निशिकांत मंडलोई/ इंदौर । राम मंदिर का निर्माण किसी साधारण मंदिर का निर्माण नहीं है यह विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनेगा। यह अजेय राष्ट्र मंदिर के निर्माण का कार्य है। इसके निर्माण में इंदौर का योगदान अन्य नगरों से कम नहीं होना चाहिए यह इंदौरवासियों पर निर्भर करता है।

यह बात आज इंदौर में 23 से 27 दिसम्बर तक आयोजित 63वें गीता जयंती महोत्सव में शामिल होने आए श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव जी गिरि ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। आपने स्पष्ट किया कि मंदिर निर्माण में सरकार की तरफ से कोई राशि तय नहीं की गई है यह कार्य राम भक्तों के सहयोग से ही पूर्ण होगा। इसके लिए अर्थ संकलन का कार्य 15 जनवरी यानी मकर संक्रांति से 27 फरवरी 2021 यानी माघ पूर्णिमा तक ” निधि समर्पण अभियान” के रूप में किया जाएगा। इसके तहत 1000, 100 व 10 रुपए के कूपन देश के चार लाख गांवों तथा 11 करोड़ परिवारों तक पहुंचाने की योजना है।

इसमें हर जाति,सम्प्रदाय, मत,पंथ, क्षेत्र, भाषा,प्रदेश के भाविकों से सम्पर्क होगा। कश्मीर से कन्या कुमारी तथा सोमनाथ से मेघालय तक सभी की श्रद्धा के सेतूबन्धन से राम मंदिर स्थापित होगा।आपने कहा कि यह केवल मंदिर निर्माण नहीं वरन अजेय राष्ट्र मंदिर के निर्माण का कार्य है। इसके लिए लाखों हुतात्माओं ने बलिदान दिया है।
अभूतपूर्व होगा मंदिर
स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि तीन तल के निर्माणाधीन मंदिर की कुल ऊंचाई 161 फुट होगी। इसकी लम्बाई 360 व चौड़ाई 235 फुट रहेगी व पांच शिखर होंगे। 2;07 एकड़ भूमि पर बन रहे मंदिर की प्रत्येक तल की ऊंचाई 20 फुट होगी। तथा कुल 160 स्तम्भ लगेंगे। निर्माण में सीमेंट व लोहे का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया जाएगा। इसे केवल पत्थरों से निर्मित किया जाएगा। मंदिर के परकोटा के बाहर करीब 108 एकड़ भूमि पर यज्ञ शाला,सत्संग भवन,संग्रहालय,अनुसन्धान केंद्र,प्रदर्शनी व अतिथि भवन आधुनिकता लिए सुविधाजनक बनेंगे। वैसे तो तीन वर्ष व 6 माह में निर्माण पूर्ण करने का समय निर्धारित है लेकिन अगर कोई अप्रत्याशित परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो समय अवधि अधिक भी हो सकती है।

मोक्ष एकादशी पर गीता के 18 अध्यायों का सामूहिक पाठ किया

गीता भवन इंदौर में चल रहे 23 से 27 दिसम्बर तक जारी 63वें गीता जयंती महोत्सव में शुक्रवार को पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद जी स्वामी, स्वामी गोविंद देव गिरि जी के साथ ही जयंती महोत्सव की अध्यक्षता कर रहे वृंदावन से पधारे महा मंडलेश्वर स्वामी प्रणवानंद जी महाराज ने भी जीवन में गीता के महत्व को प्रतिपादित किया।
इसके पूर्व गीता भवन ट्रस्ट की ओर से ट्रस्टी श्री राम एरन, राम विलास राठी, अरविंद राजपाल ने सन्तो का पुष्प माला से सम्मान किया। संचालन डाकोर से पधारे संत देवकीनन्दन दास जी ने धर्म सभा का संचालन किया। इसी के साथ आचार्य कल्याण दत्त शास्त्री के आचार्यत्व में चल रहे विष्णु महायज्ञ में भी श्रद्धालुओं द्वारा आहुति देने का क्रम जारी है। 27 दिसम्बर को पुर्णाहुति होगी।

राम मंदिर निर्माण में
लाखों रुपए दान


इस अवसर पर महा मंडलेश्वर स्वामी प्रणवानन्दजी ने 1 लाख 1101 रुपए, गोधरा से पधारी साध्वी प्रणवानंदा जी ने 21 लाख व इंदौर के पण्डित बाला प्रसाद दुबे ने 5 लाख रुपए के चेक स्वामी गोविंद गिरि जी को भेंट किए।

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