डॉ. नवीन जोशी भोो

पाल।प्रदेश के 51 जिलों के सरकारी अस्पतालों में 6 हजार 180 बेड कोरोना पाजीटिव मरीजों के लिये आरक्षित रखे गये हैं जिनमें 3 हजार 422 बेड आक्सीजन सपोर्टेड बेड हैं और 579 कोविड आईसीयू बेड हैं एवं शेष आईसोलेशन के लिये रिज़र्व बेड हैं। जबकि प्रदेश में इस समय कोरोना के एक्टिव केसेज करीब 22 हजार चल रहे हैं। जाहिर है, कि ज्यादातर कोरोना मरीजों को होम आईसोलेशन में भेजा जा रहा है या निजी अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है।

दरअसल राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने वर्तमान कोरोना पीक आवर्स में सभी जिलों के सिविल सर्जनों से कहा है कि वे जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध कुल बेड में से 30 प्रतिशत बेड प्रसव, महिला एवं बच्चों के उपचार हेतु आरक्षित रखें जबकि 30 प्रतिशत बेड आपातकालीन उपचार के लिये रखें। शेष 40 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिये आरक्षित रखे जायें। सभी अस्पतालों में ऐसे आपरेशन दो माह तक स्थगित रखने के लिये कहा गया है जिनसे मरीज पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता हो। आपरेशन में संलग्र डाक्टरों को भी कोरोना मरीजों के भर्ती मरीजों के इलाज में लगाने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश के 51 जिलों के सरकारी अस्पतालों में कुल बेड संख्या 15 हजार 450 है।

बाढ़ एवं सूखा के लिये नहीं मिलेगी मिटिगेशन फण्ड से राशि
भोपाल।राज्य के जल संसाधन विभाग को इस बार मिटिगेशन फण्ड से बाढ़ एवं सूखा राहत की राशि नहीं मिलेगी। यह फण्ड राष्ट्रीहय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देता है, लेकिन उसने यह कहकर इस राशि पर रोक लगा दी है कि इस संबंध में भारत सरकार से पत्राचार किया जा रहा है और अंतिम निर्णय तक मिटिगेशन फण्ड से कार्य स्वीकृति हेतु अग्रिम कार्यवाही स्थगित रखी जाये।
प्राधिकरण के इस फैसले पर राज्य के जल संसाधन विभाग ने अपने सभी मुख्य अभियंताओं से कहा है कि वे बाढ़ एवं सूखा राहत के कार्य इस फण्ड से स्वीकृत कराने की कार्यवाही स्थगित रखें क्योंकि वर्तमान वित्त वर्ष में मिटिगेशन फण्ड से आवंटन की संभावना नहीं है।
अब निजी चार्टर्ड विद्युत सुरक्षा इंजीनियर से भी विद्युत लाईन डलवाई जा सकेगी

प्रदेश में अब निजी चार्टर्ड विद्युत सुरक्षा इंजीनियरों से भी आवासीय, व्यवसायिक एवं कार्यालयीन परिसरों 250 वोल्ट से अधिक की विद्युत संस्थापनाएंं की जा सकेंगी और रिपोर्ट प्राप्त की जायेगी। इसके लिये राज्य के ऊर्जा विभाग ने उन्हें अधिकार प्रदान कर दिये हैं। पहले राज्य सरकार का विद्युत निरीक्षक से ही इलेक्ट्रिक इन्स्टालेशन एवं रिपोर्ट लेने का प्रावधान था।
निजी चार्टर्ड विद्युत सुरक्षा इंजीनियरों को मारन्यता देने के लिये राज्य के मुख्य विद्युत निरीक्षक द्वारा ऑनलाईन आवेदन बुलाये जायेंगे और उनकी ऑनलाईन परीक्षा ली जायेगी। परीक्षा में सौ आब्जेक्टिव सवाल होंगे जिनमें से 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरुरी होगा। परीक्षा अंग्रेजी भाषा में होगी। परीक्षा शुल्क एक हजार रुपये होगा। जिसे चार्टर्ड इंजीनियर को दस साल का अनुभव है, उसे ही पात्र माना जायेगा। परीक्षा में शामिल होने के लिये अधिकतम आयु 62 वर्ष रखी गई है तथा 65 वर्ष तक वह कार्य कर सकेगा। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने पर सिर्फ एक बार के लिये दस हजार रुपये पंजीयन शुल्क लेकर चार्टर्ड इंजीनियर के रुप में रजिस्टर्ड किया जायेगा और विद्युत संस्थापनाओं में बिजली की फिटिंग, निरीक्षण एवं रिपोर्ट देने का अधिकार दिया जायेगा। उसका आठ वर्ष तक पंजीयन रहेगा। गड़बड़ी करने पर पंजीकरण निलम्बित या निरस्त किया जा सकेगा।

मेप-आईटी खत्म, इलेक्ट्रनिक विकास निगम में मर्ज

प्रदेश की शिवराज सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत गठित एमपी एजेन्सी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्फरमेशन टेक्नालॉजी यानि मेप-आईटी का विघटन कर दिया है और इसे राज्य इलेक्ट्रानिक विकास निगम में अमले, सम्पत्ति सहित मर्ज कर दिया है।
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि इलेक्ट्रानिक विकास निगम मेप-आईटी के दायित्वों को भी ग्रहण करेगा तथा उसकी गतिविधियों एवं अनुबंधों का निष्पादन भी करेगा। मेप-आईटी को मिलने वाले बजट एवं अनुदान को भी निगम को दिये जायेंगे। मेप-आईटी में कार्यरत अमला भी निगम में मर्ज कर दिया गया है।
डॉ. नवीन जोशी

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