पी.सी.रजक

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  • श्रीनगर से कारगिल वाॅर मेमोरियल तक का यह कठिन सफर तीन दिन में पूरा किया।
  • इससे पहले 2016 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया था उस समय भगवान सिंह के पैरों की अंगुलियां गल गईं थीं।
  • भगवान सिंह ने 54 दिनों की यात्रा कर एवरेस्ट की चोटी पर तिरंगा फहराया।
  • भगवान सिंह कुशवाह बड़े तालाब स्थित खेल विभाग अकादमी में वोट क्लब की देख-रेख व सफाई का काम करते हैं।

 पी.सी.रजक/भोपाल

खेल और युवा कल्याण विभाग में कार्यरत भगवान सिंह कुशवाहा ने श्रीनगर से कारगिल वाॅर मेमोरियल तक की करीब तीन सौ किलो मीटर की कठिन साहसिक साईकिल यात्रा पूरी कर मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने यह साईकिल यात्रा श्रीनगर से प्रारम्भ की और कारगिल वाॅर मेमोरियल तक आने-जाने का लगभग तीन सौ किलो मीटर का यह कठिन सफर तीन दिन में पूरा किया।

साईकिल यात्रा से लौटकर भगवान सिंह ने कल संचालक खेल और युवा कल्याण पवन कुमार जैन से सौजन्य भेंट की और उन्हें इस साहसिक यात्रा से अवगत कराया। खेल संचालक ने भगवान सिंह द्वारा की गई इस साहसिक यात्रा की सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि 11 हजार फीट ऊंचे दुनिया के कठिनतम सड़क मार्ग जोझिला-दर्रा को साईकिल से चढ़ाई कर पूरा करने वाले भगवान सिंह ने साहसिक कार्य किया है।

खेल संचालक ने भगवान सिंह द्वारा की गई इस साहसिक यात्रा की
सराहना करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।

भगवान सिंह कुशवाह बड़े तालाब स्थित खेल विभाग अकादमी में वोट क्लब की देख-रेख व सफाई का काम करते हैं। उनके जोश औऱ उनके जुनून ने प्रदेश के खिलाड़ियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है हौसला अगर हो तो दुनिया में कुछ भी पाना असंभव नहीं है। फिट हैं तो हिट हैं। तभी तो बढ़ेगा इंडिया।

हम फिट तो इंडिया फिट

भगवान सिंह ने बताया कि उन्होंने 30 अक्टूबर, 2020 को प्रातः 7 बजे श्रीनगर से साईकिल यात्रा प्रारंभ की। सोनमर्ग होते हुए वे जोझिला-दर्रा पहुंचे जहां वर्फबारी के चलते ट्रक चालकों के सहयोग से ट्रक के केबिन में रात्रि विश्राम किया। अगले दिन उन्होंने अपना सफर प्रारंभ किया और वे 31 अक्टूबर को रात्रि 8.30 बजे द्रास पहुंचकर रात्रि विश्राम किया। उन्होंने 1 नवम्बर, 2020 को कारगिल वाॅर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और वापस श्रीनगर के लिए प्रस्थान किया। भगवान सिंह ने शाम को 7 बजे श्रीनगर पहुंचकर अपनी साहसिक यात्रा का समापन किया।

2016 में विक्रम अवार्ड के लिए मप्र सरकार से मिला था आश्वासन

2016 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाले खेल विभाग के कर्मचारी भगवान सिंह कुशवाह को उस समय विक्रम अवार्ड दिए जाने के लिए मप्र सरकार से आश्वासन मिला था। उस दौरान भी यशोधरा राजे सिंधिया खेलमंत्री रहीं। जबकि खेल संचालक उपेंद्र जैन रहे। भगवान सिंह मध्यप्रदेश के पहले पर्वतारोही हैं जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया।

भगवान सिंह ने इससे पूर्व भी साईकिल से कई साहसिक यात्राएं पूरी की है। उन्होंने वर्ष 2017 से लगातार तीन वर्ष तक दुनिया की सबसे ऊंची सड़क कुल्लू-मनाली- लेह-खारढूंगला की साईकिल द्वारा साहसिक यात्रा की है। उनका मानना है कि नियमित साईक्लिंग से स्वयं को फिट रखकर हम फिट रह सकते हैं। ‘‘हम फिट तो इंडिया फिट’’।

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