कर्नाटक उच्च न्यायालय में 30 नवंबर मंगलवार को एक मामले की वर्चुअल सुनवाई के दौरान एक शख्स अर्धनग्न अवस्था शामिल हो गया। इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह एक मामले में बहस कर रही थीं। उनकी आपत्ति के बाद भी शख्स नहीं माना। अब व्यक्ति के खिलाफ अदालत की अवमानना ​​का मामला और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज होगा।

एक ट्वीट के जरिए इंदिरा जयसिंह ने बताया कि इस बात की मैं पुष्टि करती हूं। मेरे द्वारा आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद भी एक शख्स अर्ध नग्न अवस्था में पूरे 20 मिनट तक स्क्रीन पर दिखाई दिया। इसके लिए मैं अदालत की अवमानना ​​और यौन उत्पीड़न के लिए आधिकारिक शिकायत दर्ज करा रही हूं।

उन्होंने कहा कि अदालत की सुनवाई के दौरान ऐसा होना बेहद परेशान करने वाला है। गौरतलब है कि वरिष्ठ वकील ने श्रीधर भट्ट नाम के व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

महिला वकील ने कोर्ट को बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही सुनवाई में एक व्यक्ति बिना बनियान के शामिल हुआ। बहस के दौरान कोर्ट रूम में वह दिखाई दे रहा है। वकील ने इस पर न्यायिक संज्ञान लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोर्ट में कुछ मर्यादा बरतें। मैं एक महिला वकील हूं।अदालत से इंदिरा जयसिंह ने कहा, कोर्ट में एक महिला के लिए एक आदमी को बिना कपड़ों के देखना बहुत परेशान करने वाला है। बता दें कि इसके लिए उस आदमी को नोटिस जारी किया गया है। वरिष्ठ वकील सेक्स सीडी कांड में पीड़िता की ओर से पेश हुई थी।

कौन हैं इंदिरा जयसिंह: बता दें कि इंदिरा जयसिंह देश की जानी-मानी वकील हैं। वो अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में भी रहती हैं। 1986 में बॉम्बे हाई कोर्ट की पहली वरिष्ठ एडवोकेट बनने वाली इंदिरा जयसिंह ने अपने वकालत का सफर मानवाधिकार और महिला अधिकारों की लड़ाई के साथ किया था।नामी मैगजीन ‘फॉर्च्यून मैगजीन’ ने 2018 में दुनिया के टॉप 50 नेताओं में इंदिरा जय सिंह को शामिल किया था। वो 2009 में देश की पहली महिला अतिरिक्त सॉलिसिटर भी बनी थीं। इंदिरा जयसिंह का जन्म मुंबई में एक सिंधी परिवार में हुआ था। उन्होंने बैंगलोर विश्वविद्यालय से बीए और बॉम्बे विश्वविद्यालय से 1962 में एलएमएल की डिग्री हासिल की थी।

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