नई दिल्ली।आईपीएल 2020 (IPL 2020) के फाइनल में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) ने जयंत यादव (Jayant Yadav)को टीम में शामिल किया. उन्हें राहुल चाहर की जगह लिया गया. जयंत का फाइनल में खेलना कई लोगों को चौंका सकता है लेकिन मुंबई ने रणनीति के तहत उन्हें शामिल किया है. मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा कि दिल्ली कैपिटल्स में काफी सारे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, ऐसे में जयंत को लिया गया. वे ऑफ स्पिनर हैं. उनकी गेंदों को खेलना बाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए मुश्किल रहता है. जयंत ने उनके सलेक्शन को सही भी साबित किया. उन्होंने अपने पहले ही ओवर में शिखर धवन को बोल्ड कर दिया.

कौन हैं जयंत यादव

30 साल के जयंत यादव ऑफ स्पिनर हैं और घरेलू क्रिकेट में हरियाणा के लिए खेलते हैं.

फर्स्ट क्लास क्रिकेट में वे 61 मैच में 162 विकेट ले चुके हैं. वहीं 50 ओवर क्रिकेट में उनके नाम 56 मैच में 49 विकेट हैं. घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बूते जयंत को साल 2016 में भारतीय टेस्ट टीम में चुना गया. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापतनम टेस्ट से डेब्यू किया. इस मैच में उन्होंने चार विकेट लिए. साथ ही बल्ले से भी अहम योगदान देते हुए कुल 62 रन बनाए. मोहाली में हुए अगले टेस्ट में उन्होंने चार विकेट लेने के साथ ही 55 रन की अर्धशतकीय पारी भी खेली. इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई टेस्ट में जयंत ने शतक जड़ दिया था. वे पहले भारतीय हैं जिन्होंने नौवें नंबर पर उतरकर टेस्ट में शतक लगाया था.

जयंत यादव घरेलू क्रिकेट में हरियाणा के लिए खेलते हैं और ऑफ स्पिनर हैं.

इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में भी उन्हें जगह मिली. लेकिन पुणे टेस्ट के बाद उन्हें बाहर हो गया. साल 2017 में हुए इस टेस्ट के बाद से दोबारा जयंत को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली. जयंत ने साल 2016 में भारत के लिए एक वनडे मैच भी खेला था. न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मैच में उन्होंने एक विकेट लिया था.

आईपीएल सफर

जयंत ने साल 2015 में आईपीएल में कदम रखा था. दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें सबसे पहले खरीदा था. हैदराबाद के खिलाफ अपने पहले ही मैच में उन्होंने चार ओवर में 19 रन देकर एक विकेट लिया था. इस सीजन में उन्हें तीन ही मैच खेलने को मिले. इनमें दो विकेट निकाले लेकिन उनकी इकनॉमी 4.14 की रही जो कमाल थी. अगले दो सीजन भी वे दिल्ली के साथ ही रहे. इनमें सात मैच खेले और दो विकेट ले सके. हालांकि रन देने में वे कंजूस रहे. आईपीएल 2019 से पहले मुंबई ने उन्हें अपने साथ जोड़ लिया. उस साल भी दो ही मैच खेलने को मिले और एक विकेट लिया.

मां से है स्पेशल कनेक्शन

जयंत यादव की कहानी काफी दिलचस्प है. भारतीय टीम के मैनेजर रहे अनिरुद्ध चौधरी के अनुसार, जयंत की मां लक्ष्मी का कई साल पहले प्लेन क्रेश में निधन हो गया था. फिर उनकी दूसरी मां ज्योति ने उन्हें पाला-पोसा. जयंत के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी. साल 2016 में जब जयंत ने वनडे डेब्यू किया था तब वे अपनी दोनों मां के नाम जर्सी पर लिखाना चाहते थे लेकिन उस पर केवल लक्ष्मी नाम ही लिखा गया. इस पर उन्होंने बाद में दूसरी मां ज्योति से माफी भी मांगी थी.

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