देवेंद्र शर्मा

एक छोटा सा घर… वो भी ऑटो रिक्शा के ऊपर। यकीन नहीं होता? तो कर लीजिए…

क्योंकि इस ऑटो रिक्शा की 36 वर्ग फुट की जगह में न सिर्फ बेडरूम, लिविंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथटब और वर्कस्पेस है, बल्कि पानी के लिए 250 लीटर का वाटर टैंक।

600 वॉट का सोलर पैनल, बैटरियां, कपबोर्ड्स, बाहर की तरफ कपड़े सुखाने के लिए हैंगर, दरवाजे और सीढ़ियां भी हैं।

इसका नाम है ‘सोलो 0.1’, जिसे चेन्नई के 23 वर्षीय अरुण प्रभु ने सिर्फ एक लाख रुपये में तैयार किया है।

साल 2019 में अरुण मुंबई और चेन्नई के स्लम एरिया में रिसर्च कर रहे थे। जहां उन्होंने देखा कि एक झोपड़ी को बनाने में लगभग 4 से 5 लाख रुपये खर्च आता है, जिसमें टॉयलेट जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं होती।

इसलिए उन्होंने सिर्फ 1 लाख रुपये में ‘सोलो 0.1’ बनाकर इस समस्या का हाल निकाला।

अरुण ने ‘सोलो 0.1’ को पुराने थ्री-व्हीलर और रिसाइकल्ड चीजों से बनाया है, जो सोलर बैटरी से लेस है।

अरुण का मानना है कि 1 लाख की लागत से बना यह घर दो व्यस्क लोगों के लिए है। इसके बनाने में उन्हें पांच महीने लगे थे, जिसका मकसद मजदूरों, बेघरों और छोटे दुकानदारों को कम कीमत में एक अस्थायी घर उपलब्ध करवाना है।

अरुण तमिलनाडू के नमक्कल में पारामथी वेल्लोर के रहने वाले हैं, जिन्होंने सेकंड हैंड बजाज आई थ्री-व्हीलर पिकअप को एक घर में बदल कर ‘कॉन्सेप्ट होम ऑन व्हील्स प्रोजेक्ट’ को हकीकत बना दिया।

उन्होंने बेंगलुरु की डिजाइन और आर्किटेक्ट कंपनी बिलबोर्ड से जुड़कर यह खूबसूरत चीज बनाई है, जिसकी पब्लिक तारीफ करते नहीं थकती।????????

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2 COMMENTS

  1. बहुत बढ़िया । ऐसे ही नए नए आर्टिकल्स देते रहिये । ??

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