पहले ही स्पष्ट कर दिया है।

7- ईवीएम पर उदित राज ने उठाए सवाल

बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में महागठबंधन के पिछड़ने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने मंगलवार को इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब उपग्रह को नियंत्रित किया जा सकता है तो फिर ईवीएम हैक क्यों नहीं की जा सकती। उदित राज ट्वीट किया, ”जब मंगल ग्रह और चांद की ओर जाते उपग्रह की दिशा को धरती से नियंत्रित किया जा सकता है, तो ईवीएम हैक क्यों नहीं की जा सकती ?” कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया, ”अमेरिका में अगर ईवीएम से चुनाव होता तो क्या डोनाल्ड ट्रम्प हार सकते थे?”

8- बिहार में वाम दलों का बेहतर प्रदर्शन

बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में वाम दल अच्छा प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं और उनके उम्मीदवार 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। आरजेडी और कांग्रेस के साथ महागठबंधन में शामिल तीन प्रमुख वाम दलों- भाकपा (माले), भाकपा और माकपा- ने कुल 29 सीटों पर चुनाव लड़ा। भाकपा (माले) ने 19, भाकपा ने छह और माकपा ने चार सीटों पर चुनाव लड़ा। पिछले विधानसभा चुनाव में इन तीनों दलों में से सिर्फ भाकपा(माले) को तीन सीटें मिली थीं। साल 2010 में भाकपा सिर्फ एक सीट जीती थी।

9- देर रात तक चल सकती है बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना

चुनाव आयोग ने मंगलवार को बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना में सामान्य से अधिक समय लगेगा और यह देर रात तक चलेगी, क्योंकि इस बार 63 प्रतिशत अधिक ईवीएम का इस्तेमाल किया गया है। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में पत्रकारों को बताया कि तीन चरणों में हुए चुनाव में करीब 4.16 करोड़ मत पड़े थे। बिहार में कुल करीब 7.3 करोड़ मतदाताओं में से 57.09 प्रतिशत लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया।

10- अन्य दलों और पुष्पम प्रिया की सीटों का क्या रहा हाल?

असदुद्दीन ओवैसी की एमआईएमआईएम एक सीट जीत चुकी है और चार सीटों पर आगे चल रही है जबकि बसपा एक सीट पर बढ़त बनाये हुए है। निर्दलीय दो सीट पर बढ़त बनाए हुए हैं। वहीं, बिहार चुनाव से पहले खुद को विज्ञापन के जरिए राज्य का अगला मुख्यमंत्री बताने वालीं पुष्पम प्रिया की दोनों सीटों पर बुरी तरह से हार हो रही है। बिस्फी विधानसभा सीट पर पुष्पम प्रिया को महज 1230 वोट मिले, जबकि बांकीपुर सीट से उन्हें सिर्फ 2753 वोट हासिल हुए हैं।

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