नई दिल्ली/दुष्कर्म, अश्लील हरकतों जैसे अपराधों पर रोक  लगाने के लिए उत्तरप्रदेश पुलिस ने एक अलग रास्ता खोज निकाला है। उत्तरप्रदेश सरकार अब इंटरनेट पर अश्लील सामग्री सर्च करने वालों पर नजर रखेगी। अब ऑनलाइन अश्लील सामग्री सर्च करने वालों का अलर्ट उत्तरप्रदेश सरकार की 1090 सर्विस पर पहुंच जाएगा और वहां इसका डेटा दर्ज हो जाएगा। इसका इस्तेमाल उस इलाके में होने वाली छेड़खानी या दुष्कर्म जैसे अपराधों में अपराधी को पकड़ने में इस्तेमाल किया जाएगा।

पुलिस के अनुसार अपराध के शुरुआत पर ही लगेगी रोक         

एडीजी नीरा ने बताया कि इंटरनेट की एनालिटिक्स को स्टडी करने के लिए एक कंपनी को रखा गया है। कंपनी डेटा के माध्यम से इंटरनेट पर क्या सर्च किया जा रहा है इस पर नजर रखेगी। अगर कोई व्यक्ति इंटरनेट पर अश्लीलता देखते हैं तो उसके संकेत एनालिटिक्स टीम को मिल जाएंगे। इसके बाद वह टीम इसकी जानकारी 1090 टीम को देगी। 1090 की टीम उस व्यक्ति को ऐसी सामग्री से सचेत रहने के लिए जागरूकता के मेसेज भेजेगी। 1090 का मानना है कि ऐसा करने से अपराध की शुरुआत पर ही रोक लगाई जा सकेगी।

इंटरनेट का इस्तेमाल
यूपी में इंटरनेट यूजर : 11.60 करोड़
16 से 64 साल के यूजर : 67 प्रतिशत
ग्रामीण इलाके में इंटरनेट यूजर : 69 प्रतिशत
एक दिन में औसत यूज : 6 घंटे

जागरूकता मैसेज में छिछोरों के न चलेंगे हथकंडे जब 1090 जलाएगी उन पर डंडे, जिसको सुधार न पाई मास्टर जी की छड़ी उसके लिए 1090 की हथकड़ी। जैसे अलर्ट मैसेज साइट पर भेजे जाएंगे। कहा जा रहा है कि ऐसा आपराधिक मानसिकता को बदलने के लिए किया जाएगा।

प्रदेश के सभी जिलों में शुरू की जाएगी व्यवस्था

पहले इसे प्रदेश के 6 जिलों में शुरू किया गया था। जहां इसको अच्छा रिस्पांस मिला है। अब इसे प्रदेश के सभी जिलों में लागू किए जाने की योजना है। इसमें महिलाओं की फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम आइडी पर सुरक्षा संबंधित मैसेज और युवकों को चेतावनी भरा मैसेज भेजा जाएगा।

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