शैफाली वर्मा ने अब तक एक टेस्ट, 3 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। टेस्ट में उन्होंने 79.50 के औसत से 159 रन बनाए हैं। उनका हाइएस्ट स्कोर 96 रन है। वनडे में उन्होंने 26.00 के औसत से 78 और टी20 इंटरनेशनल में 27.70 के औसत से 665 रन बनाए हैं।

नई दिल्ली/वीरेंद्र सहवाग और सर विवियन रिचर्ड्स जैसे दिग्गजों के सवाल पर शैफाली वर्मा ने कहा कि वह अपनी स्टाइल के लिए मशहूर होना चाहती हैं। (सोर्स- इंस्टाग्राम/शैफाली वर्मा)

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा भले ही अभी कोविड-19 वैक्सीन लेने की उम्मीदवार नहीं हों, लेकिन 17 साल की इस क्रिकेटर का विजन बिल्कुल साफ है। वह वीरेंद्र सहवाग या सर विवियन रिचर्ड्स जैसे दिग्गज बल्लेबाजों से अपनी तुलना नहीं करवाना चाहतीं। उनका स्पष्ट मानना है कि वह शैफाली वर्मा के नाम से अपनी पहचान बनाना चाहती हैं, न कि किसी का क्लोन बनकर।

ने पिछले कुछ साल में ही अपनी एक अलग पहचान बना ली है। दाएं हाथ की यह बल्लेबाज वास्तव में निडर है, क्योंकि वह किसी भी स्थिति या परिस्थिति की परवाह किए बिना सीधे गेंदबाजों पर हमला करती है। टेस्ट हो या टी20 इंटरनेशनल, शैफाली वर्मा के पास गेंदबाजों से निपटने का एक ही तरीका है। शैफाली के लिए यह दृष्टिकोण सफल रहा है, क्योंकि वह अपने संक्षिप्त लेकिन बड़े पैमाने पर प्रभावशाली करियर में कई प्रमुख गेंदबाजी आक्रमण की कमर तोड़ चुकी हैं।

शैफाली वर्मा ने अपने कौशल के दम पर कई बार भारतीय महिला टीम को जीत दिलाई है। शैफाली वर्मा वर्तमान में आईसीसी टी20 महिला बल्लेबाजी रैंकिंग में टॉप पर हैं। शैफाली के शानदार हिटिंग कौशल के कारण, प्रशंसकों और विशेषज्ञ अक्सर उनकी तुलना वीरेंद्र सहवाग और सर विवियन रिचर्ड्स जैसे दिग्गज से करते रहते हैं। इतनी बड़ी क्रिकेट हस्तियों से तुलना किसी के भी लिए सौभाग्य की बात होगी, लेकिन शैफाली को किसी का ‘क्लोन’ बनना पसंद नहीं है। इसके बजाय यह धाकड़ बल्लेबाज चाहती है कि लोग उन्हें उसके नाम से जानें।

बातचीत में शैफाली ने कहा, ‘मैं सिर्फ शैफाली वर्मा के रूप में जानी जाना चाहती हूं। मैं अपने स्टाइल के लिए मशहूर होना चाहती हूं। ऐसा नहीं है कि मैं अन्य खिलाड़ियों के खेल नहीं देखती हूं। मैं उनसे सीखना चाहती हूं, लेकिन मैं उनकी नकल नहीं करना चाहती। जैसा कि मैंने कहा, मैं अपने नाम से जानी जाना चाहती हूं न कि किसी के क्लोन के रूप में। हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि जब मेरी तुलना सहवाग से की जाती है, तो इससे मुझे जबरदस्त आत्मविश्वास मिलता है।’

शैफाली वर्मा ने अब तक एक टेस्ट, 3 वनडे और 25 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। टेस्ट में उन्होंने 79.50 के औसत से 159 रन बनाए हैं। उनका हाइएस्ट स्कोर 96 रन है। वनडे में उन्होंने 26.00 के औसत से 78 और टी20 इंटरनेशनल में 27.70 के औसत से 665 रन बनाए हैं।

शैफाली वर्मा को आखिरी बार हाल ही में खत्म हुए द हंड्रेड वुमन्स कॉम्पिटिशन में देखा गया था। शैफाली ने बर्मिंघम फोनिक्स के लिए खेलते हुए 8 मैच में 171 रन बनाए। इसमें उनका स्ट्राइक रेट 140 से अधिक था। हालांकि बर्मिंघम फोनिक्स फाइनल में जगह बनाने में असफल रही, लेकिन शैफाली वर्मा के सनसनीखेज प्रदर्शन की हर किसी ने तारीफ की। वह अब भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए तैयार हैं। भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा 19 सितंबर से शुरू होना है।

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