नईदिल्ली । संसद (Parliament) के शीतकालीन सत्र (Winter session) के दौरान मंगलवार को बीजेपी संसदीय दल (BJP Parliamentary Party) की बैठक (Meeting) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि, सांसदों (MPs) को सदन में मौजूद रहना चाहिए (Must be Present in the House) । हालांकि ये हर बार बोलना ठीक नहीं, लेकिन सदन में रहने की सबकी जिम्मेदारी है।

पीएम मोदी ने कहा, “अगर बच्चों को भी बार-बार टोके तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगता है। आप अपने में परिवर्तन लाइये, वरना परिवर्तन तो वैसे ही आ जाता है।” पीएम ने पार्टी के सभी सांसदों को संसद में उपस्थित रहकर कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने का निर्देश दिया। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों को संसद में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने की बात कहते हुए कहा कि बार-बार बच्चों की तरह आप लोगों को एक ही बात कहना ठीक नहीं है। मोदी ने सांसदों से सख्त लहजे में कहा कि आप लोग अपने-अपने व्यवहार में परिवर्तन लाइए नहीं तो परिवर्तन तो हो ही जाता है।

बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी सांसदों को संसद के शीतकालीन सत्र के बाद अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में जाकर जिलाध्यक्षों और मंडल अध्यक्षों के साथ संवाद करने और उन्हें चाय पर चर्चा के लिए बुलाने के लिए कहा। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि, वह 14 दिसंबर को बनारस में अपने संसदीय क्षेत्र के जिलाध्यक्ष और मंडल अध्यक्षों को चाय पर बुलाएंगे।

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को सांसद खेल प्रतियोगिता, सांसद तंदुरुस्त बाल प्रतियोगिता, सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता का आयोजन करने के साथ-साथ अपने-अपने क्षेत्रों में रहने वाले पद्म पुरस्कार विजेताओं के संपर्क में रहने और उनके साथ निरंतर संवाद करने का भी निर्देश दिया। अब देखना होगा कि प्रधानमंत्री की इस फटकार और नसीहत का गैर हाज़िर रहने वाले सांसदों पर क्या असर पड़ेगा।

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