नई दिल्ली. इंडिया डेटलाइन. क्या उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मध्यप्रदेश पिछड़ रहा है? भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की रैंकिंग तो यही बताती है। ‘इंडिया रैंकिंग 2021’ की टॉप 100 सूची में मध्यप्रदेश का एक भी विश्वविद्यालय शामिल नहीं है। 200 श्रेष्ठ संस्थाओं की सूची में निजी विश्वविद्यालय रवींद्रनाथ टैगोर विवि को स्थान मिला है। टॉप -100 में प्रदेश के दो शिक्षा संस्थानों ने जगह बनाई और दोनों ही तकनीकी शिक्षा के केंद्र हैं। इनमें आईआईएम (IIM) इंदौर तीसवें क्रम पर है जबकि भारतीय विज्ञान और शोध संस्थान ( IISCR) भोपाल ने 50 वीं रैंक हासिल की है। मध्यप्रदेश की तुलना में उत्तरप्रदेश और महाराष्ट्र काफी आगे हैं। अकेले उत्तरप्रदेश के 7 संस्थान टॉप-100 में शामिल हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की प्रतिवर्ष नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क के अंतर्गत जारी होने वाली विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में मध्यप्रदेश के मुख्यधारा के विश्वविद्यालयों में से एक भी विश्वविद्यालय स्थान नहीं पा सका है। इससे हम इन विश्वविद्यालयों के स्तर का अनुमान कर सकते हैं। देश के टॉप -100 संस्थानों की रैंकिंग में मध्यप्रदेश के दो शिक्षण संस्थान ही आ सके हैं और दोनों ही तकनीकी शिक्षा के केंद्र हैं। तीसरे क्रम पर जहां इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट (भारतीय प्रबंध संस्थान ) इंदौर है तो 50 वें क्रम पर भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल ने जगह बनाई है।

मध्यप्रदेश के सबसे पुराने डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय की 200 विश्वविद्यालयों में कहीं भी जगह नहीं है। टॉप-100 में उत्तरप्रदेश की 7 शिक्षण संस्थाएं शामिल हैं। उत्तरप्रदेश को राष्ट्रीय ख्याति के बड़े संस्थान होने का लाभ भी मिल रहा है। सूची में श्रेष्ठता के क्रम में इस राज्य के जो विश्वविद्यालय आए हैं उनमें काशी हिंदू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ, शिव नाडार यूनिवर्सिटी शामिल हैं। टॉप -100 सूची में महाराष्ट्र के 11 संस्थान शामिल हैं।

यदि विषय संकाय के लिहाज से रैंकिंग देखी जाए तो इंजीनियरिंग संस्थानों की सूची में इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान को 13वीं, भोपाल के मौलाना आजाद प्रौद्योगिकी संस्थान को 60 वीं और जबलपुर की पंडित द्वारका प्रसाद मिश्रा भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी और निर्माण संस्थान को 80 वीं रैंक मिली है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए तमिलनाडु को सबसे बेहतर राज्य मान सकते हैं क्योंकि टॉप 100 सूची में इस राज्य के 15 संस्थान शामिल हैं।

एनआईआरएफ की 50 मेडिकल कॉलेज की सूची में मध्यप्रदेश का एक भी मेडिकल कॉलेज स्थान नहीं पा सका है। उत्तरप्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेज श्रेष्ठता की सूची में हैं। प्रबंधन संस्थानों की सूची में इंदौर के आई आई एम को छठवां क्रम मिला है तो ग्वालियर का सूचना प्रौद्योगिकी और प्रबंधन संस्थान 58 वें क्रम पर है। इसके अलावा भोपाल के भारतीय प्रबंध संस्थान ने 75वां स्थान प्राप्त किया है।

यदि हम देश भर के शिक्षण संस्थाओं में मध्यप्रदेश की स्थिति को पिछले साल की रैंकिंग के संदर्भ में देखें तो भी हमारी श्रेष्ठता का स्तर गिरा है। इंदौर की आई आई एम को पिछले वर्ष की रैंकिंग में 23 वां स्थान मिला था जो अब तीसरे क्रम पर है और भोपाल का भारतीय विज्ञान शिक्षा और शोध संस्थान 40 वें क्रम पर था। इस वर्ष इसे 50 वां स्थान मिला है। प्रदेश के जिस डॉक्टर हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में सबसे पुराना और सबसे प्रतिष्ठित फार्मेसी विभाग था, उस राज्य से टॉप 100 में एक भी फार्मेसी कॉलेज शामिल नहीं है।

एनआईआरएफ 2021 रैंकिंग गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने जारी की है। इसमें आइआइटी मद्रास को देश का सर्वश्रेष्ठ शिक्षण संस्थान माना गया है जबकि बेंगलुरु का भारतीय विज्ञान संस्थान दूसरे क्रम पर है। तीसरे स्थान पर आईआईटी मुंबई है। एनआईआरएफ रैंकिंग जारी होने का यह लगातार छठवां वर्ष है।

देश के श्रेष्ठ महाविद्यालयों की सूची में दिल्ली का मिरांडा हाउस पहले और लेडी श्री राम कॉलेज दूसरे स्थान पर है। श्रेष्ठ 100 कॉलेजों में ज्यादातर दिल्ली, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और केरल के कॉलेज हैं। मध्यप्रदेश का एक भी महाविद्यालय टॉप 200 कॉलेज में स्थान नहीं पा सका है।

 

 

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