डॉ. नवीन जोशी

भोपाल।प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित नर्मदा नदी के उद्गम स्थल एवं प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर अमरकंटक में शंभू धारा आरक्षित वन क्षेत्र में स्थित जलाशय के किनारे सिर्फ एक ध्यान कुटी बनेगी। इस ध्यान कुटी का डिजाईन ईको पर्यटन बोर्ड ने बनाया है तथा इसे मंजूरी के लिये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास भेजा है। यह कुटी स्थानीय पत्थरों एवं नकड़ी-घांसफूस से बनेगी न कि कांक्रीट की।
दरअसल मुख्यमंत्री चौहान ने नौ माह पहले 21 जनवरी को अमरकंटक प्रवास के दौरान ऐसी ध्यान कुटी बनाने की घोषणा की थी। कोविड की दूसरी लहर आने के कारण इस घोषणा पर अमल रुक गया था और अब हालात सुधारने पर इस पर फिर अमल शुरु हो गया है। फिलहाल अमरकंटक में बहुत सारी ध्यान कुटी न बनाकर सिर्फ एक ध्यान कुटी ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनाने का निर्णय लिया गया है। चूंकि आरक्षित वन क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही नहीं हो सकती है, इसलिये शंभू धारा क्षेत्र को ईको पर्यटन क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव राज्य शासन के पास भेजा गया है। यह क्षेत्र ईको पर्यटन के लिये नोटिफाईड होने पर इसमें पर्यटक आ जा सकेंगे।
यूकेलिप्टस के वृक्ष भी काटे गये :
मुख्यमंत्री चौहान ने अमरकंटक के प्रवास के दौरान वहां लगे यूकेलिप्टस के वृक्ष भी काटने एवं उनके स्थान पर साल सौर के पौधे लगाने की भी घोषणा की थी। उनकी घोषणा के बाद अमरकंटक के 50 हैक्टेयर बिगड़े वन क्षेत्र को वर्किंग प्लान में लिया गया तथा 18 हैक्टेयर क्षेत्र में लगे यूकेलिप्टस के करीब छह हजार वृक्ष काट दिये गये। चूंकि यूकेलिप्टस वृक्ष दलदली भूमि पर लगे थे, इसलिये उसमें साल सौर के पौधे टिक नहीं पाये हैं। इसलिये अब वहां अन्य स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाये जा रहे हैं जिनमें औषधीय पौधे भी शामिल हैं।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि सीएम की घोषणा का पालन किया जा रहा है तथा पायलट प्रोजेक्ट के तहत अमरकंटक में एक ध्यान कुटी ईको पर्यटन बोर्ड के माध्यम से बनाई जाने की तैयारी है। यूकेलिप्टस के वृक्ष इसलिये काटे गये क्योंकि यह विदेशी प्रजाति का है तथा जैव-विविधता वाले अंरकंटक में इसके स्थान पर स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाये जायेंगे।

मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कोर्स फिर शुरु होगा

 राज्य सरकार प्रदेश के कॉलेजों में एक बार फिर मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कोर्स शुरु करेगी। यह कोर्स राज्य जन अभियान परिषद ने बनाया है तथा इसका संचालन सतना स्थित महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय करेगा।
राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी सरकारी कॉलेजों को निर्देश जारी कर कहा है कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठयक्रम, राज्य जन अभियान परिषद् को हस्तांतरित किए जाने तथा हस्तांतरण उपरांत परिषद् के माध्यम से शैक्षणिक सत्र 2021-22 से पुन: प्रदेश के समस्त 313 विकासखण्डों में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम चलाने के अंतर्गत बैचलर इन सोशल वर्क (सामुदायिक नेतृत्व एवं सतत् विकास) तथा मास्टर ऑफ सोशल वर्क (सामुदायिक नेतृत्व एवं सतत् विकास) पाठ्यक्रम का संचालन प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है।
निर्देश में आगे कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2021-22 अंतर्गत विकासखण्ड मुख्यालय पर उपलब्ध शासकीय महाविद्यालय उक्त पाठ्यक्रमों हेतु महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के अध्ययन केन्द्र के रूप में कार्य करेंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य इस पाठ्यक्रम हेतु अध्ययन केन्द्र प्रभारी होंगे। अध्ययन केन्द्र प्रभारी प्राचार्य द्वारा रविवार को कक्षा संचालन की आवश्यक व्यवस्था हेतु एक प्रभारी व्यक्ति का तथा पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई व अन्य कार्यों के लिये एक भृत्य का नामांकन किया जावे। इन व्यक्तियों को मानदेय का भुगतान जन अभियान परिषद् द्वारा किया जावेगा। कक्षाएं केवल रविवार को संचालित की जावेगी। रविवार के दिन कक्ष उपलब्ध न होने अथवा किसी विशेष स्थिति में अन्य दिवसों में भी कक्षाएं इस प्रकार संचालित की जा सकती हैं कि महाविद्यालय के सामान्य अध्ययन-अध्यापन एवं अन्य कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो। पाठ्यक्रम अंतर्गत अकादमिक गतिविधियों आदि के संबंध में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा यथोचित निर्देश एवं परिपत्र जारी किये जायेंगे। अद्र्धवार्षिक/प्रायोगिक वार्षिक परीक्षा के आयोजन में अध्ययन केन्द्र प्रभारी प्राचार्य एवं अन्य स्टाफ द्वारा अकादमिक/प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया जावेगा। इस कार्य हेतु निर्धारित राशि चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जावेंगी।

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