डॉ नवीन जोशी

भोपाल। आखिरकार, खेल विभाग की लापरवाही और पुलिस की लचर कार्रवाई के चलते जबलपुर के रानीताल स्टेडियम में संचालित मप्र तीरंदाजी अकादमी में एक बार फिर मंगलवार की शाम को हंगामा हुआ। मामला, पति-पत्नी और वो का है। पत्नी के अकादमी पहुंचने पर कोच रिछपाल सिंह सलारिया ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। जिसमें अकादमी का सहायक कोच अशोक यादव भी सहभागी बना।

मीडिया के हस्तक्षेप के बाद मोहिनी नामक महिला को उसके पति के बचाया जा सका। पुिलस ने औपचारिकताएं पुरी कर जम्मू से आई मोहिनी को रात में जबलपुर जेल लाइन स्थित महिला सुधार गृह में ठहरा दिया है। पिटाई से जख्मी कोच की पत्नी का कहना है कि उसकी तबियत बहुत खराब है, इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है। रात से सुबह तक खाने आदि का भी कोई इंतजाम नहीं है। एसपी जबलपुर एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा फोन काट रहे हैं। 1090 यानी महिला अपराधा शाखा का फोन भी बंद है। मजबूरन सीएम हेल्पलाइन 181 मिलाया, लेिकन कनेक्ट नहीं हुआ। हालांकि हॉकी ओलंपियन मधु यादव दोपहर में मोहिनी से जरूर मिलने पहुंचीं,लेकिन मदद के वजाय जम्मू का टिकिट कटाने की बात कह कर चलती बनीं।

पूरी घटना से खेल विभाग और मप्र शासन की भद्द पिट रही है। दो-तीन साल पुराने मामले को न तो विभाग के आला अफसर सुलझा पाए और न ही जबलपुर पुलिस ने किसी तरह की काउंसिलिंग कर निपटाने का जिम्मे उठाया। दो साल पहले भी इसी तरह का हंगामा अकादमी मे हुआ था। मामला भी जबलपुर के लॉर्डगंज थाने से लेकर एसपी तक पहुंचा था। बीच-बीच में कोच की पत्नी पुिलस अफसरों से अपनी ब्याथा सुनाती रही, लेिकन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसी तरह की कार्यशैली खेल एवं युवा कल्याण विभाग की रही। पिछली 14 फरवरी को तत्कालीन खेल संचालक एसएल थाउसन ने एक नॉटरी कराकर 25 हजार रुपए हर माह देने का समझौता कराया था, लेकिन उस पर भी अमल नहीं हुआ। यहां बदमाशी यह हुई की कोच की पत्नी को नॉटरी की प्रति तक मुहैया नहीं कराई गई। लिहाजा, परेशान होकर वापस जम्मू लौट गई। यहां बता दें, कोच रिछपाल सिंह सिलारिया को आर्मी से हर माह 20 हजार रुपए पेंशन एवं खेल विभाग मप्र से एक लाख 35 हजार रुपए मिलते हैं। जिसमें से वह कोर्ट के आदेशानुसार मात्र 10 हजार रुपए मोहिनी के अकाउंट में जमा करता था, यह राशि भी कई माह से कोच ने जमा नहीं की है।

कोच कमाई का अधिकांश पैसा केसों को मैनेज करने में लगा रहा:

सूत्र बताते हैं कि कोच रिछपाल ने पत्नी मोहिनी पीछा छुड़ाने जम्मू कोर्ट में तलाक का केस दायर किया हुआ है। इसके अलावा वकीलों को मैनेजकर विपक्षी वकीलों को मैनेज कर, मोहिनी के पक्ष को कमजोर कर रहा है। इसी मैनेजमेंट के चलते कई ऐसे आदेश पारित करा लिए हैं जिसमें कहा गया है कि मोहिनी अपनी समस्याओं के लिए मीडिया एवं अन्य स्थानों पर नहीं जा सकती है। बताते हैं मोहिनी पढ़ी-लिखी नहीं है और कानून के तौर तरीके भी नहीं समझती है।

दिव्यांग बेटी की चिंता न किशोर बेटी की:
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोच रिछपाल सिंह का एक 16 साल का बेटा है, पिछले कुछ साल से गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के कारण चल-फिर नहीं सकता एवं उसे हमेशा की किसी सहारे की जरूरत रहती है। पत्नी को आरोप है कि रिछपाल उसकी देखभाल नहीं करता, उसे फिजियोथेरपी की जरूरत है। न तो उसके इलाज की कोई व्यवस्था की और न उसे फिजियोथेरपी मिल पा रही है। इसके अलावा आठ साल की बेटी के आंसू भी पिता के वियोग में सूख गए हैं।

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