भोपाल. इंडिया डेटलाइन. राज्य में सद्भाव से रहने वाले लोगों के लिए यह अच्छा नहीं हो रहा है। उज्जैन व इंदौर में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हमले के बाद मंदसौर जिले में इन्हीं समूहों द्वारा अन्य समुदाय के धर्मस्थलों में घुसने की घटना ने तनाव पैदा कर दिया। सांप्रदायिक तनाव को रोकने के लिए बुधवार को पुलिस ने राज्य के दो जिलों से लगभग सौ लोगों को हिरासत में लिया।  मंदसौर जिलेे में 57 लोगोंं के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई हैै।

मप्र के उज्जैन में पिछले हफ्ते राम मंदिर का चंदा जमा करने निकले हिंदूवादी कार्यकर्ताओं का बेगमबाग इलाके में अन्य संप्रदाय के लोगों से विवाद हुआ जिसके बाद पथराव में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए। इसके ठीक बाद इंदौर के गौतमपुरा क्षेत्र में चांदनखेड़ी गाँव में इस तरह की घटना दोहराई गई। इसमें आठ लोग घायल हुए। सत्ताईस लोगों के खिलाफ मुक़दमा दर्ज कराया गया। तीस को गिरफ्तार किया गया। प्रशासन ने गाँव जाने वाले रास्ते के बीच पड़ने वाले पंद्रह मकानों का अतिक्रमण तोड़ा। 

मंगलवार को मंदसौर जिले के डोराना गाँव में हिंदूवादी कार्यकर्ता मस्जिद पर चढ़ गए और भगवा झंडा लहरा दिया। इसका वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने इस मामले में चार एफआई आर दर्ज कीं। हिंदू समूहों की ओर से दो रिपोर्ट दर्ज की गईं। डोराना के बाद बादाखेड़ी में इसी बात को लेकर विवाद की नौबत आई। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। दोनों पक्षों की ओर से मुक़दमा दर्ज कराया गया है। मंदसौर वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य शकील अली ने पुलिस पर मूक दर्शक बने रहने का आरोप लगाया है। इंदौर व मंदसौर जिलों में निषेधाज्ञा लागू की गई। 

पुलिस का कहना है कि उसने शरारती तत्वों को पकड़ लिया है और धर्मस्थलों को कोई क्षति नही पहुँची। दो जिलों में 96 लोग हिरासत में लिए गए, 28 को गिरफ्तार किया गया। 

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