इंदौर। रेसीडेंसी  में कल रात हुई जनप्रतिनिधियों की बैठक में कांग्रेस  के तीनों विधायकों  को नहीं बुलाने पर नाराजगी जताई है। विधायक संजय शुक्ला   ने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को जनता के हित के फैसलों में नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि हारे हुओं को मीटिंग में बुलाकर उनकी राय ली जा रही है।

कल रात रेसीडेंसी कोठी  में शहर के विकास और निर्माण कार्यों को गति प्रदान करने के लिए बैठक रखी गई थी, जिसमें मंत्री तुलसी सिलावट,  सांसद शंकर लालवानी सहित भाजपा विधायक रमेश मेंदोला, कलेक्ष्टर मनीषसिंह, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल मौजूद थीं। बैठक में नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, भाजपा नेता सुदर्शन गुप्ता, मनोज पटेल और मधु वर्मा को भी बुलाया गया था। इस बैठक में एलिवेटेड ब्रिज, बंगाली चौराहा ब्रिज, अत्याधुनिक मंडी तथा बायपास के कंट्रोल एरिया को लेकर चर्चा हुई थी। कांग्रेस के विधायक संजय शुक्ला, जीतू पटवारी और विशाल पटेल को नहीं बुलाया गया। शुक्ला ने कहा कि इसके पहले भी कोरोनाकाल के समय कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया गया था और उन्हें मीटिंग में नहीं बुलाया गया था, जबकि शहर के हित में लिए जाने वाले फैसलों में विधायकों की भूमिका अहम होती है, लेकिन भाजपा के हारे हुए विधायकों और नेता को शासकीय बैठकों में बुलाकर एक नई परिपाटी शुरू कर दी है जो गलत है।

राव के बोल-वचन का कांग्रेसी विरोध
भाजपा की हर क्रिया पर प्रतिक्रिया देने वाले कांग्रेस के प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने मुरलीधर राव के नालायक वाले बोल-वचन का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में बिकाऊओं के आने के बाद अब टिकाऊओं का रोज अपमान हो रहा है। मौके की मांग को राव रोना बता रहे हैं।

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