श्रीनगर : उरी सेक्टर में सुरक्षाबलों ने मंगलवार को बड़ी कामयाबी हासिल की। मुठमेड़ में जहां एक आतंकवादी मारा गया, वहीं एक आतंकी ने सरेंडर किया। आत्मसमर्पण करने वाला आतंकवादी अली बाबर पाटरा लश्कर-ए-तैयबा का है और यह पाकिस्तान के पंजाब स्थित ओखारा का रहने वाला है। आतंकियों के खिलाफ सुरक्षाबलों के इस अभियान के बारे में बताते हुए मेजर जनरल विरेंद्र वत्स ने कहा कि आतंकियों की यह घुसपैठ पाकिस्तान ने कराई थी।

हथियारों का जखीरा बरामद

सेना के अधिकारी ने कहा कि घुसपैठ की यह कोशिश सलमाबाद नल्लाह इलाके में हुई। साल 2016 में भी इसी इलाके में घुसपैठ हुई थी। मेजर जनरल ने आगे कहा कि उरी ऑपरेशन में 7 एके सीरीज के हथियार, नौ पिस्टल, 80 ग्रेनेड, भारतीय एवं  पाकिस्तानी करेंसी, कारतूस, 8 पिस्टल बरामद हुए हैं।

18 सितंबर की रात अपना ऑपरेशन शुरू हुआ

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मेजर जनरल ने कहा कि सुरक्षाबलों ने 18 सितंबर की रात अपना ऑपरेशन शुरू किया। गश्ती के दौरान सुरक्षाबलों ने नियंत्रण रेखा के पास आतंकियों को घुसपैठ की कोशिश करते देखा। फिर इसके बाद आंतकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हुई। छह आतंकी भारतीय क्षेत्र में दाखिल होना चाह रहे थे लेकिन सुरक्षाबलों की ओर से फायरिंग शुरू करने पर चार आतंकवादी वापस पाकिस्तान की तरफ भाग गए। दो आतंकवादी अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो गए।’

पाकिस्तान ने की आतंकियों की मदद

उन्होंने कहा, ‘इन दोनों आतंकियों को निष्क्रिय करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाबलों को अभियान में लगाया गया। इतनी बड़ी मात्रा में आतंक की सामग्री बिना पाकिस्तान के मिलीभगत से नहीं लाई जा सकती। पूरे एलओसी पर स्थित आतंकियों के लॉन्च पैड्स पर गतिविधियां होती देखी गई हैं। बीते सात दिनों में सात आतंकी मारे गए हैं और एक आतंकी पकड़ा गया है।’

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