दिल्ली, गुजरात और मध्यप्रदेश में एक बार फिर से कोराना वायरस संक्रमण के मामले में तेजी देखी जा रही है. कोरोना महामारी से जूझ रहा पूरा विश्व इस संक्रमण से निजात पाने के लिए वैज्ञानिकों की ओर देख रहा है. हालांकि इस बीच राहत की खबर यह है कि कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) को लेकर अब तस्वीरें साफ होने लगी हैं. संभावना जताई जा रही है कि अगले साल तक वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी. इसके बाद से वैक्सीन की कीमत को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है. अमेरिकी, जर्मनी, ब्रिटेन सहित दुनिया के दूसरे देशों की कंपनियां अब वैक्सीन की अनुमानित कीमतों पर विचार कर रही हैं.

नोवावैक्स वैक्सीन

अमेरिका की नोवावैक्स वैक्सीन का उत्पादन भारत के सीरम इंस्टीट्यूट में ही होना है. ऐसे में बताया जा रहा है कि इसकी प्रति खुराक कीमत 240 रुपये होगी और कंपनी 100 मिलियन खुराक का उत्पादन इसी दर पर कंपनी करेगी. नोवावैक्‍स का यूके में 10 हजार लोगों पर फेज 3 ट्रायल चल रहा है. अमेरिका में इसका ट्रायल इसी महीने शुरू होने वाला है.

ऑक्‍सफोर्ड-एस्‍ट्राजेनेका

भारत में सबसे अधिक उम्मीदें ऑक्‍सफोर्ड-एस्‍ट्राजेनेका वैक्सीन से है. सीरम इंस्टिट्यूट की एस्‍ट्राजेनेका के साथ एक बिलियन डोज सप्‍लाई करने की पार्टनरशिप हुई है. इसे स्‍थानीय स्‍तर पर Covishield नाम दिया गया है. सटीक कीमत का खुलासा सीरम इंस्टिट्यूट ने नहीं किया है मगर कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला कह चुके हैं कि यह वैक्‍सीन बेहद किफायती होगी. अनुमानों के मुताबिक एक डोज की कीमत 225 रुपये रखी जा सकती है. हालांकि अभी तक यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है.

फाइजर

अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने जर्मनी की बायोएनटेक के साथ मिलकर कोरोना की वैक्‍सीन बनाई है. फाइजर दुनिया की उन पहली दवा कंपिनयों में से हैं, जिसने फेज 3 स्‍टडीज के अंतरिम नतीजे जारी किए हैं. यह वैक्‍सीन 95 प्रतिशत तक असरदार पाई गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में फाइजर 20 डॉलर (लगभग डेढ़ हजार रुपये) में वैक्‍सीन की एक डोज दे रही है. भारत में वैक्‍सीन की एक डोज दो हजार रुपये के आसपास हो सकती है.

मॉडर्ना

अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना ने भी फेज-3 ट्रायल के नतीजे जारी कर दिए हैं. यह भी दो डोज वाली वैक्सनी है और अगले साल तक इसके उपलब्‍ध होने की संभावना है. अगस्‍त के महीने में मॉडर्ना ने कहा था कि उसकी वैक्‍सीन की एक डोज 32 से 37 डॉलर के बीच हो सकती है. यानी भारत में इस वैक्सीन की एक डोज लगभग 3 हजार रुपये का पडे़गा.

स्वदेशी कोवैक्सीन

ICMR-भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का फिलहाल 26 हजार लोगों पर फेज 3 ट्रायल शुरू हुआ है. भारत में किसी भी कोरोना वैक्‍सीन का यह सबसे बड़ा ट्रायल है. सबकुछ ठीक रहा तो वैक्‍सीन अगले साल की पहली तिमाही तक आ सकती है. भारत बायोटेक के एमडी डॉ कृष्‍णा एल्‍ला ने कहा था कि वैक्‍सीन की कीमत एक पानी की बोतल के दाम से भी कम होगी. यानी कि वैक्‍सीन की एक डोज 20 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए.

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