भोपाल. इंडिया डेटलाइन. विजयादशमी उदयतिथि (सूर्योदय)  के मान से 26 अक्टूबर सोमवार को मनाई जाएगी। लेकिन चूँकि दशमी तिथि रविवार 25 अक्टूबर से शुरू हो जाएगी, इसलिए रावण दहन इसी दिन शाम को होगा। दहन समय मुहूर्त्त माने वाले रविवार को दशहरा मनाएँगे। उदयतिथि को मानने वालों ने अष्टमी शनिवार को मनाई।

त्योहारों की तिथियों को लेकर अलग-अलग राज्यों व वर्गों में पृथक-पृथक मान्यताएं हैं। पंचांग का अध्ययन करने वाले विद्वान बताते हैं कि सप्तमी 23 अक्टूबर को सुबह 11: 40 बजे तक रही। जिसके बाद अष्टमी शुरू हो गई। इस तरह 23 अक्टूबर को सप्तमी व अष्टमी दोनों ही मनाई गईं। यही क्रम अब नवमीं व दशमी में चल  रहा है। नवमी 25 को सुबह 10:45 बजे तक और दशमी 26 को सुबह 11;03 बजे तक रहेगी। 

उज्जैन के पंडित आनंद शंकर व्यास का मत है कि विजयादशमी में उदयतिथि की बजाय विजय मुहूर्त का महत्व है जो रविवार को अपराह्न 2.02 बजे से 2:45 बजे तक है। देश के कई हिस्सों में रविवार को ही विजयादशमी मनायी जाएगी। 

नाथद्वारा के पंडित पुष्करजी मे बताया कि वैष्णव व निम्बार्क संप्रदाय उदयतिथि में सोमवार को विजयादशमी मनाएगा। नाथद्वारा में इसी दिन विजयादशमी होगी। दशानन वध संध्या समय हुआ था। इस मान्यता को माने वाले लोग रविवार को दशहरा मनाएँगे। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि जिस लार को तिथि का अधिक भाग रहता है, इस दिन पर्व मनाया जाता है। ऐसे लोगों के लिए भी रविवार को विजयादशमी है। लेकिन इसके विपरीत कुछ लोग त्योहार को सूर्योदय के मान से तय करते हैं। जिनके लिए सोमवार को पर्व होगा। 

पंडित पुष्करजी कहते हैं कि कई त्योहारों में दो तिथियाँ आने से भ्रम उत्पन्न होता है। इससे वे हिंदू समाज को बैठकर एक कैलेंडर तय करने का सुझाव देते हैं।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here