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भोपाल. इंडिया डेटलाइन. मध्यप्रदेश में कोरोना काल में प्रति व्यक्ति आय लगभग पांच हजार रुपए घट गई। यह प्रचलित भावों पर 98418 रुपए वार्षिक आंकी गई है। भारत की प्रति व्यक्ति आय एक लाख 26 हजार 968 रुपए आंकी गई है। अन्य कई मानकों पर प्रदेश ने प्रगति की है लेकिन राज्य में प्रति हजार जीवित जन्म पर शिशु मृत्यु दर व मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय से अधिक है।  स्वास्थ्य सूचकांकों को राष्ट्रीय स्तर के समकक्ष लाना प्रमुख चुनौती है।

यह तथ्य सोमवार को विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए हैं। सर्वेक्षण में 17514.01 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का अनुमान बताया गया है। के अनुसार प्रदेश में जीवित जन्म पर शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) 48 है जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 32 प्रति हजार है। इसी तरह मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एक लाख प्रसवों पर 173 है जबकि राष्ट्रीय दर 130 है। सर्वेक्षण में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में भी इस वर्ष 3.37 प्रतिशत की कमी का अनुमान लगाया गया है। जबकि वर्ष 2019-20 में उसके पिछले साल की तुलना में 9.63 प्रतिशत की करोड़ रुपए था जो वर्ष 2019-20 (त्वरित) व 2020-21 (अग्रिम) में बढ़कर 5 लाख 80 हजार 406 करोड़ व 5 लाख 60 845 करोड़ होने का अनुमान है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था में फसल क्षेत्र का योगदान 23.36 प्रतिशत है।

सर्वेक्षण कहता है कि साक्षरता में हम राष्ट्रीय औसत से पीछे हैंं और बराबरी करने के लिए नीति व कार्यक्रमों के स्तर में सुधार की जरूरत है। अभी राज्य में साक्षरता की दर 69.3 है जबकि राष्ट्रीय औसत 73 प्रतिशत है। वर्ष 2001 से 2011 के  बीच प्रदेश की साक्षरता मं दशकीय वृद्धि अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही है। इसका कारण प्रदेश में शुद्ध नामांकन अनुपात कम होना दर्शाता है।

 

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