सोमवार ।मटके का पानी जितना ठंडा और सुकूनदायक लगता है, स्वास्थ्य के लिए भी उतना ही फायदेमंद भी होता है। अब भी कुछ परिवार इस परंपरा का पालन करते हैं और रेफ्रिजरेटर का उपयोग करने की बजाय मिट्टी के बर्तनों में पानी रखना ज्यादा पसंद करते हैं और इसे ही पीते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन बर्तनों में प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक गुण होते हैं मिट्टी में कई प्रकार के रोगों से लड़ने की क्षमता होती है। मिट्टी के बर्तनों में पानी रखा जाए तो उसमें मिट्टी के गुण आ जाते हैं। इसलिए घड़े में रखा पानी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। 

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क्षारीय प्रकृति: मिट्टी प्रकृति में क्षारीय है, तो यह शरीर में पीएच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। इसका कारण यह है कि मानव शरीर प्रकृति में अम्लीय होने के लिए जाना जाता है। क्षारीय मिट्टी तब अम्लीय पानी के साथ प्रतिक्रिया करती है इसलिए एक उचित पीएच संतुलन बनता है। इसलिए मटके का पानी पीने से एसिडिटी और पेट के दर्द से राहत मिलती है। 

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हानिकारक रसायनों का डर नहीं: मिट्टी के बर्तन से पानी पीने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें किसी भी प्रकार के हानिकारक रसायनों का डर नहीं है। प्‍लास्टिक की बोतलों में एक शक्तिशाली जहरीला रसायन बीपीए के कारण अंत:स्रावी व्‍यवधान का डर होता है जो कि मिट्टी के बर्तनों में नहीं होता है। मिट्टी के बर्तन में प्रदूषण की संभावनाएं लगभग अनुपस्थित होती हैं। मिट्टी के बर्तनों में पानी भंडारण इसलिए करना चाहिए क्‍योंकि यह न केवल पानी को समृद्ध करता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि यह दूषित नहीं है।

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गले की तकलीफों से लिए: मटके का पानी खांसी या सर्दी से पीड़ित लोगों के लिए एक आदर्श पेय है। गर्मियों के दौरान सांस की बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए यह सबसे अच्छा विकल्प है, क्योंकि फ्रिज का पानी पीने में ठंडा हो सकता है और प्लास्टिक की बोतलों में बाहर रखा पानी बहुत गर्म होता है। मिट्टी के मटके का पानी प्यास बुझाने के लिए मिट्टी के गुणों से भरपूर होता है। फ्रिज का पानी पीने से गला खराब होने समेत कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन मटके का पानी पीने से प्यास भी खत्म होगी और कोई साइड इफेक्ट नहीं होगा। 

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पाचन क्रिया: मिट्टी के घड़े का पानी पीना सेहत के लिए फायदेमंद है। इसका तापमान सामान्य से थोड़ा ही कम होता है जो ठंडक तो देता ही है। यह पाचन की क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसे पीने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर भी बढ़ता है।

मेटाबॉलिज्म में सुधार: मिट्टी के बर्तन में जमा पानी से शरीर की प्राकृतिक मेटाबॉलिज्म प्रणाली को बढ़ावा मिलता है। इसका कारण यह है कि यह पानी किसी भी प्रकार के रासायनिक घटकों के संपर्क में नहीं आता है। 

कब्ज और गला खराब: फ्रिज के पानी की अपेक्षा यह अधिक फायदेमंद है क्योंकि इसे पीने से कब्ज और गला खराब होने जैसी समस्याएं नहीं होती। इसके अलावा मटके का पानी ही सही मायने में शरीर को ठंडक देता है।

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विषाक्त पदार्थों का डर नहीं: मटके का पानी पीने का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें किसी भी तरह के जहरीले रसायनों का डर नहीं होता है। प्लास्टिक की बोतलों में पाए जाने वाले एक शक्तिशाली जहरीले रसायन बीपीए का कोई डर नहीं है। इस पानी में दूषित होने की आशंका नहीं रहती है। वहीं मिट्टी सभी विषैले पदार्थ को सोख लेती है। जिन लोगों को गर्मी में खट्टी डकार और अपच की समस्या रहती है, वे पीने के पाने के लिए मटके का ही इस्तेमाल करें। 

हीलिंग गुण से भरपूर: मिट्टी के मटके में हीलिंग यानी उपचार के गुण होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मिट्टी का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के खनिजों और विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा में बर्तन बनाने के लिए किया जाता है। जब बर्तन में पानी भर जाता है और फिर पिया जाता है, तो लाभ शरीर में स्थानांतरित हो जाते हैं। 

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