जल्द प्रभावशील होगा कालोनी विकास नियम 2021

डॉ. नवीन जोशी

भोपाल।प्रदेश में अब कालोनाईजर लायसेंस पांच साल के लिये मिलेगा। इसके लिये 50 हजार रुपये शुल्क लिया जायेगा। यह लायसेंस पूरे प्रदेश के लिये मिलेगा यानि किसी भी जिले में इस लायसेंस के आधार पर कालोनी बनाई जा सकेगी। पांच साल बाद 25 हजार रुपये शुल्क देकर पुन: पांच साल के लिये लायसेंस का नवीनीकरण भी हो सकेगा। यह नया प्रावधान राज्य सरकार ने मप्र नगर पालिका कालोनी विकास नियम 2021 में किया है जो शीघ्र प्रभावशील हो जायेगा।
कालोनाईजर लायसेंस ऑनलाईन दिया जायेगा तथा इसे नगरीय प्रशासन आयुक्त 30 दिन के अंदर स्वीकृत या अस्वीकृत करेंगे। यदि आवेदन अस्वीकृत होता है तो आवेदक 30 दिन के अंदर राज्य शासन के समक्ष अपील कर सकेगा। लायसेंस लेने के लिये आवेदन के साथ एक शपथ-पत्र भी देना होगा कि आवेदक को किसी अपराध में दोषसिध्द नहीं ठहराया गया है। विधिमान्य रजिस्ट्रीकृत कालोनाईजर्स का नाम और उसके समस्त अभिलेख नगरीय प्रशासन संचालनालय की वेबसाईट पर प्रदर्शित किये जायेंगे।
इन्हें नहीं होगी लायसेंस लेने की जरुरत :
मप्र गृह निर्माण मंडल, विकास प्राधिकरणों, स्मार्ट सिटी कारपोरेशनों तथा नगरीय निकायों को आवासीय एवं वाणिज्यिक परिसर बनाने के लिये कालोनाईजर लायसेंस लेने के बंधन से मुक्त कर दिया गया है तथा ये बिना लायसेंस लिये ही ऐसे निर्माण कर सकेंगे। लेकिन इन्हें कालोनी विकसित करने के लिये संबंधित नगरीय निकाय के सक्षम अधिकारी से अनुज्ञा प्राप्त करना होगा एवं उसका शुल्क भी अदा करना होगा।

सांसद एवं विधायक निधि के उपयोग हेतु के लिये सांख्यिकी संचालनालय का पुनर्गठन होगा

 राज्य सरकार सांसद एवं विधायक निधि के उपयोग के लिये आसर्थिक एवं सांख्यकी संचालनालय का पुनर्गठन करेगा। यह पुनर्गठन कैसा हो, इसके सुझाव देने के लिये एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टास्क फोर्स राज्य एवं जिला स्तर पर सांख्यिकी/डाटा के संग्रहण/प्रबंधन प्रणाली को अधिक पेशेवर एवं वैज्ञानिक बनाने और राज्य नीति निर्धारण/डाटा के प्रभावी उपयोग भी बतायेगा।
यह टास्क फोर्स के अध्यक्ष नई दिल्ली स्थित वल्र्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट के सीनियर फेलो प्रो. अमिताभ कुंडु बनाये गये हैं जबकि सदस्यों में शामिल किये गये हैं : आईआईएम इहमदाबाद के सांख्यिकी विषय विशेषज्ञ प्रो. रवि डोलकिया, सदस्य स्थाई समिति आर्थिक सांख्यिकी प्रो. जिमोल उन्नी, कोलकाता डेटा विज्ञान के विशेषज्ञ पूर्व आईएएस अतिमाभ पंडा, आईआईएम इंदौर के आईटी विशेषज्ञ डा. दीपक सेठिया, डीएवीवी इंदौर के अर्थमिती विशेष प्रो. गणेश कावडिया, सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक आर्थिक एवं सांख्यिकी इंदौर जेपी परिहार तथा राज्य नीति आयोग के प्रमुख सलाहकार। आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय भोपाल को टास्क फोर्स का संयोजक बनाया गया है।
उक्त टास्क फोर्स तीन माह की अवधि में अपनी रिपोर्ट देगा। इसके सदस्यों को प्रति बैठक दस हजार रुपये की दर से मानदेय या अध्यक्ष को अधिकतम डेढ़ लाख रुपये देय होगा जबकि शासकीय सदस्यों को अधिकतम एक लाख रुपये मानदेय देय होगा।

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