नई दिल्ली।भारत के बहुत से राज्यों और शहरों में कोविड-19 (Covid-19) के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. इन हालातों में राज्यों को आने वाले समय में स्वास्थ्य व्यवस्था पर बहुत ज्यादा बोझ पड़ने की संभावना लग रही है और वे इसकी तैयारी में जुट भी गए हैं. ऐसे में अब वैक्सीन (Vaccination) लगाने पर ज्यादा जोर देने की बात कही जा रही है. वैक्सीन के दो डोज लगने हैं लेकिन अगर किसी वजह से वैक्सीन का दूसरा डोज (Second Dose) कोई नहीं लगवा सका तो क्या होगा. इस तरह के सवाल भी पूछे जा रहे हैं.वैक्सीन के प्रति आशंकाएंदेश में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या दस करोड़ से ज्यादा पहुंच गई जबकि दूसरा डोज अभी दो करोड़ से कम लोगों को ही लगा है. वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में कभी कम तो कभी बढ़ती दिख रही है. बहुत से लोग अभी वैक्सीन लगवाने में या तो कतरा रहे हैं, या फिर लापरवाही बरत रहे हैं. यह तक देखा जा रहा है कि रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद भी कई लोग वैक्सीन लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं. वहीं कुछ लोग यह तक पूछने लगे हैं कि अगर वैक्सीन का दूसरा डोज नहीं लगवाया तो क्या उससे कोई नुकसान होगा.

 क्यों पूछे जा रहे हैं ऐसे सवाल

दरअसल वैक्सीन का पहला डोज लगवाने के बाद लोगों को कई तरह के साइट इफेक्ट्स दिखे हैं. आम तौर पर वैक्सीन के प्रति आशंकाएं पहले से ही लोगों को होती है. उसके बाद वैक्सीन लगने के असर के रूप में बुखार, कमजोरी जैसे लक्षण सामने आने पर भी लोगों में डर बढ़ जाता है. वहीं जिस तरह से करोना के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है, वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ाने का भी एक तरह का दबाव पैदा हो रहा है. इस पर कई जगह वैक्सीन की कमी की खबरें भी लोगों में आशंकाएं पैदा कर रही है.
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